- यह पहली बार नहीं, सेना ने पहले भी अपने नागरिकों पर हमले किए।
पिछले एक साल में अफगानिस्तान के 565 आम नागरिकों को आतंकवाद विरोधी एयरस्ट्राइक में मारने वाली पाकिस्तान की सेना ने इस बार अपने ही देश में आतंकवाद विरोधी अभियान के नाम पर भीषण नरसंहार किया है. बलूच लड़ाकों पर हमला करने के नाम पर मंगलवार (11 अगस्त, 2026) और बुधवार (12 अगस्त, 2026) के दरम्यानी आधी रात 2 बजे पाकिस्तानी वायुसेना ने बलूचिस्तान के सुराब शहर के गोंधन गांव में आम नागरिकों के घरों पर स्ट्राइक कर दी.
पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में पुरुषों के साथ महिलाओं-बच्चों की भी मौत
पाकिस्तानी वायुसेना की एयरस्ट्राइक के बाद बुधवार (12 अगस्त, 2026) को दोपहर 3 बजे तक आई जानकारी के मुताबिक, एयरस्ट्राइक में कुल 28 आम लोगों की मौत सोते हुए ही हो गई, जिसमें 9 बच्चे, 7 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं. इसके साथ ही, 17 अन्य लोग पाकिस्तानी वायुसेना की एयरस्ट्राइक में घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है.
पाकिस्तानी सेना पहले भी अपने नागरिकों पर कर चुकी है एयरस्ट्राइक
पाकिस्तानी सेना की आम लोगों पर एयरस्ट्राइक की तस्वीरों में मलबे के नीचे आम लोगों और बच्चों की लाशें दबी हुई साफ-साफ दिखाई दे रही हैं. इसके साथ ही, एक से लेकर चार साल उम्र तक के कई बच्चों की लाशों की तस्वीर भी सामने आई है, जो पाकिस्तानी सेना की आतंक विरोधी अभियान के तहत की गई एयरस्ट्राइक पर सवाल उठा रही है.
सुराब से आई तस्वीरें इतनी हृदयविदारक हैं कि पाकिस्तानी सेना के हमले में बच्चों और बुजुर्गों के परखच्चे उड़ गए हैं. वैसे ये पहला मौका नहीं है, जब पाकिस्तान ने आतंक विरोधी स्ट्राइक में अपने देश के ही आम नागरिकों को मार गिराया है, जिसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल है.
पिछले साल 21-22 सितंबर, 2025 को खैबर पख्तूनख्वाह की तिराह घाटी में पाकिस्तानी सेना ने एयरस्ट्राइक करके 30 आम नागरिकों को मार गिराया था. बलूचिस्तान में 28 लोगों के एयरस्ट्राइक में नरसंहार पर पाकिस्तानी सेना बिल्कुल चुप है और अभी तक कोई जवाब पाकिस्तानी सेना ने नहीं जारी किया है.
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