- पीओके में अवामी एक्शन कमेटी ने समानांतर व्यवस्था लागू की।
- हर गांव में राजनीतिक, वित्तीय और रक्षा समितियां बनाई जाएंगी।
- सरकारी संस्थानों, कर-बिजली बिल के बहिष्कार का आह्वान किया।
- अमान खान ने पाकिस्तानी सेना को चेतावनी दी, मार्च बढ़ेगा।
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में प्रदर्शनकारियों ने अब ऐसा ऐलान कर दिया है, जिससे पाकिस्तान की शहबाज सरकार और आसिम मुनीर बौखला उठेंगे. रविवार (23 अगस्त) को विद्रोह के 76वां दिन बीतने के बाद भी प्रदर्शनकारी और पाकिस्तान की सरकार और सेना आमने-सामने हैं. ऐसे में पीओके में अवामी एक्शन कमेटी ने पीओके में एक पैरेलल सिस्टम लागू करने की घोषणा कर दी है. इस पैरेलल सिस्टम के तहत POK के हर गांव में एक राजनैतिक कमेटी, एक वित्तीय कमेटी और एक डिफेंस कमेटी बनेगी.
पैरेलल सिस्टम के तहत कमेटियां बनाने का ऐलान करते हुए सरदार अमान खान ने कहा कि इन कमेटियों के बनने के बाद रावलाकोट से जो भी ऐलान आएगा, उसका पालन ये कमेटी करेंगी. यहां सबसे दिलचस्प डिफेंस कमेटी है, क्योंकि पीओके के हर गांव में डिफेंस कमेटी बनाकर अवामी एक्शन कमेटी अपने विद्रोह को आत्मरक्षा के लिए हथियारबंद भी करना चाहती है.
कौन है सरदार अमान खान?
इसके साथ ही, ये ऐलान सरदार अमान खान ने किया, जो अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य और प्रदर्शन का प्रमुख चेहरा होने के साथ-साथ जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के पीओके में प्रमुख भी हैं और ये वही जेकेएलएफ है, जिसे ख़ुद पाकिस्तानी सेना और ISI ने भारत के खिलाफ 90 के दशक में भारत के खिलाफ हथियारबंद कत्लेआम की ट्रेनिंग दी थी. ऐसे में रक्षा विशेषज्ञ कर्नल शैलेन्द्र सिंह (रिटायर्ड) के मुताबिक, डिफेंस कमेटी बनाकर अवामी एक्शन कमेटी आत्मरक्षा के लिए विद्रोह को कुछ स्तर पर हथियारबंद भी कर सकती है.
पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स का सामना करेंगी डिफेंस कमेटी
असल में पीओके में 9 जून से लेकर 23 अगस्त तक चार बार प्रदर्शनकारी राजधानी मुजफ्फराबाद की तरफ मार्च करने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन हर बार पाकिस्तानी रेंजर्स ने निहत्थे लोगों पर गोलिया चलाकर उन्हें रोक दिया. 5 जून से पीओके में इंटरनेट बंद है और तब से लेकर आज तक पाकिस्तानी रेंजर्स और एफसी की गोलीबारी में 133 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
ऐसे में जिस तरह से अमान खान ने हर गाव में डिफेंस कमेटी बनाने का आह्वान किया और कहा कि रावलाकोट से आए ऐलान का पालन करके ये कमेटी आगे काम करेंगे तो इससे साफ नजर आ रहा है ये हथियारबंद डिफेंस कमेटी अगले मार्च में प्रदर्शनकारियों के साथ चलेंगी और रेंजर्स की गोलीबारी का जवाब देंगी.
पीओके में बढ़ रही पाकिस्तानी सेना की टुकड़ियों की संख्या
पीओके में पिछले दो महीने से साढ़े 17 हजार से ज़्यादा पाकिस्तानी पैरामिलिट्री फोर्स एफसी और रेंजर्स तैनात हैं. साथ ही, फोर्सेज की संख्या को बढ़ाने की कोशिश भी की जा रही है. इसी कड़ी में शुक्रवार (21 अगस्त, 2026) को पलंदरी की तरफ पाकिस्तानी सेना की टुकड़ी बसों से पहुंच रही थी, लेकिन लोगों ने रास्ते को बंद करके उन्हें शहर के ही बाहर रोक दिया.
इस मामले पर पीओके की पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज की है. ऐसे में अमान खान ने पालंद्री का उदाहरण देते हुए कहा कि रावलाकोट की तरफ आ रही टुकड़ी को लोगों ने पहले ही रोक लिया. ऐसे में पाकिस्तान की सेना की भलाई इसी में है कि शहरों से बाहर निकले. हालांकि, इसके बाद भी पाकिस्तान के अन्य हिस्सों से आधी रात पीओके में सैन्य टुकड़ियों की संख्या बढ़ाई जा रही है.
पाकिस्तानी सेना को अमान खान की धमकी
पीओके में पिछले दो महीने से राशन की सप्लाई बंद है और भुखमरी जैसी हालत हो रहे हैं. ऐसे में अवामी एक्शन कमेटी ने ऐलान किया कि आने वाले दिनों में जल्द ही राशन की बहाली के लिए मार्च होग और फिर एक बार भारत की तरफ इशारा करते हुए अमान खान ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से राशन रोकने की वजह से बाकी के रास्तों को खुलवाने की कोशिश की जाएगी और हम पाकिस्तान के आगे नहीं झुकेंगे.
पाकिस्तानी सेना और सरकार की गोलीबारी वाली नीति पर अमान खान ने कहा कि पीओके में सिर्फ कानून का राज चलेगा. वो कानून नहीं जो पाकिस्तान ने 78 साल से लागू कर रखा है. वो क़ानून जो लोगो को तय करना है, गोली का कानून हम जूते की नोक पर रखते है, इस देश में सिर्फ लोगों का क़ानून होगा. अमान खान ने पाकिस्तानी सेना को धमकाते हुए कहा कि मैं इनसे कहना चाहता हूं कि अगर तुम गोलियों की हुक्मरानी चाहते हो, तो अवाम भी तो अवाम भी गोलियां बंदी करेगी.
पाकिस्तानी प्रशासन की हर तरह से घेराबंदी करने की तैयारी
पीओके में 5 जून से स्कूल और दुकानें बंद है, ऐसे में अमान खान ने ऐलान किया अब से हर मंगलवार और शुक्रवार को दो बजे से दुकानें खुल सकती हैं, लेकिन स्कूलों का बहिष्कार जारी रहेगा और अगर विद्रोह और आगे चला तो स्कूल दो बजे के बाद खुलेंगे, ना की पीओके के सरकार समय के मुताबिक. साथ ही अमान खान के साथ हजारों लोगों ने पीओके के सरकारी तंत्र के बहिष्कार करने का ऐलान किया कि पीओके के किसी भी मामले पर लोग सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाएंगे और आपस में ही विवाद और काम सुलझाएंगे.
पीओके के सिस्टम और अधिकारियों पर अमान खान का तंज
पीओके के सिस्टम और अधिकारियों पर तंज कसते हुए अमान खान ने कहा कि पीओके के कई अधिकारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बयान दे रहे हैं, लेकिन पीओके में राशन की सप्लाई नहीं शुरू करवा पा रही है. ऐसे में इन अधिकारियों से क्या उम्मीद करें जो बिना कर्नल-जनरल के आदेश के कुछ नहीं करते. पीओके में 190 से ज़्यादा सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रवासियों और अवामी एक्शन कमेटी से जुड़े कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और सोशल मीडिया इंफ़्लंसर को अलगाववाद के आरोप में आतंकी घोषित किया गया है.
ऐसे में अमान खान ने कहा कि जब हम अधिकार मांगते हैं, तो ये हमें अलगाववादी कहते हैं. मारने की डराने की कोशिश करते हैं, पाकिस्तान के नेता सिर्फ पीओके को लूटते आए हैं, ना सिर्फ लूटते आए हैं, बल्कि ये हमारी अगली नस्ल को जबर में धकेलते आए हैं. ये हमें उस अंधेरे में धकेलना चाहते हैं, जिससे हमारा विकास ना हो सके.
कहां हुए चुनाव, क्या रहा रिजल्ट?
पीओके में 27 जुलाई से लेकर 15 अगस्त तक 45 सीटों में से 38 सीटों पर मतदान हो चुका है और पीओके के चुनाव आयोग नतीजों के मुताबिक 25 सीटें शहबाज शरीफ की पीएमएल (एन) ने जीती है, 12 सीट बिलावल भुट्टो की पीपीपी ने और 1 सीट जम्मू कश्मीर अवामी दस्त ओ बाज़ू ने जीती. बची हुई 7 सीट जो पूंछ और सुधनोति जिले में आती हैं, वहां पर सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पाकिस्तान की सरकार ने अब तक मतदान नहीं करवाया है और जिसकी वजह से नई सरकार के गठन की प्रक्रिया भी नहीं शुरू हुई है.
पीओके में कुल कितने प्रतिशत पड़े वोट?
पीओके में 38 सीटों का पूरा मतदान लोगों द्वारा वोटिंग बॉयकॉट और धांधली से गुजरा रहा, जहां कई पोलिंग स्टेशन पर एक भी वोट नहीं पड़ा, तो कई पोलिंग स्टेशन पर बूथ कैप्चरिंग करके जबरन मुहर लगाई गई. धांधली वाले इस चुनवा में जहां पीओके के चुनाव आयोग ने 38 फीसदी मतदान का दावा किया, तो अमान खान के मुताबिक पीओके में महज 10% वोट पड़े.
प्रदर्शनकारियों को आतंकी घोषित करने पर बोले अमान खान
प्रदर्शनकारियों और उनके समर्थकों को आतंकी घोषित करने पर अमान खान ने पाकिस्तानी सेना को आतंकी बताते हुए कहा कि यहां कोई भी आतंकी नहीं है, आतंकी वो हैं जिन्होंने वर्दियां पहनी हुई हैं, आतंकी वो हैं जिन्होंने बंदूके उठा रखी हैं, आतंकी दो एजेंसियों के कहने पर इधर से उधर गाड़ी से जाते हैं. पीओके के हाल पर अमान खान ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पीओके में जब ट्रांसफॉर्मर खराब होता है, तो बिजली वाले कहते हैं कि चंदा इकट्ठा करके गाड़ी दें दें, ताकि ट्रांसफार्मर ले आए. ऐसे में जो सरकारी गाड़ियां हैं जिनसे ये पीओके के टैक्स पर घूमते हैं, ये गाड़ी किसके लिए है?
मार्च को लेकर क्या होगी आगे की रणनीति?
पीओके में रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर अगली मार्च की तैयारी के तहत अमान खान ने कहा कि अब जब मार्च शुरू होगी तो महिलाएं उस मार्च में आगे रहेंगी और अगर उस मार्च पर गोली चली, तो पाकिस्तानी सेना में विद्रोह करवाकर जो पीओके के जवान पाकिस्तानी सेना में काम कर रहे हैं, उन्हें वापस बुलाया जाएगा. साथ ही सरकारी और फौजी अफसरों के सरकारी घर का घेराव किया जाएगा और इनके घर की ईंट भी नहीं बचेगी.
जब तक विद्रोह चलेगा, न बिजली बिल देंगे और न टैक्स- अमान खान
साथ ही, अमान खान ने पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी के पीओके को लाडला बच्चा कहने पर कहा कि पीओके वाले बच्चे नहीं, पाकिस्तान के बाप हैं और पाकिस्तान को इन्हें लगता है कि पाकिस्तान ने पीओके पर खर्च किया, बजट दिया तो हिसाब जोड़ लो, किसने किस पर कितना खर्च किया है. अगर तुमने (पाकिस्तान) ने ज़्यादा खर्च किया, तो हम पैसे देंगे और तुमने ज़्यादा खर्च किए, तो शर्म से डूब मरना. साथ ही, एक बार फिर अमान खान ने दोहराया कि जब तक पीओके में विद्रोह चलेगा, तब तक लोग ना ही बिजली का बिल देंगे और ना ही टैक्स देंगे.
पीओके में पाकिस्तानी सरकार का समर्थन करने वाले आम लोगों के भी सोशल बायकॉट का ऐलान अवामी एक्शन कमेटी ने किया और अमान खान ने कहा कि जो लोग आज सरकार का साथ देंगे उनका हम सोशल बायकॉट करेंगे. ना हम उनके जनाजे में जाएंगे, ना वो हमारे जनाजे में आएंगे, ना वो हमारी शादी में आएंगे, ना हम उनकी शादी में जाएंगे और ना ही वो हमारे कब्रिस्तान में दफन होंगे.
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