क्लाउड स्टोरेज चुनते समय न करें ये गलती, खतरे में पड़ सकता है आपका डेटा

क्लाउड स्टोरेज चुनते समय न करें ये गलती, खतरे में पड़ सकता है आपका डेटा


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  • निजी डेटा की सुरक्षा हेतु प्राइवेसी पॉलिसी समझना महत्वपूर्ण है.

फोन की स्टोरेज भरने लगे या जरूरी फाइलों को कहीं सुरक्षित रखना हो तो क्लाउड स्टोरेज एक आसान ऑप्शन बन जाता है. कुछ ही मिनटों में फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट्स ऑनलाइन सेव किए जा सकते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस सर्विस पर आप अपना डेटा अपलोड कर रहे हैं, वह आपकी जरूरतों और प्राइवेसी के हिसाब से सही भी है या नहीं

जल्दबाजी में चुना गया क्लाउड स्टोरेज आगे चलकर परेशानी बढ़ा सकता है. साथ ही बाद में दूसरी सर्विस पर जाने के लिए फाइलें डाउनलोड करनी पड़ सकती हैं और उन्हें दोबारा अपलोड करना पड़ सकता है. ऐसे में शुरुआत में कुछ बातों को चेक कर लेना जरूरी है. तो आइए जानते हैं कि क्लाउड स्टोरेज चुनते समय कौन-सी गलती न करें

क्लाउड स्टोरेज चुनते समय न करें ये गलती

क्लाउड स्टोरेज चुनने से पहले अपने फोन और दूसरे डिवाइस में मौजूद फाइलों पर नजर डालें. देखें कि फोटो, वीडियो, जरूरी डॉक्यूमेंट और फोन बैकअप कितनी जगह ले रहे हैं. इससे आपको अंदाजा मिल जाएगा कि कितनी स्टोरेज की जरूरत है. अगर आपकी फोटो ही 18GB जगह ले रही है तो 5GB वाला फ्री प्लान सही नहीं होगा. वहीं अगर आपका पूरा डेटा 20GB से कम है, तो सीधे 2TB का प्लान लेना जरूरत से ज्यादा खर्च हो सकता है. 

फ्री स्टोरेज और कीमत देखें

हर सर्विस की सुविधाएं और फ्री स्टोरेज अलग-अलग होती है. Google One 15GB फ्री स्टोरेज देता है और Gmail, Google Docs साथ ही Android के साथ आसानी से काम करता है. Apple का iCloud 5GB फ्री स्टोरेज देता है और Apple डिवाइस के साथ आसानी से काम करता है. OneDrive, Microsoft 365 सब्सक्रिप्शन के साथ मिलता है, जबकि Dropbox का फ्री प्लान सीमित है. Proton Drive जैसी सर्विस प्राइवेसी पर ज्यादा ध्यान देती है. प्लान चुनते समय यह भी चेक करें कि डिलीट हुई फाइलें वापस मिल सकती हैं या नहीं और फाइल शेयर करने के लिए सामने वाले व्यक्ति का उसी प्लेटफॉर्म पर अकाउंट होना जरूरी है या नहीं. 

अपने डिवाइस के हिसाब से चुनें सर्विस

अगर आप Windows लैपटॉप और Android फोन दोनों इस्तेमाल करते हैं, तो ऐसी सर्विस चुनें जो दोनों पर ठीक से काम करे. Apple डिवाइस इस्तेमाल करने वालों के लिए iCloud सुविधाजनक हो सकता है. वहीं अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर लोगों के साथ फाइल शेयर करनी हो, तो Google Drive या Dropbox जैसे ऑप्शन काम आ सकते हैं. 

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निजी डेटा की सुरक्षा पर ध्यान दें

वित्तीय रिकॉर्ड, निजी बातचीत या संवेदनशील डॉक्यूमेंट अपलोड करने से पहले प्राइवेसी पॉलिसी समझें. Google Drive, Dropbox और OneDrive जैसी सेवाओं को तकनीकी रूप से फाइलों तक पहुंच मिल सकती है और उनकी नीतियों के तहत ऑटोमेटेड स्कैनिंग भी हो सकती है. ज्यादा निजी सुरक्षा के लिए Proton Drive जैसी जीरो-नॉलेज सर्विस ऑप्शन हो सकती है, जिसमें एन्क्रिप्शन इस तरह किया जाता है कि सर्विस देने वाली कंपनी भी फाइल का कंटेंट नहीं पढ़ सकती  है. 

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