डीजल में 5% तक मिलावट शुरू, सस्ते के लिए बायोडीजल मिला रही तेल कंपनियां

डीजल में 5% तक मिलावट शुरू, सस्ते के लिए बायोडीजल मिला रही तेल कंपनियां


डीजल से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. अब तेल कंपनियों ने पेट्रोल में एथेनॉल की तरह डीजल में भी मिलावट शुरू कर दी है. कंपनियां डीजल में 5% तक बायोडीजल की मिलावट कर रही हैं. वैश्विक स्तर पर कच्चा तेल महंगा हो रहा है, लेकिन आम ग्राहकों के लिए डीजल के दाम नहीं बढ़े, जिससे कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. 

IOCL, BPCL और HPCL जैसी देश की बड़ी तेल कंपनियां अब डीजल में 5% तक बायोडीजल मिलाने लगी हैं. दिल्ली में डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर है, जबकि बायोडीजल मिलाने से इसकी लागत 88 रुपए पड़ रही है तो इसे बेचना कंपनियों को सस्ता पड़ रहा है. अभी मिलावट वाला डीजल गुजरात, राजस्थान और दिल्ली-NCR के चुनिंदा पंपों पर मिल रहा है.

प्राइवेट कंपनियों ने महंगा किया डीजल-पेट्रोल

बता दें कि Nayara और Jio-bp जैसी प्राइवेट कंपनियों ने पिछले दिनों पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल पर 3 रुपए बढ़ा दिए थे, जबकि सरकारी कंपनियों ने दाम फ्रीज रखे हैं. सरकारी तेल कंपनियों का दावा है कि हमें पेट्रोल पर 8 रुपए और डीजल पर 9 रुपए लीटर का घाटा हो रहा है.

गौरतलब है कि बायोडीजल सोयाबीन, पाम ऑयल, यूज्ड कुकिंग ऑयल से बनता है. सरकार ने साल 2030 तक डीजल में 5% ब्लेंडिंग का टारगेट रखा है. हालांकि डीजल में अभी भी मिलावट होती है, लेकिन अभी मिलावट 0.5% ही होती है. BIS के IS 1460 नियम के तहत डीजल में 5% बायोडीजल तक मिलाने पर बताना जरूरी नहीं है. ये एडिटिव जैसा है और धुआं 85% कम करता है.

क्यों बढ़े कच्चे तेल के दाम?

दरअसल कच्चा तेल फरवरी में 69 डॉलर था, लेकिन मार्च में ईरान पर अमेरिका के हमलों के बाद पैदा हुए वेस्ट एशिया संकट से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित रही. जो कच्चा तेल पहले 69 डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था, अक्टूबर में वह सप्लाई में रुकावट और शिपिंग चार्ज बढ़ने से अब 122 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. 

पिछले दिनों पेट्रोल में एथेनॉल विवाद के बाद भारत सरकार ने डीजल में एथेनॉल मिलाने की संभावना को खारिज कर दिया था, लेकिन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संकेत दिया था कि डीजल में मिलाने के लिए एक वैकल्पिक घटक के तौर पर बायो-आइसोब्यूटेनॉल का इस्तेमाल किया जा सकता है.

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