MP Excessive Court docket: वार्ड 44 में फिलहाल कोई पार्षद नहीं, हाई कोर्ट ने मिश्रा के निर्वाचन पर भी लगाई रोक
MP Excessive Court docket: शपथ पत्र में गलत जानकारी देने पर पार्षद निशा देवलिया का चुनाव शून्य घोषित कर दिया था।
By Hemraj Yadav
Publish Date: Fri, 22 Mar 2024 10:44 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 22 Mar 2024 10:44 PM (IST)

MP Excessive Court docket: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। वार्ड 44 फिलहाल पार्षदविहीन हो गया है। डेढ़ वर्ष पहले हुए चुनाव में भाजपा की निशा देवलिया यहां से निर्वाचित हुई थीं, लेकिन जिला न्यायालय ने दो मार्च को उनका निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया। इसके बाद कलेक्टर ने कांग्रेस की नंदिनी मिश्रा को निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया था, लेकिन शुक्रवार को हाई कोर्ट ने इस पर भी रोक लगा दी। यह रोक देवलिया की ओर से प्रस्तुत अपील की सुनवाई करते हुए लगाई गई है।
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गौरतलब है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले हुए नगर निगम चुनाव में वार्ड 44 से भाजपा की निशा देवलिया ने कांग्रेस की नंदिनी मिश्रा को 1026 मतों से पराजित किया था। चुनाव के बाद मिश्रा ने देवलिया के खिलाफ जिला न्यायालय में चुनाव याचिका दायर कर उनका निर्वाचन शून्य घोषित करने की मांग की थी।
शपथ पत्र में दी थी गलत जानकारी
याचिका में कहा था कि देवलिया ने नामांकन पत्र दाखिल करते समय दिए शपथ पत्र में गलत जानकारी दी थी। शपत्र पत्र में उन्होंने 200 वर्गफीट के टीन शेड के मकान की जानकारी दी और संपत्ति कर भी उसी के हिसाब से भरा जाना बताया, जबकि उनके पास 1600 वर्गफीट मकान है। मकान की रजिस्ट्री में भी इतना ही क्षेत्रफल बताया गया है। जिला न्यायालय ने इस आधार पर देवलिया का निर्वाचन शून्य घोषित दिया था।
देवलिया ने फैसले को चुनौती दी थी
इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) ने नंदिनी मिश्रा को निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया था। जिला न्यायालय के दो मार्च के फैसले को चुनौती देते हुए देवलिया ने हाई कोर्ट में सिविल रिवीजन दायर की है। शुक्रवार को इसकी सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने मिश्रा को निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगा दी। ऐसी स्थिति में अब वार्ड 44 में कोई पार्षद नहीं रहा।


