- लोन की मांग बढ़ने पर भविष्य में ब्याज दरें बढ़ सकती हैं।
आजकल लोग अपनी कमाई का कुछ हिस्सा सेव जरूर कर रहे हैं, ताकि भविष्य में यही बचत के पैसे उनकी जरूरतों को पूरा कर सकें. अगर आप भी FD ने निवेश करते हैं या फिर करने वाले हैं तो यह खबर आपके लिए है. लोग एफडी में निवेश करने से पहले बैंक की ब्याज दरों को जरूर चेक करके हैं, ताकि पता चले सके कि आने वाले समय में बैंक एफडी पर ब्याज दर बढ़ा सकता है या नहीं. अगर एफडी में निवेश करने वाले हैं तो ब्याज दरों को लेकर आया ये अपडेट आपके लिए जरूरी है.
बता दें कि SBI के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने संकेत दिया है कि बैंकिंग सिस्टम में पैसों की उपलब्धता है, जिसकी वजह से आने वाले कुछ समय में एफडी की ब्याज दरों में इजाफा होने की संभावना नहीं है.
आगे चलकर बढ़ सकती हैं ब्याज दरें?
सीएस शेट्टी के मुताबिक, इस समय बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त पैसे हैं, तो ऐसी स्थिति में बैंकों को ज्यादा डिपोजिट जुटाने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने की कोई जरूरत नहीं पड़ रही है. लेकिन हां, ये जरूर है कि अगर आगे चलकर लोन की मांग बढ़ती है तो इसे ध्यान में रखकर कोई फैसला लिया जा सकता है.
3 महीने नहीं बढ़ेंगी FD की दरें
सीएस शेट्टी का मानना है कि एफडी की ब्याज दरें अगले 2 से 3 महीने तक बढ़ने की उम्मीद नहीं है. यानी मतलब साफ है कि अगर 3 महीने तक एफडी की ब्याज दरों में बढ़ोतरी होने की कोई संभावना ही नहीं है तो फिलहाल जिन लोगों को एफडी करवानी है, उन्हें बैंकों के ब्याज दर के बढ़ने का इंतजार करना पड़ सकता है.
इस स्थिति में बढ़ सकती है ब्याज दरें
बड़ी बात ये है कि अगर आने वाले महीनों में लोगों के लोन लेने की डिमांड बढ़ती है तो ऐसी स्थिति में बैंक जब लगातार लोन देंगे तो उन्हें पैसों की जरूरत पड़ेगी, जिसके लिए बैंक लोगों से ज्यादा डिपॉजिट जुटाने के लिए एफडी की ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं. यानी फिलहाल एफडी के ब्याज दरों में बढ़ोतरी होने की कम उम्मीद की जा रही है, लेकिन अगर लोन की मांग बढ़ती है तो एफडी के ब्याज दरों में इजाफा देखने को मिल सकता है.
FD करवाने से पहले जानें जरूरी बात
अगर आपको एफडी करवानी है तो पहले ये जान लें कि अभी अगले कुछ महीनों तक एफडी की ब्याज दरों में बढ़ोतरी होने की कम उम्मीद है. ऐसे में क्या केवल ब्याज दरों के बढ़ने का इंतजार करना चाहिए या अपनी जरूरत के हिसाब से एफडी करवा लेना बेहतर होगा? तो हां, आप अपनी जरूरत के हिसाब से एफडी करवा सकते हैं. ये जरूर है कि अगर लोन की मांग बढ़ेगी तो ऐसी स्थिति में बैंक को पैसों की जरूरत पड़ेगी और बैंक डिपॉजिट जुटाने के लिए एफडी की ब्याज दरों में इजाफा कर सकते हैं.
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