सुल्तानपुर लोकसभा सीट: टिकट तो मिलना ही था, बेटे वरुण के अलावा नहीं थी मेनका गांधी की कोई कमजोर कड़ी
Sultanpur Lok Sabha seat: आठ बार की सांसद मेनका गांधी लगातार क्षेत्र में सक्रिय रही और जनता की समस्याओं के प्रति मुखर भी रहीं।
By Arvind Dubey
Publish Date: Wed, 27 Mar 2024 02:10 PM (IST)
Up to date Date: Wed, 27 Mar 2024 02:16 PM (IST)
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HighLights
- 2014 में वरुण गांधी ने सुल्तानपुर सीट से जीत दर्ज की थी
- 2019 में पार्टी ने बदल दी थी मां बेटे की सीटें
- इस बार वरुण को पीलीभीत से नहीं मिला टिकट
अजय सिंह, सुल्तानपुर। भाजपा ने उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर लोकसभा सीट से मेनका गांधी को प्रत्याशी बनाया है, जबकि उनके बेटे वरुण गांधी को पीलीभीत से टिकट नहीं मिला है। चर्चा यही है कि भाजपा ने मेनका गांधी पर एक बार फिर भरोसा क्यों जताया और वरुण का टिकट क्यों कटा? अब वरुण के पास क्या विकल्प हैं?
Sultanpur Lok Sabha seat: कोई कारण नहीं मेनका का टिकट काटने का
- भाजपा ने भले ही वरुण गांधी को पीलीभीत से टिकट न दिया हो, लेकिन मेनका गांधी का टिकट काटने का पार्टी को कोई कारण नजर नहीं आया।
Pilibhit Lok Sabha seat: अब क्या करेंगे वरुण गांधी
वरुण गांधी को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं रही हैं। भाजपा में एक धड़ा कह रहा है कि पार्टी उन्हें रायबरेली से मैदान में उतार सकती है।
चर्चा यह भी है कि यदि भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। कांग्रेस भी ऑफर दे चुकी है।
वैसे मेनका गांधी ने सभी तरह की अटकलों खारिज किया है और कहा है कि वो 1 अप्रैल को सुल्तानपुर पहुंच रही हैं और सभी मिलकर चुनाव लड़ेंगे।


