Hotel Free WiFi Scams: अगर आप भी घूमने-फिरने के शौकीन हैं और होटल में कदम रखते ही सबसे पहले वहां का फ्री वाई-फाई कनेक्ट करते हैं, तो यह खबर आपको एक बड़ा झटका दे सकती है. हाल ही में टेक जगत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक, माइक्रोसॉफ्ट ने एक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स अब होटलों और कॉन्फ्रेंस हॉलों के फ्री वाई-फाई के जरिए लोगों का पर्सनल डेटा और बैंक अकाउंट्स की जानकारी चुरा रहे हैं. साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब लोग छुट्टियां मनाने होटल जाते हैं, तो वे मोबाइल डेटा बचाने के चक्कर में बिना सोचे-समझे फ्री वाई-फाई से कनेक्ट हो जाते हैं. हैकर्स इसी लापरवाही का फायदा उठाते हैं.
कैसे काम करता है ये जाल?
माइक्रोसॉफ्ट की रिपोर्ट में इस नए साइबर हमले को CaptiveCrunch (Storm-2945) नाम दिया गया है. आमतौर पर जब आप किसी होटल के वाई-फाई से जुड़ते हैं, तो आपके फोन की स्क्रीन पर एक पेज खुलता है. इस पेज पर आपको अपना कमरा नंबर, नाम या मोबाइल नंबर डालना होता है. इसे तकनीकी भाषा में कैप्टिव पोर्टल कहते हैं. हैकर्स ने अब इसी पेज को हैक करना शुरू कर दिया है. जैसे ही कोई यात्री इस पेज पर जाता है, हैकर्स उसके इंटरनेट ट्रैफिक को बीच में ही रोक लेते हैं.
इसके बाद स्क्रीन पर एक नकली पॉप-अप या मैसेज आता है. जिसमें लिखा होता है कि आपका गूगल क्रोम या विंडोज अपडेट होना बाकी है, कृपया यहां क्लिक करके अपडेट करें. जैसे ही कोई यूजर उस अपडेट वाले बटन पर क्लिक करता है, उसके फोन या लैपटॉप में एक खतरनाक वायरस Malware डाउनलोड हो जाता है. इसके बाद यूजर को पता भी नहीं चलता और उसका पूरा डिवाइस हैकर्स के कंट्रोल में आ जाता है.
क्या क्या चुरा लेते है हैकर्स?
एक बार जब वायरस आपके फोन में घुस जाता है, तो हैकर्स आपकी हर हरकत पर नजर रख सकते हैं. वे आपकी नेट बैंकिंग का पासवर्ड, क्रेडिट, डेबिट कार्ड का नंबर और यहां तक कि आपके UPI पिन का भी पता लगा लेते हैं. इसके अलावा आपके फेसबुक, इंस्टाग्राम और ईमेल के पासवर्ड तक चोरी हो सकते हैं. इस वायरस से आपके फोन में मौजूद निजी तस्वीरें, वीडियो और जरूरी दस्तावेज हैकर्स के पास पहुंच जाते हैं.
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खुद को इन हैकर्स से कैसे बचाएं?
इससे बचने का सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि आप होटल के वाई-फाई का इस्तेमाल ही न करें. अपने मोबाइल के इंटरनेट का उपयोग करें. अगर होटल का वाई-फाई इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है, तो अपने फोन में एक अच्छा वीपीएन ऐप डाउनलोड कर लें. वीपीएन चालू करने से आपका डेटा पूरी तरह सुरक्षित और लॉक हो जाता है, जिसे हैकर्स पढ़ नहीं पाते. इसके अलावा वाई-फाई कनेक्ट करते समय अगर कोई भी ऐप, ब्राउजर या सॉफ्टवेयर अपडेट करने का विकल्प आए, तो उसे तुरंत कैंसिल कर दें.
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