Jabalpur Information : आवारा श्वानों के बधियाकरण में जमकर भ्रष्टाचार, एक ही ठेकेदार काे बार-बार ठेका
Jabalpur Information : नगर निगम के तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारी, बल्कि वेटनरी चिकित्सक और जिस संस्था को लगातार बधियाकरण का ठेका दिया गया सभी शामिल हैं।
By Sunil dahiya
Publish Date: Sat, 23 Mar 2024 08:35 AM (IST)
Up to date Date: Sat, 23 Mar 2024 08:35 AM (IST)

HighLights
- 2011 से 2021-22 तक हुए बधियाकरण में नियमाें का पालन नहीं।
- पशु प्रेमी महिला ने क्राइम ब्रांच को दी शिकायत।
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पीएकओ को भी लिखा।
Jabalpur Information : नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाने नगर निगम वर्ष 2011 से लेकर 2021-22 तक श्वानों का बधियाकरण कराता रहा। इसके एवज में करोड़ों रुपये भी खर्च कर दिए लेकिन श्वानों की संख्या कम नही हुई। उल्टा वर्तमान में श्वानों की संख्या बढ़ने से मनुष्य और श्वानों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। क्योंकि नगर निगम में श्वानों के बधियाकरण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है जिसमें न सिर्फ नगर निगम के तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारी, बल्कि वेटनरी चिकित्सक और जिस संस्था को लगातार बधियाकरण का ठेका दिया गया सभी शामिल हैं। सभी ने मिलकर बधियाकरण के नाम पर जमकर घपला किया है। उक्त आरोप महिला पशु प्रेमी पूर्णिमा शर्मा ने क्राइम ब्रांच जबलपुर को दी शिकायत में लगाए हैं। वहीं एक शिकायत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम प्रधानमंत्री कार्यालय को भी प्रेषित की है।
एक ही ठेकेदार काे बार-बार ठेका देकर पैसों की बंदरबांट
क्राइम ब्रांच काे दी शिकायत में कहा गया है कि 2011 से 2021-22 तक हुए बधियाकरण कार्य में शासकीय नियमाें व मानकों का पालन नहीं किया गया। श्वानों का सर्वे कर संख्या का पता नहीं लगाया फिर भी 40 हजार से ज्यादा बधियाकरण करने का दावा किया गया। दस्तावेजों की यदि जांच की जाए तो पता चलेगा कि किस तरह बधियाकरण के नाम पर तीन से चार करोड़ रुपये फूंक दिए गए। एक ही ठेकेदार काे बार-बार ठेका देकर पैसों की बंदरबांट की गई।
तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारियों की नामजद शिकायत
क्राइम ब्रांच को दी शिकायत में नगर निगम के तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारियों की नामजद शिकायत है। ये भी आरोप लगाया कि बधियाकरण के नाम पर डाग हाउस कठौंद में 100 श्वानों को भी फिकवा दिया गया जिसके अवशेष मिले है उसका वीडियो व गवाह भी उनके पास है। शिकायत में अब तक हुए बधियाकरण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
एक दिन में 86 बधियाकरण
शिकायती पत्र पर वेटनरी चिकित्सक के नाम का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी में चिकित्सक द्वारा 86 बधियाकरण किए गए जो अविश्वसनीय है। इन्हीें फर्जी आकड़ों के आधार पर सरकारी धन की बंदरबांट की गई। नगर निगम के तत्कालीन स्वाथ्य अधिकारियों, चीफ सैनिटेशन आफीसर, आर्गन वेरिफिकेशन करने वाले वेटनरी डाक्टर सहित इस घोटाले में लिप्त सभी व्यक्तियों की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
पीएमओ को भेजे पत्र में कहा हम सहयोग के लिए तैयार-
इसी तरह प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित पत्र में ये भी कहा गया है कि नगर निगम की अवव्यस्था व भ्रष्टचार से श्वानों की संख्या जहां बढ़ रही है वहीं वर्तमान में एक साल से टीकाकरण व बधियाकरण कार्यक्रम बंद है। यदि नगर निगम अपने से बधियाकरण के कार्य की जिम्मेदारी लेता है तो शहर के पशुप्रेमी, चिकित्सक व अन्य सहयोग करने के लिए तैयार है। शहर में ऐसे भी पशुप्रेमी है जो अपने खर्चे से आवारा श्वानों को खिला रहे हैं उनकी दवाई करा रहे हैं। कांचघर निवासी सोनी देवी मोची हैं, सदर में बजरंगी चाय की दुकान लगाते हैं अन्य पशु प्रेमी अभिभावक की भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।


