- MDR से बैंकिंग-UPI सेक्टर को ₹15-20 हजार करोड़ आय।
आज के समय में ऑनलाइन पेमेंट करना हर व्यक्ति की पहली पसंद है. UPI के जरिए पेमेंट करने के फायदे भी काफी हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि आप चाहे कहीं भी हो आप UPI के जरिए किसी को भी पैसे भेज सकते हैं और किसी से भी पैसे रिसीव कर सकते हैं. ऐसे में UPI के जरिए पेमेंट करने को लेकर लोगों को आने वाले समय में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है.
दरअसल, नए नियम के तहत अगर 2000 से ज्यादा की UPI से पेमेंट की जाती है तो उस पर MDR चार्ज लगाया जा सकता है. ऐसे में अब सवाल ये उठता है कि अगर UPI पेमेंट पर MDR लागू होने से सरकार की हर साल कितनी कमाई होगी?
कितने प्रतिशत लगेगा MDR?
जानकारी के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति किसी दुकान से 2000 से ज्यादा का सामान खरीदता है और उसकी पेमेंट UPI के जरिए करता है तो उसपर 0.4 प्रतिशत का MDR लगाया जाएगा. हां, ये जरूर है कि ये चार्ज ग्राहक को नहीं देना होगा. ग्राहक ने अगर 3000 का सामान खरीदा है तो उसे केवल 3000 रुपये का ही भुगतान करना है, न की उसपर लगने वाले MDR का. लेकिन अब इससे UPI से जुड़े बैंक और Fintech कंपनियों को एक्स्ट्रा रेवेन्यू मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है.
हर साल कितने हजार करोड़ की होगी कमाई?
MDR लागू होने के बाद UPI और Banking सेक्टर की करोड़ों रुपये की हर साल की कमाई हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, UPI और Banking सेक्टर की कमाई की बात करें तो लगभग 15,000 करोड़ से 20,600 करोड़ तक की अतिरिक्त कमाई हो सकती है.
नया नियम कब से होगा लागू?
बता दें कि 2000 से ज्यादा के चुनिंदा पर्सन-टू- मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू 15 अक्टूबर 2026 से किया जाने वाला है. हालांकि, एक बात को समझना काफी जरूरी है कि 15000 करोड़ से 20,600 करोड़ ये रकम सरकार की कमाई की नहीं है, बल्कि ये UPI और बैंकिंग सेक्टर में होने वाली अनुमानित कमाई बताई गई है.
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क्या आम लोगों को देना होगा MDR?
UPI पेमेंट पर MDR लागू होने की बात के बाद आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या चार्ज उनको देना होगा? तो असल में ऐसा नहीं है. MDR सीधे ग्राहक से नहीं लिया जाएगा.
- अगर आप अपने दोस्त या परिवार को UPI के जरिए पैसे भेज रहे हैं या फिर उनसे रिसीव कर रहे हैं तो उसपर कोई भी चार्ज नहीं लगेगा. चाहे आप 2000 भेजे या फिर 20,000 भेजते हैं.
- वहीं 2000 से ज्यादा के Eligible merchant payment पर MDR लागू होता है.
- हालांकि, यह चार्ज ग्राहक से नहीं लिया जाएगा, बल्कि योग्य मर्चेंट को देना होगा, न की ग्राहक को.
- अगर ग्राहक 2000 से कम या ज्यादा की भी पेमेंट करता है उसके बावजूद ये चार्ज उसको नहीं देना होगा.
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