हमेशा Low Power Mode पर रखते हैं फोन? हो सकते हैं ये नुकसान

हमेशा Low Power Mode पर रखते हैं फोन? हो सकते हैं ये नुकसान


Low Power Mode चालू होने पर फोन की स्क्रीन का रिफ्रेश रेट कम हो सकता है. इससे स्क्रॉलिंग, एनिमेशन और गेमिंग पहले जैसी स्मूद नहीं लगती है. iPhone में इसका असर ज्यादा महसूस हो सकता है, जबकि Android फोन में एक्सपीरियंस ब्रांड और उसकी सेटिंग्स के अनुसार अलग हो सकता है. कुछ डिवाइस में टाइपिंग के दौरान मिलने वाला हैप्टिक फीडबैक भी बंद हो सकता है.

Low Power Mode चालू होने पर फोन की स्क्रीन का रिफ्रेश रेट कम हो सकता है. इससे स्क्रॉलिंग, एनिमेशन और गेमिंग पहले जैसी स्मूद नहीं लगती है. iPhone में इसका असर ज्यादा महसूस हो सकता है, जबकि Android फोन में एक्सपीरियंस ब्रांड और उसकी सेटिंग्स के अनुसार अलग हो सकता है. कुछ डिवाइस में टाइपिंग के दौरान मिलने वाला हैप्टिक फीडबैक भी बंद हो सकता है.

बैटरी बचाने के लिए यह मोड ऐप्स की बैकग्राउंड एक्टिविटी सीमित करता है. इसका असर ईमेल और दूसरे ऐप्स के अपडेट पर पड़ सकता है. कुछ Android फोन में WhatsApp जैसे मैसेजिंग ऐप्स के नोटिफिकेशन भी देर से आ सकते हैं.

बैटरी बचाने के लिए यह मोड ऐप्स की बैकग्राउंड एक्टिविटी सीमित करता है. इसका असर ईमेल और दूसरे ऐप्स के अपडेट पर पड़ सकता है. कुछ Android फोन में WhatsApp जैसे मैसेजिंग ऐप्स के नोटिफिकेशन भी देर से आ सकते हैं.

iPhone में Low Power Mode चालू रहने पर iCloud Photos का सिंक्रोनाइजेशन रुक सकता है. ऐसे में फोटो और वीडियो का क्लाउड बैकअप समय पर नहीं हो पाएगा. Google Photos और Google Drive जैसे ऐप्स भी बैकग्राउंड में काम करने पर निर्भर करते हैं.

iPhone में Low Power Mode चालू रहने पर iCloud Photos का सिंक्रोनाइजेशन रुक सकता है. ऐसे में फोटो और वीडियो का क्लाउड बैकअप समय पर नहीं हो पाएगा. Google Photos और Google Drive जैसे ऐप्स भी बैकग्राउंड में काम करने पर निर्भर करते हैं.

बैटरी सेवर मोड में iPhone और Android फोन स्क्रीन की अधिकतम ब्राइटनेस घटा सकते हैं. साथ ही स्क्रीन टाइमआउट भी कम हो सकता है, जिससे इस्तेमाल के दौरान स्क्रीन जल्दी बंद हो जाती है. कई फोन में Always-On Display भी बंद हो जाता है.

बैटरी सेवर मोड में iPhone और Android फोन स्क्रीन की अधिकतम ब्राइटनेस घटा सकते हैं. साथ ही स्क्रीन टाइमआउट भी कम हो सकता है, जिससे इस्तेमाल के दौरान स्क्रीन जल्दी बंद हो जाती है. कई फोन में Always-On Display भी बंद हो जाता है.

iPhone में Low Power Mode ज्यादातर समय 5G को सीमित करता है. इसके अलावा बैकग्राउंड एक्टिविटी कम होने से लाइव लोकेशन शेयरिंग जैसे फीचर्स भी प्रभावित हो सकते हैं. बैटरी बचाने के लिए कुछ कनेक्टिविटी सुविधाओं से समझौता करना पड़ सकता है.

iPhone में Low Power Mode ज्यादातर समय 5G को सीमित करता है. इसके अलावा बैकग्राउंड एक्टिविटी कम होने से लाइव लोकेशन शेयरिंग जैसे फीचर्स भी प्रभावित हो सकते हैं. बैटरी बचाने के लिए कुछ कनेक्टिविटी सुविधाओं से समझौता करना पड़ सकता है.

Low Power Mode का मकसद बैटरी को ज्यादा देर तक चलाना है, लेकिन पूरे दिन इसे चालू रखने से हर बार बड़ा फायदा नहीं मिलता है. अगर आप लगातार स्क्रीन और ऐप्स इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कम रिफ्रेश रेट और सीमित बैकग्राउंड एक्टिविटी से होने वाली बचत कम हो सकती है. बैटरी सेवर को पूरे दिन चालू रखने की जगह जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करें. बैटरी बचाने के लिए Always-On Display बंद करना, डार्क मोड अपनाना और गैर-जरूरी ऐप्स की बैकग्राउंड डेटा एक्टिविटी सीमित करना भी मददगार हो सकता है.

Low Power Mode का मकसद बैटरी को ज्यादा देर तक चलाना है, लेकिन पूरे दिन इसे चालू रखने से हर बार बड़ा फायदा नहीं मिलता है. अगर आप लगातार स्क्रीन और ऐप्स इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कम रिफ्रेश रेट और सीमित बैकग्राउंड एक्टिविटी से होने वाली बचत कम हो सकती है. बैटरी सेवर को पूरे दिन चालू रखने की जगह जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करें. बैटरी बचाने के लिए Always-On Display बंद करना, डार्क मोड अपनाना और गैर-जरूरी ऐप्स की बैकग्राउंड डेटा एक्टिविटी सीमित करना भी मददगार हो सकता है.

Published at : 20 Oct 2026 07:37 PM (IST)

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