Wi-Fi की स्पीड हो रही है कम? इन ऐप्स से चेक करें कौन चला रहा इंटरनेट

Wi-Fi की स्पीड हो रही है कम? इन ऐप्स से चेक करें कौन चला रहा इंटरनेट


लेकिन जब पता चलता है कि हमारे वाई-फाई का इस्तेमाल कोई और ही चुपचाप कर रहा है. बिना परमिशन के किसी बाहरी शख्स का नेटवर्क इस्तेमाल करने से आपका डेटा भी खत्म होता है और स्पीड सुस्तकमहो जाती है. इसलिए हम आपको कुछ ऐसे बेहतरीन तरीकों और ऐप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप यह आसानी से पता लगा सकते हैं.

लेकिन जब पता चलता है कि हमारे वाई-फाई का इस्तेमाल कोई और ही चुपचाप कर रहा है. बिना परमिशन के किसी बाहरी शख्स का नेटवर्क इस्तेमाल करने से आपका डेटा भी खत्म होता है और स्पीड सुस्तकमहो जाती है. इसलिए हम आपको कुछ ऐसे बेहतरीन तरीकों और ऐप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप यह आसानी से पता लगा सकते हैं.

जब भी आपके वाई-फाई की स्पीड अचानक कम होने लगे तो सबसे पहला काम यह करना चाहिए कि नेटवर्क से जुड़े सभी डिवाइसेज चेक किए जाएं. कई बार हमारे पड़ोसी या आसपास के लोग बिना पूछे हमारा पासवर्ड किसी तरह हासिल कर लेते हैं और फ्री का इंटरनेट चलाने लगते हैं. ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए स्मार्टफोन पर कई नेटवर्क स्कैनर ऐप्स मौजूद हैं.

जब भी आपके वाई-फाई की स्पीड अचानक कम होने लगे तो सबसे पहला काम यह करना चाहिए कि नेटवर्क से जुड़े सभी डिवाइसेज चेक किए जाएं. कई बार हमारे पड़ोसी या आसपास के लोग बिना पूछे हमारा पासवर्ड किसी तरह हासिल कर लेते हैं और फ्री का इंटरनेट चलाने लगते हैं. ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए स्मार्टफोन पर कई नेटवर्क स्कैनर ऐप्स मौजूद हैं.

इन ऐप्स की लिस्ट में सबसे पहला नाम Fing - Network Scanner का आता है जो दुनिया भर में काफी पॉपुलर है. यह ऐप आपके वाई-फाई राउटर से कनेक्ट होने वाले हर छोटे-बड़े डिवाइस को चुटकियों में स्कैन करके बाहर निकाल लेता है. जैसे ही आप इसे ओपन करेंगे यह तुरंत बता देगा कि इस समय आपके ब्रॉडबैंड से कुल कितने और कौन-कौन से गैजेट्स कनेक्ट हैं.

इन ऐप्स की लिस्ट में सबसे पहला नाम Fing – Network Scanner का आता है जो दुनिया भर में काफी पॉपुलर है. यह ऐप आपके वाई-फाई राउटर से कनेक्ट होने वाले हर छोटे-बड़े डिवाइस को चुटकियों में स्कैन करके बाहर निकाल लेता है. जैसे ही आप इसे ओपन करेंगे यह तुरंत बता देगा कि इस समय आपके ब्रॉडबैंड से कुल कितने और कौन-कौन से गैजेट्स कनेक्ट हैं.

इस ऐप की सबसे अच्छी बात यह है कि यह सिर्फ डिवाइस के नाम ही नहीं बल्कि उनका आईपी एड्रेस और मैक एड्रेस भी खुलकर सामने रख देता है. अगर लिस्ट में कोई ऐसा नाम दिखाई देता है जिसे आप बिल्कुल नहीं जानते या जो आपका अपना नहीं है तो समझ लीजिए कि वही आपके इंटरनेट की स्पीड चुरा रहा है. आप आसानी से ऐसे अननोन डिवाइस की पहचान कर सकते हैं.

इस ऐप की सबसे अच्छी बात यह है कि यह सिर्फ डिवाइस के नाम ही नहीं बल्कि उनका आईपी एड्रेस और मैक एड्रेस भी खुलकर सामने रख देता है. अगर लिस्ट में कोई ऐसा नाम दिखाई देता है जिसे आप बिल्कुल नहीं जानते या जो आपका अपना नहीं है तो समझ लीजिए कि वही आपके इंटरनेट की स्पीड चुरा रहा है. आप आसानी से ऐसे अननोन डिवाइस की पहचान कर सकते हैं.

फिंग के अलावा Who Is On My WiFi नाम का ऐप भी इस काम के लिए बेहद असरदार और शानदार साबित होता है. यह ऐप भी आपके लोकल नेटवर्क को पूरी गहराई से स्कैन करता है और पता लगा लेता है. इसका यूजर इंटरफेस काफी आसान है. जिससे कोई भी आम इंसान बिना किसी टेक्निक्ल नाॅलेज के इसे आसानी से अपने फोन में चला सकता है.

फिंग के अलावा Who Is On My WiFi नाम का ऐप भी इस काम के लिए बेहद असरदार और शानदार साबित होता है. यह ऐप भी आपके लोकल नेटवर्क को पूरी गहराई से स्कैन करता है और पता लगा लेता है. इसका यूजर इंटरफेस काफी आसान है. जिससे कोई भी आम इंसान बिना किसी टेक्निक्ल नाॅलेज के इसे आसानी से अपने फोन में चला सकता है.

तीसरा ऐप Network Analyzer है जो वाई-फाई की स्पीड और उससे जुड़े लोड को बारीकी से मॉनिटर करने में मदद करता है. इन सभी ऐप्स की मदद से न सिर्फ चोरों का पता चलता है बल्कि आप यह भी देख पाते हैं कि किस डिवाइस पर कितना डेटा इस्तेमाल हो रहा है. इससे आपको यह समझने में आसानी होती है कि आपका वाई-फाई कहां और कैसे इस्तेमाल हो रहा है.

तीसरा ऐप Network Analyzer है जो वाई-फाई की स्पीड और उससे जुड़े लोड को बारीकी से मॉनिटर करने में मदद करता है. इन सभी ऐप्स की मदद से न सिर्फ चोरों का पता चलता है बल्कि आप यह भी देख पाते हैं कि किस डिवाइस पर कितना डेटा इस्तेमाल हो रहा है. इससे आपको यह समझने में आसानी होती है कि आपका वाई-फाई कहां और कैसे इस्तेमाल हो रहा है.

एक बार जब आपको यह पता चल जाए कि कोई बाहरी व्यक्ति आपका इंटरनेट बिना परमिशन के इस्तेमाल कर रहा है. तो आप तुरंत कड़े कदम उठा सकते हैं. आप अपने वाई-फाई राउटर के एडमिन पेज पर जाकर उसका पासवर्ड तुरंत बदल सकते हैं. इसके अलावा राउटर सेटिंग्स में जाकर उस संदिग्ध डिवाइस के मैक एड्रेस को हमेशा के लिए ब्लॉक भी किया जा सकता है.

एक बार जब आपको यह पता चल जाए कि कोई बाहरी व्यक्ति आपका इंटरनेट बिना परमिशन के इस्तेमाल कर रहा है. तो आप तुरंत कड़े कदम उठा सकते हैं. आप अपने वाई-फाई राउटर के एडमिन पेज पर जाकर उसका पासवर्ड तुरंत बदल सकते हैं. इसके अलावा राउटर सेटिंग्स में जाकर उस संदिग्ध डिवाइस के मैक एड्रेस को हमेशा के लिए ब्लॉक भी किया जा सकता है.

अगर वाईफाई में ज्यादा लोग नहीं जुड़े और कोई बाहरी में इस्तेमाल नहीं कर रहा. मगर फिर भी वाई-फाई की स्पीड कम हो गई है तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल वाईफाई ऑपरेटर से चेक जरूर करवाएं और समय-समय पर अपने नेटवर्क की सेफ्टी चेक करते रहें. इन स्मार्ट ऐप्स का इस्तेमाल करके आप न केवल अपने ब्रॉडबैंड की स्पीड को वापस सुपरफास्ट बना सकते हैं.

अगर वाईफाई में ज्यादा लोग नहीं जुड़े और कोई बाहरी में इस्तेमाल नहीं कर रहा. मगर फिर भी वाई-फाई की स्पीड कम हो गई है तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल वाईफाई ऑपरेटर से चेक जरूर करवाएं और समय-समय पर अपने नेटवर्क की सेफ्टी चेक करते रहें. इन स्मार्ट ऐप्स का इस्तेमाल करके आप न केवल अपने ब्रॉडबैंड की स्पीड को वापस सुपरफास्ट बना सकते हैं.

Published at : 04 Oct 2026 04:03 PM (IST)

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