<p style="text-align: justify;">पाकिस्तान सेना में वरिष्ठ स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है. सितंबर के तीसरे सप्ताह में सामने आई नियुक्तियों के मुताबिक मेजर जनरल आदिल इफ्तिखार वाराइच को पाकिस्तान की मिलिट्री इंटेलिजेंस का नया महानिदेशक बनाया गया है. इसके साथ ही ISI और सेना की कई अहम कमान में भी नए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है.</p>
<p style="text-align: justify;">इस फेरबदल में मेजर जनरल मोहम्मद शमरियाज खान की नियुक्ति भी खास है. उन्हें ISI के DG-S पद की जिम्मेदारी दी गई है. रिपोर्टों के मुताबिक इससे पहले वह पाकिस्तान रेंजर्स सिंध के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे. हालांकि उनकी नई खुफिया जिम्मेदारी से जुड़ी कई डिटेल जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सीमित है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आदिल वाराइच बने मिलिट्री इंटेलिजेंस के प्रमुख</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पाकिस्तान सेना में हुए बदलाव के तहत मेजर जनरल आदिल इफ्तिखार वाराइच को Director General Military Intelligence (DGMI) नियुक्त किया गया है. वह इससे पहले 7 इन्फैंट्री डिवीजन समेत फील्ड कमान से जुड़ी जिम्मेदारियों में रहे हैं. नई नियुक्ति के साथ वह पाकिस्तान के सैन्य खुफिया ढांचे की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे.मिलिट्री इंटेलिजेंस पाकिस्तान सेना की अपनी सैन्य खुफिया व्यवस्था है, जबकि ISI देश की प्रमुख इंटर-सर्विसेज खुफिया एजेंसी है. दोनों की जिम्मेदारियां अलग-अलग हैं, हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई मामलों में इनके काम आपस में जुड़े हो सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ISI में भी कई अधिकारियों की नई तैनाती</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रिपोर्टों के अनुसार मेजर जनरल साजिद महमूद को ISI में DG-Z की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं मेजर जनरल मोहम्मद शमरियाज़ खान को DG-S बनाया गया है. मेजर जनरल खुर्रम शब्बीर को ISI से हटाकर 17 इन्फैंट्री डिवीजन की कमान सौंपे जाने की भी रिपोर्ट है. पाकिस्तान सेना के इस फेरबदल में फील्ड कमान और दूसरे सुरक्षा संगठनों में भी कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. रिपोर्टों में इसे वरिष्ठ स्तर पर व्यापक बदलाव बताया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कौन हैं मेजर जनरल मोहम्मद शमरियाज़ खान?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मेजर जनरल मोहम्मद शमरियाज खान पाकिस्तान सेना के आर्टिलरी कोर से आते हैं और 90वें PMA लॉन्ग कोर्स के अधिकारी बताए जाते हैं. उपलब्ध सैन्य रिकॉर्ड के मुताबिक वह पहले पाकिस्तान रेंजर्स सिंध के महानिदेशक के पद पर रह चुके हैं. इससे पहले वह 17 इन्फैंट्री डिवीजन के GOC भी रहे हैं. 17 इन्फैंट्री डिवीजन की कमान में उनका अनुभव भी इस नियुक्ति के संदर्भ में चर्चा में है. हालांकि, उनके पिछले सैन्य पदों के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना कि ISI में उनकी नई नियुक्ति का उद्देश्य भारत के खिलाफ किसी खास अभियान को आगे बढ़ाना है, अभी पुष्ट तथ्य के तौर पर नहीं कहा जा सकता.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ISI के DG-S पद को लेकर क्यों है चर्चा?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पाकिस्तान की खुफिया व्यवस्था में ISI के अलग-अलग डायरेक्टरेट को विशेष जिम्मेदारियां दी जाती हैं. रिपोर्टों में DG-S को ISI के एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल पद के रूप में बताया गया है. कुछ भारतीय सुरक्षा सूत्रों का दावा है कि इस पद का जम्मू-कश्मीर से जुड़े अभियानों में महत्व हो सकता है. हालांकि, इस पद की वास्तविक मौजूदा जिम्मेदारियों और भारत के खिलाफ किसी विशेष ऑपरेशन से इसके सीधे संबंध को लेकर सार्वजनिक रूप से पर्याप्त स्वतंत्र जानकारी उपलब्ध नहीं है. इसलिए ऐसे दावों को फिलहाल सूत्रों की जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए. एक हालिया रिपोर्ट ने भी DG-S की सटीक ऑपरेशनल जिम्मेदारियों और कथित प्रॉक्सी ऑपरेशन से जुड़े दावों को स्वतंत्र रूप से पुष्ट न होने की बात कही है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शहाब असलम की जगह नया अधिकारी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मेजर जनरल मोहम्मद शहाब असलम को DG-S की जिम्मेदारी से हटाया गया है और उनकी जगह मोहम्मद शमरियाज़ खान को लाया गया है. शहाब असलम पहले से ISI के डायरेक्टरेट से जुड़े रहे हैं और उपलब्ध सैन्य रिकॉर्ड में उनका नाम ISI से जुड़ी पोस्टिंग के साथ दर्ज है. कुछ भारतीय सुरक्षा सूत्र इस बदलाव को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े अभियानों के संदर्भ में देख रहे हैं. इन सूत्रों की ओर से शहाब असलम के कार्यकाल में 74 आतंकी हमलों का दावा भी किया गया है. हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से इस आंकड़े और इन सभी घटनाओं को सीधे उनके कार्यकाल से जोड़ने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>BAT हमलों को लेकर भी उठे सवाल</strong></p>
<p style="text-align: justify;">भारतीय सुरक्षा सूत्रों के हवाले से यह आशंका जताई जा रही है कि नए DG-S की नियुक्ति के बाद पाकिस्तान की तरफ से जम्मू-कश्मीर में पुराने तरीकों का इस्तेमाल दोबारा बढ़ सकता है. इनमें Border Action Team (BAT) जैसी कार्रवाई का नाम लिया जा रहा है, जिसमें LoC के आसपास सैन्यकर्मियों और आतंकियों के मिश्रित समूहों के इस्तेमाल के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि मेजर जनरल शमरियाज़ खान की नियुक्ति के बाद ऐसी किसी कार्रवाई की योजना बनाई गई है.</p>
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