कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के भूकंप से अब तक 290 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. इसके अलावा 4000 लोग घायल हुए हैं. सैंकड़ों लोग अभी भी लापता हैं. इन सबके बीच कोलंबिया की एक महिला मलबे के नीचे लगभग 37 घंटे तक फंसी रही थी, जिसे बाद में रेस्क्यू कर लिया गया था. हालांकि शुक्रवार (14 अगस्त) को उसकी चोटों के कारण मौत हो गई है.
न्यूज एजेंसी AFP ने परिवारवालों के हवाले से बताया कि 32 साल की डेनिएला लार्गो को मंगलवार को परेरा शहर में मलबे से बाहर निकाला गया था, उस समय लोग काफी खुश हुए थे और उन्होंने खूब तालियां बजाईं थी. सोमवार को आई भयंकर आपदा से जूझ रहे कोलंबिया के लिए डेनिएला लार्गो एक उम्मीद की किरण बन गई थीं. शुक्रवार को गुजर गईं लार्गो अपने पीछे एक 12 साल का बेटा छोड़ गई हैं.
मृतका की मां ने क्या कहा
डेनिएला लार्गो की मां सैंड्रा मिलेना पेरेज ने AFP से बातचीत में कहा कि मैं बस यही चाहती हूं कि यह सब जल्द खत्म हो जाए. अधिकारियों के मुताबिक, इस भूकंप में अब तक कम से कम 294 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 4,000 लोग घायल बताए जा रहे हैं.
डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी का बयान
डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक बचावकर्मी अभी भी कम से कम 320 ऐसे लोगों की तलाश कर रहे हैं जिनका कोई पता नहीं चल पाया है. सबसे ज्यादा तबाही वाले इलाकों में कर्मचारी भारी मशीनों का इस्तेमाल करके छतों और दीवारों के मलबे को हटा रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक, देशभर में 86 इमारतें ढह गईं, जबकि 1500 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है. 18 स्वास्थ्य केंद्रों और 52 स्कूलों को भी नुकसान हुआ है.
5 शहरों में रेड अलर्ट
इसके अलावा 7 एयरपोर्ट पर काम रोक दिया गया है और पांच शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है. राष्ट्रपति ने इमरजेंसी कमेटी की बैठक बुलाकर राहत और बचाव अभियान की निगरानी शुरू कर दी है.
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