आतंकी संगठन जैश ने फिर तैयार किया बहावलपुर वाला ठिकाना, तस्वीरों में देखें


बहावलपुर से जैश के ठिकाने की तस्वीर और वीडियो भी सामने आई हैं. जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने इस रेनोवेशन पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.

बहावलपुर से जैश के ठिकाने की तस्वीर और वीडियो भी सामने आई हैं. जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने इस रेनोवेशन पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के रफाल और सुखोई लड़ाकू विमानों ने स्टैंड ऑफ वेपन के जरिए मरकज शुभान अल्लाह को बर्बाद कर दिया था. पहलगाम नरसंहार का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने जैश के इस ठिकाने पर हमला किया था. हमले में जैश के करीब 30 आतंकी ढेर हो गए थे. मारे जाने वालों में जैश के सरगना मसूद अजहर के परिवार के सदस्य भी शामिल थे. मरकज सुभान अल्लाह, जैश के ठिकाने के साथ-साथ मस्जिद और मदरसा भी है, जहां आतंकियों को धार्मिक कट्टरपन की तालीम दी जाती है.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के रफाल और सुखोई लड़ाकू विमानों ने स्टैंड ऑफ वेपन के जरिए मरकज शुभान अल्लाह को बर्बाद कर दिया था. पहलगाम नरसंहार का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने जैश के इस ठिकाने पर हमला किया था. हमले में जैश के करीब 30 आतंकी ढेर हो गए थे. मारे जाने वालों में जैश के सरगना मसूद अजहर के परिवार के सदस्य भी शामिल थे. मरकज सुभान अल्लाह, जैश के ठिकाने के साथ-साथ मस्जिद और मदरसा भी है, जहां आतंकियों को धार्मिक कट्टरपन की तालीम दी जाती है.

यहां के मदरसे से निकले कट्टरपंथी लड़ाकों को मिलिट्री ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तानी सेना, आईएसआई और जैश के ट्रेनिंग कैंप में भेजा जाता है. वहां से सैन्य परीक्षण पाने के बाद इन आतंकियों को एलओसी के रास्ते जम्मू कश्मीर में घुसपैठ कराकर आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है. यही वजह है कि पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने जिन नौ (09) ठिकानों को चुना था, उसमें मरकज़ सुभान अल्लाह टॉप पर था. हमले के वक्त, जैश का सरगना मसूद अजहर बहावलपुर स्थित मुख्यालय पर मौजूद नहीं था.

यहां के मदरसे से निकले कट्टरपंथी लड़ाकों को मिलिट्री ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तानी सेना, आईएसआई और जैश के ट्रेनिंग कैंप में भेजा जाता है. वहां से सैन्य परीक्षण पाने के बाद इन आतंकियों को एलओसी के रास्ते जम्मू कश्मीर में घुसपैठ कराकर आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है. यही वजह है कि पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने जिन नौ (09) ठिकानों को चुना था, उसमें मरकज़ सुभान अल्लाह टॉप पर था. हमले के वक्त, जैश का सरगना मसूद अजहर बहावलपुर स्थित मुख्यालय पर मौजूद नहीं था.

वायुसेना के हमले के बाद जैश के मुख्यालय की तस्वीरें, वीडियो और सैटेलाइट इमेज भी सामने आई थी. इनमें मरकज़ सुभान अल्लाह की छत पर मिसाइल से हुए हमले का एक बड़ा होल दिखाई पड़ा था. अंदर भी मदरसे और आतंकियों की रहने वाली जगह को जबरदस्त नुकसान पहुंचा था. भारत की खुफिया एजेंसियों को खबर है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से मसूद अजहर मरकज़ सुभान अल्लाह नहीं पहुंचा है. वो अपने एक भाई के साथ सिंध प्रांत के नवाबशाह में रहता है.

वायुसेना के हमले के बाद जैश के मुख्यालय की तस्वीरें, वीडियो और सैटेलाइट इमेज भी सामने आई थी. इनमें मरकज़ सुभान अल्लाह की छत पर मिसाइल से हुए हमले का एक बड़ा होल दिखाई पड़ा था. अंदर भी मदरसे और आतंकियों की रहने वाली जगह को जबरदस्त नुकसान पहुंचा था. भारत की खुफिया एजेंसियों को खबर है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से मसूद अजहर मरकज़ सुभान अल्लाह नहीं पहुंचा है. वो अपने एक भाई के साथ सिंध प्रांत के नवाबशाह में रहता है.

खबर ये भी है कि भारत के हमले के बाद से मसूद अजहर की तबीयत खराब है. परिवार के सदस्यों के जाने का गम भी मसूद अजहर को सता रहा है. भारत के अज्ञात हमलावर का डर भी मसूद और उसके आतंकी संगठन को खाए जा रहा है. यही वजह है कि मसूद अजहर ने अब सार्वजनिक कार्यक्रमों में शिरकत बेहद कम कर दी है. माना जा रहा है कि जैश का काम अब मसूद अजहर के भाई तल्हा अल सैफ और मोइनुद्दीन औरंगजेब उर्फ अम्मार अल्वी के कंधों पर है. ऐसे में भारत की खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर है.

खबर ये भी है कि भारत के हमले के बाद से मसूद अजहर की तबीयत खराब है. परिवार के सदस्यों के जाने का गम भी मसूद अजहर को सता रहा है. भारत के अज्ञात हमलावर का डर भी मसूद और उसके आतंकी संगठन को खाए जा रहा है. यही वजह है कि मसूद अजहर ने अब सार्वजनिक कार्यक्रमों में शिरकत बेहद कम कर दी है. माना जा रहा है कि जैश का काम अब मसूद अजहर के भाई तल्हा अल सैफ और मोइनुद्दीन औरंगजेब उर्फ अम्मार अल्वी के कंधों पर है. ऐसे में भारत की खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर है.

भारत साफ कर चुका है कि ऑपरेशन सिंदूर को रोका गया है, खत्म नहीं किया गया है. खुद वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है. हालांकि,एयर चीफ मार्शल का ये बयान थिएटर कमांड बनाने को लेकर सामने आया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि भारत के खिलाफ कोई भी आतंकी हमला अब युद्ध की श्रेणी में माना जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि, पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर यानी पीओके में हुए विद्रोह के बाद, पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने इन आतंकी संगठनों को एक बार फिर से एक्टिवेट कर दिया है.

भारत साफ कर चुका है कि ऑपरेशन सिंदूर को रोका गया है, खत्म नहीं किया गया है. खुद वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है. हालांकि,एयर चीफ मार्शल का ये बयान थिएटर कमांड बनाने को लेकर सामने आया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि भारत के खिलाफ कोई भी आतंकी हमला अब युद्ध की श्रेणी में माना जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि, पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर यानी पीओके में हुए विद्रोह के बाद, पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने इन आतंकी संगठनों को एक बार फिर से एक्टिवेट कर दिया है.

आए दिन पाकिस्तान के आतंकी संगठन और आईएसआई के शहजाद भट्टी जैसे प्यादे, भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की साजिश रच रहे हैं. बलूचिस्तान भी पाकिस्तान के हाथों से खिसकने की तैयारी में है. बलोच लड़ाकों ने हमले कर-करके पाकिस्तानी सेना की नाक में दम कर रखा है. पाकिस्तान का ये ट्रैक रिकॉर्ड रहा है कि जब भी कभी ऐसे हालात बनते हैं या पाकिस्तान को एक सूत्र में बांधने  के लिए असीम मुनीर और आईएसआई भारत विरोधी कोई बड़ी कार्रवाई की साजिश रच डालते हैं.

आए दिन पाकिस्तान के आतंकी संगठन और आईएसआई के शहजाद भट्टी जैसे प्यादे, भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की साजिश रच रहे हैं. बलूचिस्तान भी पाकिस्तान के हाथों से खिसकने की तैयारी में है. बलोच लड़ाकों ने हमले कर-करके पाकिस्तानी सेना की नाक में दम कर रखा है. पाकिस्तान का ये ट्रैक रिकॉर्ड रहा है कि जब भी कभी ऐसे हालात बनते हैं या पाकिस्तान को एक सूत्र में बांधने के लिए असीम मुनीर और आईएसआई भारत विरोधी कोई बड़ी कार्रवाई की साजिश रच डालते हैं.

भारत का डर दिखाकर पाकिस्तानी सेना और आईएसआई, पीओके, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा को बांधने की कोशिश करती है. यही वजह है कि अगर फिर पाकिस्तान ने भारत में कोई आतंकी हमला किया तो ऑपरेशन सिंदूर का पार्ट-2 शुरू हो जाएगा. पाकिस्तान ने इसी डर के मारे सऊदी अरब और टर्की से मक्का एग्रीमेंट किया है. लेकिन असीम मुनीर और आईएसआई कान खोल कर सुन ले कि अगर फिर पहलगाम जैसी कोई साजिश दोहराई तो पाकिस्तान का अंजाम बेहद बुरा होगा. तब ना सऊदी अरब काम आएगा और ना तुर्की के ड्रोन.

भारत का डर दिखाकर पाकिस्तानी सेना और आईएसआई, पीओके, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा को बांधने की कोशिश करती है. यही वजह है कि अगर फिर पाकिस्तान ने भारत में कोई आतंकी हमला किया तो ऑपरेशन सिंदूर का पार्ट-2 शुरू हो जाएगा. पाकिस्तान ने इसी डर के मारे सऊदी अरब और टर्की से मक्का एग्रीमेंट किया है. लेकिन असीम मुनीर और आईएसआई कान खोल कर सुन ले कि अगर फिर पहलगाम जैसी कोई साजिश दोहराई तो पाकिस्तान का अंजाम बेहद बुरा होगा. तब ना सऊदी अरब काम आएगा और ना तुर्की के ड्रोन.

Published at : 24 Aug 2026 03:28 PM (IST)

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