नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के तीनों राउंड पूरा होने के बाद भी राजस्थान के कई प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटें खाली रह गई है. राज्य के 15 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में कुल 1039 सीटों पर अभी तक एडमिशन नहीं हो पाया है. इस बार राजस्थान में एमबीबीएस की कुल 7,533 सीटों में से 6,494 सीटें आवंटित हुई है. यानी करीब 86.2 प्रतिशत सीटें भर पाई है. वहीं 13.8 फीसदी सीटें खाली है. इन रिक्तियों को लेकर प्राइवेट मेडिकल कॉलेज और काउंसलिंग बोर्ड के बीच विवाद भी सामने आया है. खाली सीटों में 731 सीटें प्राइवेट जनरल मेडिकल की है, जबकि 308 सीटें प्राइवेट मैनेजमेंट कैटेगरी के तहत आती है. दूसरी ओर सरकारी मेडिकल कॉलेज और राजमेस के मेडिकल कॉलेज में सीटें भर चुकी है. बीडीएस की सभी 1,525 सीटें भी आवंटित हो गई है.
राजस्थान में एमबीबीएस की सीट खाली रहने की प्रमुख वजह काउंसलिंग के तीसरे राउंड में लागू किए गए नियमों में बदलाव को बताया जा रहा है. पिछले सत्र में राजस्थान के मूल निवासी उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट पूरी होने के बाद दूसरे राज्यों की अभ्यर्थियों को बची हुई सीटों पर आरक्षण संबंधी नियमों के तहत मौका दिया जाता था. लेकिन 2026-27 सत्र में काउंसलिंग बोर्ड ने सूचना पुस्तिका में क्लोज XI में बदलाव किया है.
इसके तहत तीसरे राउंड में दूसरे राज्यों के आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को राजस्थान की आरक्षण व्यवस्था का लाभ नहीं मिलेगा. ऐसे उम्मीदवारों को खाली सीटों पर सामान्य वर्ग की कट ऑफ के आधार पर ही मौका मिलेगा. इस साल सामान्य वर्ग की न्यूनतम कट ऑफ 213 बताई गई है. प्राइवेट मेडिकल कॉलेज का कहना है कि नियमों में बदलाव के कारण कई सीटें खाली रह गई हैं. वहीं काउंसलिंग बोर्ड का कहना है कि नियम सुप्रीम कोर्ट के आदेश और राजस्थान सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार लागू किए गए हैं. बोर्ड के अनुसार राज्य की आरक्षण व्यवस्था का लाभ राजस्थान के मूल निवासी उम्मीदवारों को ही मिल सकता है.
किस मेडिकल कॉलेज में कितनी सीटें खाली?
- अनंता इंस्टीट्यूट राजसमंद- 26 सीटें
- आर्य मेडिकल कॉलेज जयपुर- 112 सीटें
- बीएस तोमर, साइंस टेक सिटी, जयपुर- 81 सीटें
- भारत विकास मेडिकल संस्थान, कोटा- 130 सीटें
- डॉ. बीएस तोमर संस्थान, जगतपुरा जयपुर- 32 सीटें
- डॉ. एसएस टांटियाय मेडिकल कॉलेज, श्रीगंगानगर- 13 सीटें
- गीतांजलि मेडिकल साइंसेज, जयपुर- 13 सीटें
- गीतांजलि मेडिकल कॉलेज, उदयपुर- 7 सीटें
- जेआईईटी मेडिकल कॉलेज, जोधपुर 151 सीटें
- जेएनयू इंस्टीट्यूट, जयपुर- 62 सीटें
- पैसिफिक इंस्टिट्यूट, उमर्दा, उदयपुर 14 सीटें
- पेसिफिक भीलों का बेडिया, उदयपुर- 79 सीटें
- प्रिंस मेडिकल कॉलेज, सीकर-28 सीटें
- सुधा मेडिकल कॉलेज, कोटा- 157 सीटें
- विकास मेडिकल कॉलेज, जोधपुर- 134 सीटें
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खाली सीटों के लिए होगा ट्रे वैकेंसी राउंड
तीसरे राउंड के बाद बची हुई सीटों को भरने के लिए स्ट्रे वेकेंसी राउंड आयोजित किया जा सकता है. राजस्थान में इसके 15 अक्टूबर के बाद शुरू होने की संभावना है. इस राउंड में पहले चरण में सीट नहीं पाने वाले एलिजिबल उम्मीदवारों को मौका मिल सकता है् स्ट्रे वेकेंसी राउंड में सीट आवंटित होने पर उसे एक्सेप्ट करना जरूरी होगा, ऐसा नहीं करने पर नियमों के अनुसार जुर्माना लग सकता है.
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