- वैश्विक तनाव, केंद्रीय बैंक खरीद ने कीमतें बढ़ाईं.
आज, 19 सितंबर 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिल रही है. आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया है. वहीं, 22 कैरेट का सोना भी 1.44 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है.
प्रमुख शहरों में आज सोने की कीमत
| शहर | 24 कैरेट सोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट सोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम) |
| दिल्ली | 1,54,580 रुपये | 1,44,850 रुपये |
| मुंबई | 1,54,430 रुपये | 1,44,350 रुपये |
| बेंगलुरु | 1,54,420 रुपये | 1,44,300 रुपये |
| चेन्नई | 1,54,430 रुपये | 1,41,560 रुपये |
चांदी की ताजा कीमत
आज चांदी की कीमत में भी तेजी देखने को मिल रही है. इसकी औसत कीमत 2,50,100 प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई है. मजबूत वैश्विक रुख के बीच शुक्रवार को वायदा कारोबार में चांदी की कीमत 1.25% की तेजी के साथ 2,41,183 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई.
मल्टी कमोडिटी एक्स्चेंज में चांदी के दिसंबर महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 27 रुपये यानी 1.25% की तेजी के साथ 2,41,183 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया. इसमें 3,082 लॉट का कारोबार हुआ.
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार विश्लेषकों ने कहा कि घरेलू बाजार में मजबूती के रुख के कारण कारोबारियों द्वारा ताजा सौदों की लिवाली करने से चांदी वायदा कीमतों में तेजी आई.
आमतौर पर जब घरेलू हाजिर बाजार में मांग मजबूत होती है, तो MCX जैसे कमोडिटी एक्सचेंजों पर कारोबारी भविष्य में कीमतों के और बढ़ने की उम्मीद में ताजा सौदों की लिवाली (शुरू कर देते हैं, जिससे वायदा कीमतों को सीधा सपोर्ट मिलता है. वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में चांदी की कीमत 2.39% की तेजी के साथ 66.78 डॉलर प्रति औंस हो गई है.
क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, तेल रिफाइनरी और पाइपलाइनों पर हालिया हमलों और ग्लोबल टैरिफ को लेकर जारी जारी खींचतान ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है. जोखिम बढ़ने की स्थिति में निवेशक अपनी पूंजी बचाने के लिए ‘सेफ हेवन’ के तौर पर सोने की तरफ रुख करते हैं, जिससे डिमांड बढ़ जाती और कीमतों में उछाल आता है.
ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों को सबसे बड़ा सहारा दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों से भी मिल रहा है. Goldman Sachs, भारत में RBI और चीन जैसे देशों के केंद्रीय बैंक अपनी विदेशी मुद्रा भंडार की निर्भरता अमेरिकी डॉलर से घटाने के लिए लगातार बड़े पैमाने पर सोने की खरीदारी कर रहे हैं. इससे भी कीमतें बढ़ रही हैं.
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