देश की यंगेस्ट IPS बनी उर्मी सिन्हा, महज 21 की उम्र क्रैक किया UPSC

देश की यंगेस्ट IPS बनी उर्मी सिन्हा, महज 21 की उम्र क्रैक किया UPSC


उर्मी सिन्हा 2025 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं, उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंकिंग 170 वीं रैंक हासिल की थी. वही आपको बता दें कि उन्होंने 21 वर्ष की आयु में अपने पहले ही प्रयास में इस परीक्षा को पास किया और सबसे कम उम्र की आईपीएस अधिकारी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया.

उर्मी सिन्हा 2025 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं, उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंकिंग 170 वीं रैंक हासिल की थी. वही आपको बता दें कि उन्होंने 21 वर्ष की आयु में अपने पहले ही प्रयास में इस परीक्षा को पास किया और सबसे कम उम्र की आईपीएस अधिकारी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया.

11 फरवरी 2003 को जन्मी उर्मी सिन्हा ने हैदराबाद, तेलंगाना स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में अपनी ट्रेनिंग पूरी की. उन्होंने 17 अक्टूबर 2026 को 78वें बैच की पासिंग आउट परेड में भाग लिया. इस परेड में 37 महिलाओं सहित 135 आईपीएस ट्रेनी और नेपाल, भूटान और मालदीव के 16 विदेशी अधिकारी ट्रेनी शामिल थे. उर्मी सिन्हा अपने प्रशिक्षण बैच की सबसे कम उम्र की अधिकारी बताई जा रही है.

11 फरवरी 2003 को जन्मी उर्मी सिन्हा ने हैदराबाद, तेलंगाना स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में अपनी ट्रेनिंग पूरी की. उन्होंने 17 अक्टूबर 2026 को 78वें बैच की पासिंग आउट परेड में भाग लिया. इस परेड में 37 महिलाओं सहित 135 आईपीएस ट्रेनी और नेपाल, भूटान और मालदीव के 16 विदेशी अधिकारी ट्रेनी शामिल थे. उर्मी सिन्हा अपने प्रशिक्षण बैच की सबसे कम उम्र की अधिकारी बताई जा रही है.

उर्मी सिन्हा मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली है,  हालांकि उनके परिवार की जड़ें बिहार से जुड़ी है. उनका पालन पोषण पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुआ है, जहां उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. मीडिया रिपोर्ट में उनके गृह राज्य के रूप में भी पश्चिम बंगाल दर्ज है. वहीं उनके पिता डॉक्टर रणजीत सिन्हा हावड़ा में बाल रोग विशेषज्ञ है, जबकि उनकी मां गृहणी है. उनके परिवार की पैतृक जड़ें बिहार के मुंगेर जिले से जुड़ी है. बताया जाता है कि कई साल पहले उनका परिवार पश्चिम बंगाल में हावड़ा में जाकर बस गया, जहां उर्मी ने अपना बचपन बिताया.

उर्मी सिन्हा मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली है,  हालांकि उनके परिवार की जड़ें बिहार से जुड़ी है. उनका पालन पोषण पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुआ है, जहां उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. मीडिया रिपोर्ट में उनके गृह राज्य के रूप में भी पश्चिम बंगाल दर्ज है. वहीं उनके पिता डॉक्टर रणजीत सिन्हा हावड़ा में बाल रोग विशेषज्ञ है, जबकि उनकी मां गृहणी है. उनके परिवार की पैतृक जड़ें बिहार के मुंगेर जिले से जुड़ी है. बताया जाता है कि कई साल पहले उनका परिवार पश्चिम बंगाल में हावड़ा में जाकर बस गया, जहां उर्मी ने अपना बचपन बिताया.

अगर पढ़ाई की बात करें तो और उर्मी सिन्हा ने कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज में राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन की. ग्रेजुएट होने के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और अपने पहले ही प्रयास में आईपीएस में जगह बनाई.

अगर पढ़ाई की बात करें तो और उर्मी सिन्हा ने कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज में राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन की. ग्रेजुएट होने के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और अपने पहले ही प्रयास में आईपीएस में जगह बनाई.

उर्मी सिन्हा की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में हासिल की गई, उपलब्धि उनके प्रारंभिक करियर की बड़ी उपलब्धियां में से एक है. 21 साल की उम्र में उर्मी सिन्हा ने यूपीएससी पास करने के बाद 22 साल की आयु में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा कैडर आवंटित हुआ था. वहीं अब 23 साल की उम्र में वह SVPNPA में पास आउट होकर आंध्र प्रदेश के एक जिले में बतौर ट्रेनी आईपीएस में सेवाएं देती नजर आएंगी.

उर्मी सिन्हा की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में हासिल की गई, उपलब्धि उनके प्रारंभिक करियर की बड़ी उपलब्धियां में से एक है. 21 साल की उम्र में उर्मी सिन्हा ने यूपीएससी पास करने के बाद 22 साल की आयु में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा कैडर आवंटित हुआ था. वहीं अब 23 साल की उम्र में वह SVPNPA में पास आउट होकर आंध्र प्रदेश के एक जिले में बतौर ट्रेनी आईपीएस में सेवाएं देती नजर आएंगी.

आईपीएस उर्मी सिन्हा  को भारतीय पुलिस सेवा का आंध्र प्रदेश कैडर आवंटित किया गया है. 17 अक्टूबर 2026 को SVPNPA में अपने पहले चरण की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वह अपने आंध्र प्रदेश कैडर के जिले में ट्रेनी के रूप में सेवाएं शुरू करेंगी.

आईपीएस उर्मी सिन्हा  को भारतीय पुलिस सेवा का आंध्र प्रदेश कैडर आवंटित किया गया है. 17 अक्टूबर 2026 को SVPNPA में अपने पहले चरण की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वह अपने आंध्र प्रदेश कैडर के जिले में ट्रेनी के रूप में सेवाएं शुरू करेंगी.

SVPNPA के देश की यंगेस्ट आईपीएस ऑफिसर बनने के पहले यह रिकॉर्ड गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी सफिन हसन के नाम था. उन्होंने महज 22 साल की उम्र में आईपीएस बनकर इतिहास रचा था. सफिन के अलावा आईपीएस सचिन अतुलकर, आईपीएस मरीन जोसेफ और आईपीएस अजय प्रताप सिंह के नाम भी देश के युवा आईपीएस की लिस्ट में शामिल है.

SVPNPA के देश की यंगेस्ट आईपीएस ऑफिसर बनने के पहले यह रिकॉर्ड गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी सफिन हसन के नाम था. उन्होंने महज 22 साल की उम्र में आईपीएस बनकर इतिहास रचा था. सफिन के अलावा आईपीएस सचिन अतुलकर, आईपीएस मरीन जोसेफ और आईपीएस अजय प्रताप सिंह के नाम भी देश के युवा आईपीएस की लिस्ट में शामिल है.

Published at : 19 Oct 2026 07:05 PM (IST)

शिक्षा फोटो गैलरी