पाकिस्तान में इजरायल विरोधी प्रदर्शनों में अब तक 11 की मौत, हिंसा के बाद पुलिस ने की गोलाबारी

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पाकिस्तान के कई शहरों में कट्टरपंथी इस्लामिक समूह तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) फिलिस्तीनियों के लिए समर्थन दिखाते हुए इजरायल के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन कर रही है. इस प्रदर्शन ने शुक्रवार (10 अक्टूबर, 2025) और शनिवार (11 अक्टूबर, 2025) को कई शहरों में हिंसक रूप ले लिया, जिसमें अब तक कम से कम 11 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं.

इस्लामिक प्रदर्शनकारियों ने फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए देश की राजधानी इस्लामाबाद की ओर अपना रुख किया, कट्टरपंथी इस्लामिक समूह ने इसे गाजा मार्च का नाम दिया और राजधानी स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई.

लाहौर में टीएलपी का गाजा मार्च और झड़प

कट्टरपंथी इस्लामिक समूह तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) ने गुरुवार (9 अक्टूबर, 2025) को पाकिस्तान के बड़े शहर लाहौर से अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया. दरअसल, टीएलपी ने अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और हमास के बीच दो सालों के संघर्ष के बाद हुए युद्धविराम का विरोध करने के लिए अमेरिकी दूतावास के बाहर व्यापक रूप से विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी. हालांकि, टीएलपी ने यह प्रदर्शन शुरुआत में युद्धविराम को चैलेंज करने के लिए किया था, लेकिन टीएलपी ने बाद में कहा कि अब उनका ध्यान फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता व्यक्त करने की ओर मुड़ गया है.

लाठी-डंडों के साथ हजारों की संख्या में लोगों ने निकाली रैली

एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह विरोध प्रदर्शन टीएलपी प्रमुख साद रिजवी के नेतृत्व में इस्लामाबाद की ओर चला था. इस रैली की शुरुआत शुक्रवार (10 अक्टूबर, 2025) को नमाज के बाद लाहौर के मुल्तान रोड स्थित पार्टी के मुख्यालय से हुई थी. इस रैली में लाठी-डंडे लिए हुए हजारों की संख्या में लोग इस्लामिक नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे. वहीं, पाकिस्तान की पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की और आंसू गैस के गोले भी दागे. लेकिन हजारों की भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया.

इस्लामाबाद और रावलपिंडी तक फैल गई हिंसा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियोज में प्रदर्शनकारियों को सरकारी वाहनों पर कब्जा करते हुए और पब्लिक प्रोपर्टी को नष्ट करते हुए देखा जा सकता है. लाहौर में प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने के बाद इस्लामाबाद और रावलपिंडी में भी हिंसा फैल गई. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरों से हमला शुरू कर दिया. वहीं, लोगों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कंटेनरों को सड़कों पर रख दिया और प्रदर्शनकारियों पर तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे.

अरब न्यूज के मुताबिक, टीएलपी ने दावा किया है कि पिछले तीन दिनों में उसके 11 समर्थक मारे गए और 50 से ज्यादा घायल हो गए. हालांकि, पाकिस्तान के अधिकारिकयों ने अब तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

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