‘मिर्जापुर’ की गोलू की पर्सनैलिटी रखना चाहती हैं श्वेता त्रिपाठी, जानें क्या कहा

‘मिर्जापुर’ की गोलू की पर्सनैलिटी रखना चाहती हैं श्वेता त्रिपाठी, जानें क्या कहा


‘मिर्जापुर: द मूवी’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. फिल्म के हर कैरेक्टर्स की तारीफ हो रही है. ऐसे में श्वेता त्रिपाठी ने फिल्म में अपने गोलू के कैरेक्टर को लेकर बात की. साथ ही उन्होंने एक्टर्स से राजनीति को लेकर किए जाने वाले सवाल पर भी अपना रिएक्शन दिया और कहा कि वो एक्टर्स से राजनीति से जुड़े सवाल नहीं करना चाहिए क्योंकि उनकी जानकारी सीमित होती है. वहीं, गोलू को लेकर कहा कि वो उसकी बेबाक और निडर वाली पर्सनैलिटी को रखना चाहती हैं.

पब्लिक फिगर के तौर पर अपनी बात रखने को बताया मुश्किल

श्वेता का कहना है कि आज मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का दायरा बहुत बड़ा हो गया है. किसी स्टार की कही बात बहुत तेजी से लोगों तक पहुंचती है. लेकिन इसी के साथ उसके गलत संदर्भ में सामने आने का डर भी होता है.उन्होंने बताया कि मीडिया से बात करते हुए कई बार ऐसा लगता है कि उन्होंने कुछ कहा, लेकिन उसका मतलब कुछ और निकाल लिया गया. वे कहती हैं कि आज कंटेंट की भरमार है और हर वक्त कुछ न कुछ लोगों के सामने आ रहा है. ऐसे में यह मायने रखता है कि आपकी कौन-सी लाइन कहां इस्तेमाल हुई और आपकी कौन-सी क्लिप वायरल हो गई. श्वेता मानती हैं कि वह इस बात को कंट्रोल नहीं कर सकतीं कि उनकी कही बात आगे किस तरह पेश की जा रही है. वह कहती हैं कि वह पहले से ही बेबाक रही हैं. लेकिन अब उन्हें यह समझ आ गया है कि उनकी बात को कॉन्टेक्सट से अलग भी लिया जा सकता है.

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श्वेता ने इस बात को समझाने के लिए एक हाल-फिलहाल का एग्जांपल भी दिया. उन्होंने बताया कि उन्हें एक ऐसे पॉडकास्ट में जाना था, जिसमें जनसंख्या और बच्चे करने या न करने जैसे मुद्दों पर बात होनी थी. शुरुआत में उन्होंने सोचा कि लोग शायद उनकी बात को नहीं समझेंगे, जिस तरह वे कहना चाहती हैं. लेकिन बाद में उन्होंने तय किया कि वह डरकर पीछे नहीं हटेंगी. उनका कहना था कि जो उनकी बात समझना चाहेगा, वह समझेगा. जो आज नहीं समझेगा, शायद कुछ साल बाद समझे. लेकिन वह सिर्फ इस डर से अपने आप को अपनी राय रखने से नहीं रोकेंगी कि बाद में उनकी बात की क्लिप किस तरह एडिट की जाएगी. 

‘गोलू’ से क्या सीखना चाहती हैं श्वेता

एक्ट्रेस श्वेता त्रिपाठी इस बेबाकी को अपने ‘मिर्जापुर’ के किरदार ‘गोलू’ से भी जोड़ती हैं. श्वेता कहती हैं कि वह अपने किरदार गोलू से एक चीज सीखना चाहती हैं, बेबाक होकर, लेकिन सम्मान के साथ अपनी बात कहना. गोलू जिस तरह सामने वाले से बिना डरे बात करती है, श्वेता उसी तरह की ईमानदारी को अपनी पर्सनैलिटी में रखना चाहती हैं. 

अभिनेत्री बोलीं, ‘एक्टर्स से राजनीति के सवाल क्यों?’

अभिनेत्री का मानना है कि सिर्फ हेडलाइन बनाने के लिए एक्टर्स से राजनीतिक सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है. उन्होंने कहा कि एक्टर होने के नाते उन्हें पता है कि वो क्या कह रही हैं, उनके शब्द क्या हैं,  इसकी जिम्मेदारी उनकी होती है. लेकिन हर सरकारी फैसले, हर दस्तावेज और बंद कमरे में हो रही हर बातचीत की जानकारी उनके पास नहीं होती. ऐसे में अगर लिमिटेड जानकारी के आधार पर कोई एक्टर कुछ गलत बोल देता है, तो बाद में उसी बात के लिए उसकी आलोचना होती है. श्वेता ने कहा कि उनसे उनकी एक्टिंग और उनकी जिंदगी के बारे में सवाल किए जाएं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एक समाज के तौर पर हमें एक-दूसरे की राय का सम्मान करना सीखना चाहिए.

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‘मिर्जापुर’ में गोलू बनकर श्वेता की वापसी

श्वेता जल्द ही मिर्जापुर द मूवी में गोलू के किरदार में नजर आने वाली हैं. यह फिल्म मिर्जापुर सीरीज की कहानी से जुड़ी है और इसमें अली फजल, पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु साथ में नजर आएंगे. फिल्म को गुरमीत सिंह ने डायरेक्ट किया है. इसकी कहानी और स्क्रीनप्ले पुनीत कृष्णा ने लिखा है.  रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर इसके प्रोड्यूसर हैं. फिल्म हिंदी और तेलुगु में रिलीज हो रही है. इसकी थिएट्रिकल रिलीज 4 सितंबर को यानी आज ही है.