<p style="text-align: justify;">UPSC को देश की सबसे कठिन परिक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों युवा IAS और IPS बनने का सपना लेकर इसकी तैयारी करते हैं, लेकिन सफलता कुछ लोगों की ही मिल पाती है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे युवा की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसने 3 बार UPSC परीक्षा में फेल होने और 8 साल तक बेरोजगार रहने के बाद भी हार नहीं मानी. सुदर्शन रावणकोले, जिन्होंने अपने करियर को एक ऐसा शानदार रीसेट दिया कि आज उन्हें 17 लाख रुपये सालाना का बेहतरीन पैकेज मिला है. </p>
<h3 style="text-align: justify;">इंजीनियरिंग के बाद सिविल सेवा को चुना</h3>
<p style="text-align: justify;">सुदर्शन रावणकोले के इस कड़े संघर्ष की शुरूआत साल 2018 में हुई थी. उन्होंने मातोश्री प्रतिष्ठान स्कूल ऑफ इंजिनियरिंग से कंप्यूटर साइंस एंड इंजिनीयरिंग में B.Tech की डिग्री पूरी की थी. कॉलेज से निकलने के बाद जहां ज्यादातर छात्र IT कंपनियों नौकरी तलाशते हैं, वहीं, सुदर्शन ने देश सेवा और प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला किया. उन्होंने UPSC परीक्षा को अपना लक्ष्य बनाया और दिन-रात पढ़ाई में जुट गए. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. सुदर्शन ने एक के बाद एक लगातार तीन 3 बार UPSC के प्रयास कि, लेकिन तीनों ही बार उन्हें असफलता ही मिली. </p>
<h3 style="text-align: justify;">आठ साल का लंबा गैप</h3>
<p style="text-align: justify;">UPSC की तैयारी और लगातार मिली असफलताओं के कारण सुदर्शन के करियर में 8 साल का एक बहुत बड़ा गैप आ गया. साल 2018 में ग्रेजुएशन करने के बाद से लेकर अब तक उनके पास कोई नौकरी नहीं थी. एक पढ़ा-लिखा युवा होने के बावजूद इतने साल तक बेरोजगार रहना किसी भी छात्र को मानसिक रूप से थका देने वाला होता है. समाज और परिवार का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था, और सुदर्शन को भी समझ आ गया था कि अब <a title="UPSC" href=" data-type="interlinkingkeywords">UPSC</a> की राह छोड़कर कुछ और करना ही बेहतर होगा. </p>
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<h3 style="text-align: justify;">हैदराबाद का रुख और टेक्नोलॉजी में नई उम्मीद</h3>
<p style="text-align: justify;">3 बार नाकाम होने के बाद सुदर्शन ने एक बड़ा फैसला लिया और वह नौकरी की तलाश में हैदराबाद चले गए. वहां उन्होंने क्लाउड टेक्नोलॉजी के बढ़ते स्कॉप को देखते हुए AWS की कोचिंग में दाखिला लिया. शुरूआत में उन्होंने कोचिंग के जरिए इस फिल्ड को समझने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही उन्हें महसूस हुआ कि यह कोर्स उस तरह का नहीं था जैसा वह ढूंढ रहे थे. इसके बाद उन्होंने घर पर रहकर ही Youtube और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की मदद से क्लाउड और डेवऑप्स की बारीकियों को सीखना शुरू किया. </p>
<h3 style="text-align: justify;">कड़ा संघर्ष और मिला 17 लाख का बड़ा जॉब ऑफर</h3>
<p style="text-align: justify;">तकनीकी स्किल्स सीखने के बाद भी सुदर्शन की राह आसान नहीं थी. रिज्यूम में 8 साल का गैप देखकर कंपनियां शुरुआत में उन्हें शॉर्टलिस्ट ही नहीं कर रही थीं और उन्हें लगातार रिजेक्शन का सामना करना पड़ रहा था. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और दिग्गज कंपनी कैरेलॉन ग्लोबल सॉल्यूशंस ने सुदर्शन को डेवऑप्स इंजीनियर के पद पर चुन लिया. कंपनी ने उन्हें 17 लाख रुपये सालाना का शानदार पैकेज ऑफर किया है. सुदर्शन की यह कहानी देश के उन लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो किसी एक परीक्षा में फेल होने के बाद अपनी जिंदगी से उम्मीद खो बैठते हैं.</p>
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