बच्चों की हर परेशानी की वजह Phone ही है, घरों में अक्सर मां यही कहती हैं. हर दिक्कत का तो नहीं कह सकते हैं लेकिन कुछ मामलों में मां का कहना एक दम सही साबित होता है. आजकल डाइनिंग टेबल हो, ऑफिस की कैंटीन हो या घर का सोफा, लोग कहीं भी जब कुछ खाते हैं तो एक हाथ में खाने की प्लेट और दूसरे हाथ में होता है Phone. क्या आप जानते हैं कि यह Multitasking आपके शरीर के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ कर रही है?
हम में से ज्यादातर लोग इस आदत के पूरी बुरी तरह आदी हो चुके हैं. लेकिन खाने की टेबल पर Phone का यह इस्तेमाल एक बहुत बुरी लत बन चुका है. हेल्थ और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि यह आपकी सेहत के लिए काफी खतरनाक हो सकता है. अगर आप भी बिना Phone चलाए खाना नहीं खा पाते तो जानें इसके क्या नुकसान हो सकते हैं.
बढ़ जाता है मोटापा
जब आपका पूरा ध्यान Mobile की Screen पर चल रहे Video या फिर चैटिंग पर होता है. तो आपका दिमाग दो अलग-अलग दुनिया में बंट जाता है. Medical Science के मुताबिक हमारे पेट और दिमाग के बीच एक डायरेक्ट न्यूरोलॉजिकल कनेक्शन होता है. जब हम खाना खाते हैं तो पेट करीब 20 मिनट बाद दिमाग को पेट भर जाने का सिग्नल भेजता है. लेकिन जब दिमाग स्क्रीन में खोया रहता है. तो वह इस सिग्नल को पूरी तरह मिस कर देता है.
इसे माइंडलेस ईटिंग यानी बिना सोचे-समझे खाना कहते हैं. नतीजा यह होता है कि आपको पता ही नहीं चलता कि आप कब अपनी भूख से 30 से 40 परसेंट ज्यादा खाना खा गए. इसके साथ ही फोन पर ध्यान होने की वजह से लोग खाने को ठीक से चबाने के बजाय सीधे निगलने लगते हैं. इससे न सिर्फ कैलोरी इनटेक तेजी से बढ़ता है. बल्कि पेट की चर्बी और वजन भी बढ़ने लगता है. अगर आपका वजन तमाम कोशिशों के बाद भी कम नहीं हो रहा तो जिम जाने से पहले खाने की प्लेट से फोन को दूर करके देखिए.

डाइजेस्टिव सिस्टम हो जाता है स्लो
डाइजेशन की शुरुआत पेट में नहीं बल्कि मुंह में होती है. जब हम खाने को देखते हैं और उसकी खुशबू महसूस करते हैं. तो मुंह में लार और पेट में पाचक एंजाइम बनने शुरू होते हैं. लेकिन जब आंखें फोन पर टिकी होती हैं तो शरीर Rest and Digest मोड में जाने की बजाय एक मानसिक तनाव वाली स्थिति में रहता है. स्क्रीन पर आने वाले Notifications, News और Social Media ड्रामा दिमाग में Cortisol यानी स्ट्रेस हार्मोन को बढ़ा देते हैं.
तनाव की हालत में पाचन तंत्र में खून का बहाव कम हो जाता है. जिससे पाचक रस पूरी मात्रा में नहीं निकल पाते. अधचबा खाना जब सीधे पेट में पहुंचता है. तो आंतों को उसे पचाने के लिए बहुत ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है. इसका सीधा असर यह होता है कि खाना पचने के बजाय पेट में सड़ने लगता है. जिससे गैस, ब्लोटिंग, सीने में जलन और एसिडिटी की दिक्कत होने लगती है और लंबे समय में यह आदत पेट के अल्सर और क्रोनिक कब्ज बन सकती है.

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टॉयलेट सीट से भी गंदा फोन
कई रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि एक Phone की स्क्रीन पर टॉयलेट सीट से भी 10 गुना ज्यादा खतरनाक बैक्टीरिया और कीटाणु चिपके होते हैं. हम दिनभर Metro, Office, Lift, Public Toilet और सड़कों पर फोन का इस्तेमाल करते हैं. इसके बाद हाथ धोकर जब हम खाना खाने बैठते हैं. लेकिन खाने के बीच-बीच में उसी गंदे फोन की Screen को उंगलियों से छूते हैं और फिर उसी हाथ से रोटी का निवाला तोड़कर मुंह में डालते हैं.
ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया सीधे खाने के रास्ते आपके पेट में चले जाते हैं जो फूड पॉइजनिंग, डायरिया और आंतों के गंभीर इंफेक्शन की वजह बनते हैं. इसके अलावा स्क्रीन से चिपक कर खाने से परिवार के साथ बातचीत और इमोशनल बॉन्डिंग भी खत्म हो जाती है. इसलिए सेहत और सुकून चाहते हैं तो खाने के 20 मिनट फोन को डाइनिंग टेबल से दूर दूसरे कमरे में रख दीजिए.
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