Fake Cosmetics Survey Report India: फेस क्रीम, सनस्क्रीन, लिपस्टिक, शैंपू और दूसरे ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदना आज ज्यादातर लोगों की रोजमर्रा की शॉपिंग का हिस्सा बन चुका है. ऑनलाइन ऐप और वेबसाइट से लेकर कॉस्मेटिक स्टोर और लोकल मार्केट तक, लोगों के पास खरीदारी के कई विकल्प हैं. लेकिन एक नए सर्वे ने ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स को लेकर चिंता बढ़ा दी है. सर्वे के मुताबिक, पिछले तीन साल में कॉस्मेटिक्स खरीदने वाले 40 फीसदी लोगों को एक या उससे ज्यादा प्रोडक्ट नकली या काउंटरफिट मिले. वहीं, करीब हर चार में से एक व्यक्ति ने कॉस्मेटिक इस्तेमाल करने के बाद एलर्जी होने की बात कही.
यह राष्ट्रीय सर्वे LocalCircles ने किया, जिसमें भारत के 318 जिलों के 23 हजार से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं ने हिस्सा लिया. सर्वे में सामने आया कि 26 फीसदी लोगों को पिछले तीन साल के दौरान एक या उससे ज्यादा कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल के बाद एलर्जिक रिएक्शन हुआ.
ब्यूटी और पर्सनल केयर मार्केट के तेजी से बढ़ने के साथ नकली और खराब गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट्स को लेकर भी चिंता बढ़ रही है. देश के कई राज्यों में नियामक एजेंसियां बिना लाइसेंस, गलत लेबल वाले और नकली कॉस्मेटिक्स के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं. यह मामला सिर्फ नकली सामान खरीदकर पैसे गंवाने तक सीमित नहीं है. क्रीम, लिपस्टिक, सनस्क्रीन और दूसरे कॉस्मेटिक्स सीधे त्वचा, होंठ, बाल और कई बार आंखों के आसपास लगाए जाते हैं. ऐसे में खराब क्वालिटी या गलत तरीके से बने प्रोडक्ट्स से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी हो सकता है.

40 फीसदी लोगों को मिले नकली कॉस्मेटिक्स
सर्वे में लोगों से पिछले तीन साल के दौरान कॉस्मेटिक्स और ब्यूटी प्रोडक्ट्स से जुड़ी परेशानियों के बारे में पूछा गया. 18 फीसदी लोगों ने बताया कि उन्होंने कोई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट खरीदा और बाद में पता चला कि वह नकली या काउंटरफिट था.
वहीं, 22 फीसदी लोगों ने बताया कि उनके साथ दोनों तरह की समस्याएं हुईं. यानी उन्होंने नकली कॉस्मेटिक प्रोडक्ट भी खरीदा और किसी कॉस्मेटिक के इस्तेमाल के बाद एलर्जिक रिएक्शन का भी सामना किया. इन दोनों आंकड़ों को मिलाकर 40 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें पिछले तीन साल में खरीदा गया एक या उससे ज्यादा कॉस्मेटिक नकली मिला. दूसरी तरफ, 26 फीसदी लोगों ने एलर्जी होने की बात कही. करीब आधे लोगों ने बताया कि उन्हें इनमें से कोई समस्या नहीं हुई, जबकि पांच फीसदी लोग इसे लेकर निश्चित नहीं थे. इस सवाल में किसी भी व्यक्ति ने कॉस्मेटिक के कारण गंभीर बीमारी होने की जानकारी नहीं दी.

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ज्यादा मिले नकली प्रोडक्ट
सर्वे में यह भी जानने की कोशिश की गई कि जिन कॉस्मेटिक्स को बाद में नकली पाया गया, वे कहां से खरीदे गए थे. इसमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, ऐप और वेबसाइट सबसे बड़ा सोर्स बनकर सामने आए. सर्वे में शामिल 23 फीसदी लोगों ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से ऐसा कॉस्मेटिक खरीदा, जो बाद में नकली या काउंटरफिट निकला. इसके बाद ब्यूटी, कॉस्मेटिक या जनरल स्टोर का नंबर रहा, जहां से 18 फीसदी लोगों ने नकली प्रोडक्ट खरीदने की बात कही. वहीं, 14 फीसदी लोगों ने लोकल दुकानों या बाजार के स्टॉल से ऐसे प्रोडक्ट खरीदने की जानकारी दी.
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में ब्यूटी और पर्सनल केयर मार्केट की कुल बिक्री में ऑनलाइन की हिस्सेदारी करीब 10 फीसदी है. इसके बावजूद सर्वे में नकली कॉस्मेटिक्स खरीदने की 23 फीसदी शिकायतें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ी मिलीं. ऑनलाइन खरीदारी में कई बार यह पता लगाना मुश्किल हो सकता है कि प्रोडक्ट का असली निर्माता कौन है या उसे बेचने वाला व्यक्ति या विक्रेता अधिकृत है या नहीं.
नकली कॉस्मेटिक्स से बढ़ सकती है चिंता
नकली कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किए गए इंग्रीडिएंट्स, उन्हें बनाने की प्रक्रिया और क्वालिटी की सही जानकारी नहीं होती. यही वजह है कि ऐसे प्रोडक्ट्स चिंता का विषय बन सकते हैं. हाल ही में भारत में हुई कुछ कार्रवाई ने इस समस्या की गंभीरता को भी दिखाया है. जून में महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मुंबई और भिवंडी में छापेमारी कर 1.52 करोड़ रुपये के अवैध कॉस्मेटिक्स और मैन्युफैक्चरिंग मशीनरी जब्त की थी. अधिकारियों को कई प्रोडक्ट्स पर बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट जैसी जरूरी जानकारी अधूरी या गायब मिली.
इसे भी पढ़े : पहले क्रीम लगाएं या सनस्क्रीन, क्या है सही तरीका?
रिपोर्ट में नागपुर में इस्तेमाल की जा रही एक स्किन लाइटनिंग क्रीम का मामला भी सामने आया. जांच में इस प्रोडक्ट में पारा यानी मर्करी की मात्रा कानूनी सीमा से 752 गुना ज्यादा मिलने की बात कही गई. इसके बाद प्रोडक्ट पर प्रतिबंध लगा दिया गया.
एलर्जी भी बड़ी समस्या
सर्वे में 26 फीसदी लोगों ने कॉस्मेटिक के इस्तेमाल के बाद एलर्जिक रिएक्शन की जानकारी दी. हालांकि, सभी एलर्जी के मामले नकली प्रोडक्ट से जुड़े हों, यह जरूरी नहीं है. फिर भी सर्वे में दोनों समस्याओं के बीच काफी समानता देखने को मिली. कॉस्मेटिक इस्तेमाल करने के बाद खुजली, त्वचा लाल होना, जलन, सूजन या रैशेज जैसी समस्याएं एलर्जिक रिएक्शन का संकेत हो सकती हैं. अगर किसी प्रोडक्ट के इस्तेमाल के बाद ऐसी परेशानी हो, तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए. समस्या बनी रहे या ज्यादा गंभीर हो तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
खरीदने से पहले इन बातों पर दें ध्यान
कॉस्मेटिक खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग और लेबल जरूर जांचें. प्रोडक्ट पर निर्माता का नाम और पता, बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग की जानकारी और एक्सपायरी डेट जैसी जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए. अगर कोई जानकारी गायब, बदली हुई या संदिग्ध लगे, तो सावधान हो जाना चाहिए. ऑनलाइन खरीदारी करते समय विक्रेता की जानकारी जांचना भी जरूरी है. बहुत कम कीमत पर मिलने वाले महंगे ब्रांड के प्रोडक्ट्स को लेकर भी सतर्क रहना चाहिए. पैकेज खुलने के बाद उसकी खुशबू, टेक्सचर, रंग और पैकेजिंग में कोई असामान्य बदलाव दिखे तो उसे इस्तेमाल करने से बचें.
इसे भी पढ़े : तेज धूप में स्किन हो गई है टैन? घर पर बना ये फेस पैक करेगा हीलिंग में मदद





