दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 के भारतीय पायलट स्मित माछर की बहादुरी की हर कोई तारीफ कर रहा है. उन्होंने विमान को तब क्रैश होने से बचाया जब उनके को-पायलट ने उन पर चाकू से हमला कर दिया. मगर फ्लाइट में कुछ ऐसे लग भी मौजूद थे जिन्होंने अपनी बहादुरी से फ्लाइट को क्रैश होने से बचाया और उसकी सुरक्षित लैंडिंग करवाई. इस फ्लाइट में पायलट स्मित माछर के अलावा 4 और हीरो थे.
इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, माछर उन कई लोगों में से एक हैं जिन्हें हीरो माना जाता है क्योंकि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना हमलावर से प्लेन का कंट्रोल छीन लिया था. इजराइल के Ynet न्यूज़ के अनुसार, चार इजराइली नागरिक तेजी से कॉकपिट की ओर दौड़े और हमलावर को काबू करने में क्रू की मदद की. इसके बाद, ड्यूटी पर न होने वाले दो पायलटों ने प्लेन का कंट्रोल संभाला और उसे देश के एक छोटे से एयरपोर्ट पर उतारा. आपको प्लेन में मौजूद उन 5 हीरो के बारे में बताते हैं.
स्मित माछर
भारतीय पायलट स्मित माछर ने चाकू से हमला होने के बाद भी अपनी बहादुरी से कॉकपिट का लॉक खोल दिया. जिसकी वजह से यात्री और क्रू उनकी मदद के लिए अंदर आ सके और बड़ी दुर्घटना से बच जाएं. स्मित खून से लतपत थे. उनका इलाज सऊदी अरब के तबुक शहर के एक अस्पताल में चल रहा है. इमरजेंसी सिग्नल भेजने के बाद उनकी फ़्लाइट को वहीं डायवर्ट किया गया था.
यानिव हायुन
इजराइली पीएम के ऑफिस से शेयर किए गए एक वीडियो में नेतन्याहू को तेल अवीव एयरपोर्ट पर हायुन से मिलते हुए दिखाया गया. पेशे से प्लंबर हायुन जब इजराइल पहुंचे, तो उनकी शर्ट पर खून के धब्बे थे, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें कोई चोट नहीं लगी थी. हायुन ने बताया कि विमान के रास्ते को ठीक करने में मदद करने से पहले, उन्होंने कॉकपिट में घुसकर संदिग्ध हमलावर को कंट्रोल से हटाया था.
असाफ राजुआन
इंश्योरेंस एजेंसी के मालिक असाफ राजुआन ने Ynet को बताया कि वह थाईलैंड में छुट्टियां मनाकर लौट रहे थे, तभी उनकी फ्लाइट का माहौल किसी हॉरर फिल्म जैसा हो गया. उन्होंने कहा, प्लेन का कंट्रोल छूट गया और वह 90-डिग्री के एंगल पर नीचे की ओर जाने लगा. हमें एहसास हुआ कि प्लेन पर अब कोई कंट्रोल नहीं रहा और कुछ अनहोनी हो गई है.
राजुआन उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने को-पायलट को काबू करने में मदद की. उन्होंने बताया कि कॉकपिट का दरवाजा खुला था और यात्रियों ने देखा कि कॉकपिट खून से भर रहा था. उन्होंने कहा, लोग अंदर गए. ज़्विका मेन्स नाम का एक व्यक्ति मुझसे पहले वहां पहुंच गया था. मैं दो और लोगों के साथ अंदर गया और हमने हमलावर को काबू करने की कोशिश की, जिसमें हम कामयाब रहे.
ज़्विका मेन्स
बैंक लेउमी की अंडरराइटिंग कंपनी के CEO ज़्विका मानेस भी उन यात्रियों में शामिल थे जिन्होंने अफरातफरी के माहौल में सबसे पहले स्थिति को संभालने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि फ्लाइट में बांटे गए मल्टीमीडिया हेडफ़ोन के केबल का इस्तेमाल करके उन्होंने हमलावर को काबू करने में मदद की. मानेस ने याद करते हुए कहा, “वहां बहुत खून-खराबा था. प्लेन तेजी से नीचे की ओर गोता लगाने लगा, जैसे हॉरर फिल्मों में होता है. चारों तरफ चीख-पुकार मची थी. जब तक पायलट ने प्लेन को संभाला, तब तक का समय बहुत मुश्किल भरा था.
शोता मुसायेव
डेंटिस्ट शोता मुसाएव ने Ynet को बताया कि शुरू में वे संदिग्ध हमलावर से निपटने में मदद करने के लिए कॉकपिट की ओर भागे. उस आदमी को काबू में करने के बाद, डेंटिस्ट जो कथित तौर पर फ़्लाइट में मौजूद एकमात्र डॉक्टर थे ने बुरी तरह घायल कैप्टन की ओर ध्यान दिया. उन्होंने बताया कि कैप्टन की हालत बहुत खराब थी और उनके सिर और हाथों से बहुत ज़्यादा खून बह रहा था.
उन्होंने कहा, “मैं प्लेन में अकेला डॉक्टर था. मैंने खून बहना रोक दिया था और पायलट की हालत लैंडिंग से कुछ समय पहले तक काफी स्थिर थी, लेकिन फिर उनकी हालत थोड़ी बिगड़ गई.”
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