UPI चार्ज से पहले ATM में भरा जा रहा कैश! बैंकों ने कर ली तैयारी?

UPI चार्ज से पहले ATM में भरा जा रहा कैश! बैंकों ने कर ली तैयारी?


कुछ दिन पहले ही यानी 15 सितंबर से सरकार ने यूपीआई ट्रांजैक्शन के ऊपर MDR चार्जेस लगाने की घोषणा की है. ये नियम 15 अक्टूबर से लागू किया जाएगा. जिसके तहत 2 हजार रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन के ऊपर MDR चार्ज लगेंगा. ये चार्ज मर्चेंट्स को देना होगी. इसी बीच कुछ खबरें ऐसी भी सामने आ रही हैं कि RBI और वित्त मंत्रालय ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वो अबसे एटीएम को फुल रखें.

दरअसल एक न्यूज पेपर में ऐसी खबर छपी है कि RBI यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और वित्त मंत्रालय ने बैंकों को निर्देश दिए हैं, कि वो ATM का स्टॉक फुल रखें. ऐसे निर्देश उन्होंने UPI फीस की घोषणा के बाद कहा है. क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि यूपीआई फीस लागू होने के बाद लोग कैश की ओर ज्यादा रुख करेंगे. लेकिन अब सरकार की तरफ से इस खबर की सच्चाई उजागर कर दी गई है.

क्या है खबर की सच्चाई?
वहीं अब इस खबर की सच्चाई सरकार की एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने उजागर कर दी है. पीआईबी ने अपने ऑफिशियल X (पहले ट्विटर) अकाउंट के जरिए एक पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट में उन्होंने इस न्यूज पेपर की कटिंग को शेयर किया है. इसके साथ इस पर बड़े अक्षरों में लिखा है FAKE. इसका मतलब है कि ये खबर पूरी तरह निराधार है.

इस पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया है, ‘इस न्यूज पेपर क्लिपिंग की हैडलाइन में जो क्लेम किया गया है कि यूपीआई फील के लागू होने के बाद बैंकों को एटीएम का स्टॉक फुल रखना पड़ेगा. पीआईबी फैक्ट चेक के मुताबिक ये क्लेम फेक है. RBI या वित्त मंत्रालय के द्वारा ऐसा कोई भी निर्देश नहीं दिया गया है, कि 15 अक्टूबर को यूपीआई फीस लागू होने के बाद एटीएम का स्टॉक फुल रखना होगा.’

सावधान रहें, सतर्क रहें
इसके अलावा पीआईबी ने ये भी कहा है कि ऐसी किसी खबर के झांसे में ना आएं, केंद्र सरकार की किसी भी खबर या सोशल पोस्ट पर शक हो तो पीआई फैक्ट चेक से उसे कंफर्म कर सकते हैं.

बता दें कि पीआईबी फैक्ट चेक सरकारी एजेंसी है, जो सोशल मीडिया के जरिए इस तरह की खबरों और वायरल वीडियोज और पोसट की पड़ताल करती है और लोगों को धोखाधड़ी से बचाती है.

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