बिजली का बिल कम करने के लिए आजकल कई लोग घर पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सोलर पैनल से वॉशिंग मशीन जैसी ज्यादा बिजली लेने वाली मशीन चलाई जा सकती है? इसका जवाब है हां. सही क्षमता का सोलर सिस्टम, इन्वर्टर और जरूरत के हिसाब से बैटरी होने पर वॉशिंग मशीन आसानी से चलाई जा सकती है. हालांकि, कितने kW का सिस्टम चाहिए, यह वॉशिंग मशीन की मोटर और घर में एक साथ चलने वाले दूसरे उपकरणों पर निर्भर करता है.
कितनी बिजली लेती है वॉशिंग मशीन?
वॉशिंग मशीन की बिजली खपत उसके मॉडल, क्षमता और इस्तेमाल होने वाले मोड पर निर्भर करती है. सामान्य टॉप-लोड और फ्रंट-लोड वॉशिंग मशीन की रेटेड पावर अक्सर करीब 500 से 2,000 वाट तक हो सकती है. अगर मशीन में पानी गर्म करने की सुविधा है तो बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है. इसलिए सिर्फ मशीन के नाम से सोलर पैनल की क्षमता तय नहीं की जाती. मशीन पर दिए गए पावर लेबल या मैनुअल में उसकी रेटेड पावर जरूर देखनी चाहिए.
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कितने kW का सोलर सिस्टम चाहिए?
अगर घर में सिर्फ वॉशिंग मशीन चलानी है तो उसकी पावर के हिसाब से सिस्टम चुना जा सकता है. मान लीजिए की , 1,000 वाट यानी 1 kW की मशीन के लिए कम से कम इतनी क्षमता का इन्वर्टर जरूरी है जो मशीन का लोड संभाल सके. लेकिन सोलर सिस्टम को सिर्फ मशीन की पावर के बराबर रखना हमेशा सही नहीं होता. मोटर स्टार्ट होते समय कुछ समय के लिए ज्यादा बिजली खींच सकती है. अगर वॉशिंग मशीन के साथ पंखा, फ्रिज, टीवी या दूसरी चीजें भी चलानी हैं तो करीब 2 से 3 kW का सोलर सिस्टम ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है. हालांकि, सही क्षमता घर के कुल लोड और रोजाना बिजली की जरूरत देखकर तय की जाती है.
बैटरी और इन्वर्टर का भी रखें ध्यान
सिर्फ सोलर पैनल लगाने से काम पूरा नहीं होता. वॉशिंग मशीन चलाने के लिए सही क्षमता वाला सोलर इन्वर्टर भी जरूरी है. अगर मशीन दिन में धूप के समय चलाई जाती है तो सोलर पैनल से मिलने वाली बिजली सीधे इस्तेमाल की जा सकती है. वहीं शाम या रात में मशीन चलानी है तो बैटरी बैकअप की जरूरत पड़ सकती है. सोलर सिस्टम लगवाने से पहले वॉशिंग मशीन की रेटेड पावर, घर का कुल लोड, रोजाना इस्तेमाल का समय और आपके इलाके में मिलने वाली धूप को ध्यान में रखना चाहिए. अगर मशीन में हीटिंग का फीचर है तो सिस्टम की क्षमता ज्यादा रखनी पड़ सकती है. इसलिए इंस्टॉलेशन से पहले किसी योग्य सोलर इंस्टॉलर से लोड कैलकुलेशन करवाना बेहतर रहता है.
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