पिछले कुछ समय में भारत में UPI पेमेंट का क्रेज काफी बढ़ गया है. कहीं भी छोटी- बड़ी हर तरह की पेमेंट करने के लिए लोग सबसे पहले फोन ही निकालते हैं. आज छोटे दुकानदार से लेकर बड़े स्टोर तक UPI से पेमेंट लेना आम हो गया है. किराना स्टोर, मेडिकल स्टोर या सड़क किनारे खाने की दुकान लगभग हर जगह QR कोड के जरिए UPI पेमेंट किया जा सकता है. इसके बढ़ते इस्तेमाल का सबसे ज्यादा असर डेबिट कार्ड पर पड़ा है.
UPI क्यों बन गया सबसे पसंदीदा?
UPI की सबसे बड़ी खासियत इसकी आसानी और तेजी है. ग्राहक मोबाइल से QR कोड स्कैन करके सीधे बैंक खाते से पैसे भेज सकता है. इसके लिए कार्ड निकालने, मशीन में लगाने या PIN डालने की जरूरत नहीं पड़ती. इसी वजह से छोटे से छोटे दुकानदार भी UPI को आसानी से अपना रहे हैं.
घट रहा डेबिट कार्ड का इस्तेमाल
UPI के तेजी से बढ़ने का सबसे बड़ा असर डेबिट कार्ड पर पड़ा है. पहले रोजमर्रा की खरीदारी में डेबिट कार्ड का काफी इस्तेमाल होता था, लेकिन अब लोग छोटे-बड़े भुगतान के लिए सीधे UPI का इस्तेमाल करने लगे हैं. इसका मतलब है कि जहां पहले दुकान पर कार्ड मशीन यानी POS मशीन की जरूरत पड़ती थी, अब सिर्फ QR कोड से काम हो जाता है.
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क्रेडिट कार्ड भी पीछे
UPI की वजह से क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी पर भी दबाव आया है, लेकिन क्रेडिट कार्ड खत्म नहीं हो रहे हैं. इसकी एक वजह ये है कि क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड, कैशबैक और अन्य फायदे अभी भी ग्राहकों को आकर्षित करते हैं. इसके अलावा अब कई क्रेडिट और डेबिट कार्ड को UPI से लिंक किया जा सकता है. यानी कार्ड और UPI एक-दूसरे के विकल्प बनने के बजाय कई मामलों में साथ काम कर रहे हैं.
बेकार हो जाएंगे कार्ड?
हालांकि फिलहाल ये बात कहना सही नहीं होगा. क्योंकि UPI रोजमर्रा के छोटे और तुरंत होने वाले भुगतान के लिए काफी सुविधाजनक है, लेकिन कार्ड की अपनी अलग उपयोगिता है. खासकर क्रेडिट कार्ड अभी भी उन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण हैं जो रिवॉर्ड पॉइंट, कैशबैक और क्रेडिट सुविधा का इस्तेमाल करते हैं. इसलिए ये नहीं है कि UPI आ गया तो कार्ड खत्म हो जाएंगे. बल्कि कार्ड अब UPI के साथ नए तरीके से इस्तेमाल हो रहे हैं.
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