कॉफी पीने वालों के लिए नेस्कैफे से जुड़ी एक खबर सामने आई है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कंपनी के तीन कॉफी ड्रिंक्स के पैकेट पर दी गई जानकारी को लेकर सवाल उठाए हैं. वहीं, नेस्ले इंडिया का कहना है कि उसके ये प्रोडक्ट्स पीने के लिए सुरक्षित हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्रोडक्ट्स के पैकेट पर सामने की तरफ इन्हें फ्लेवर वाला दूध बताया गया है, जबकि पीछे की तरफ इन्हें डेयरी आधारित पेय के रूप में लिखा गया है.
ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर भी इनके बारे में दी गई जानकारी में अंतर पाया गया है. FSSAI का कहना है कि इन प्रोडक्ट्स को नियमों के अनुसार ‘फलेवर्ड मिल्क’ की श्रेणी में रखा जाना चाहिए. इसी वजह से इनके वर्गीकरण और पैकेट पर दी गई जानकारी को लेकर सवाल उठे हैं.
नेस्ले इंडिया ने क्या कहा?
नेस्ले इंडिया ने कहा है कि नियामक की आपत्ति प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग और वर्गीकरण से जुड़ी है, न कि उनकी सुरक्षा से जुड़ी है. कंपनी के मुताबिक, ये कॉफी ड्रिंक्स खाने-पीने की सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियमों का पालन करते हैं. कंपनी ने यह भी कहा है कि वह FSSAI को इस मामले में अपना जवाब देगी और जरूरी प्रक्रिया में सहयोग करेगी.
किन कॉफी ड्रिंक्स पर उठे सवाल?
FSSAI ने नेस्कैफे के तीन प्रोडक्ट्स की जानकारी और उनके वर्गीकरण पर आपत्ति जताई है. इनमें नेसकेफे इंटेंस कैफे केपिचिनो, नेसकेफे चोको मोका और नेसकेफे चिल्लड लाते शामिल हैं. ये ऐसे कॉफी ड्रिंक्स हैं, जिन्हें सीधे पैकेट या बोतल से पीया जा सकता है. इन्हें बनाने के लिए अलग से कॉफी तैयार करने की जरूरत नहीं होती.
अब आगे क्या होगा?
अब इस मामले में कंपनी के जवाब और नियामक की समीक्षा पर नजर रहेगी. इसके बाद आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जा सकता है. फिलहाल, यह मामला मुख्य रूप से पैकेट पर दी गई जानकारी और प्रोडक्ट्स की श्रेणी से जुड़ा है. नेस्ले ने अपने ड्रिंक्स को सुरक्षित बताया है, जबकि FSSAI की आपत्तियों पर अंतिम स्थिति आगे की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी.
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