द पीस प्रेसिडेंट… नोबेल शांति पुरस्कार के ऐलान से पहले ट्रंप को किसने दी नई उपाधि?

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नोबेल पुरस्कार 2025 के लिए घोषणाओं का सिलसिला जारी है. इस बीच नोबेल शांति पुरस्कार 2025 की घोषणा से ठीक एक दिन पहले अमेरिका के व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘द पीस प्रेसिडेंट’ की नई उपाधि दी है. दरअसल, नोबेल शांति पुरस्कार 2025 के ऐलान के एक दिन पहले ही इजरायल और फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित गाजा शांति योजना के पहले चरण के लिए अपनी सहमति दे दी है. गाजा शांति योजना में इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद व्हाइट हाउस ने ट्रंप को नई उपाधी दे दी.

यह बात जगजाहिर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2025 के नोबेल शांत पुरस्कार पर अपनी नजरें गड़ाए बैठे हैं और इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाने के लिए ट्रंप एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने दुनिया भर के कम से कम सात युद्धों में शांतिदूत की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इसमें उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद मई महीने में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक हुए संघर्ष का जिक्र किया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अब तक कम से कम 60 बार भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष को शांत कराने का दावा किया है. हालांकि, भारत ने बार-बार डोनाल्ड ट्रंप के इस दावा को खारिज किया है. यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा के पटल से ट्रंप के इस दावे को खारिज किया है. वहीं, इजरायल और हमास के गाजा शांति योजना के पहले चरण पर सहमति जताने के बाद व्हाइट हाउस इस घटनाक्रम का लाभ उठाने की पूरी कोशिश कर रहा है.

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए कई वैश्विक नेताओं ने ट्रंप का किया समर्थन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार 2025 दिया जाए, इस बात का ट्रंप के सभी साथी रिपब्लिकन नेताओं ने समर्थन किया है. इतना हीं नहीं, कई वैश्विक नेताओं ने भी डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है. ट्रंप का समर्थन करने वाले देशों में पाकिस्तान का नाम भी शामिल है.

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