इंडोनेशिया के माउंट लेवोटोबी ज्वालामुखी में जबरदस्त विस्फोट! 10 km ऊंचा उठा राख का गुबार
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इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप पर शुक्रवार (1 अगस्त 2025) की रात स्थित माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी ज्वालामुखी अचानक फट पड़ा. इस विस्फोट ने 10 किलोमीटर (6.2 मील) तक का राख और गैस का गुबार आसामान में देखने को मिला. खास बात यह रही कि इस राख के बादलों के बीच बिजली चमकती देखी गई, जिसने इस घटना को और भी भयावह बना दिया.
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब बाली में एक अन्य ज्वालामुखी विस्फोट के चलते दर्जनों अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करना पड़ा था. हालांकि, इस बार कोई जानमाल का नुकसान या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है. इंडोनेशिया की ज्वालामुखी विज्ञान एजेंसी ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि विस्फोट का कारण हाल ही के हफ्तों में जमी हुई गैसों का दबाव था, जो एक साथ निकल पड़ा.
विस्फोट के पीछे की वैज्ञानिक वजह
ज्वालामुखी विस्फोट अक्सर पृथ्वी की अंदरूनी परतों में जमा गैस, लावा और अन्य गर्म पदार्थों के अचानक सतह पर निकलने के कारण होते हैं. माउंट लेवोटोबी में भी ऐसा ही हुआ Geological एजेंसी प्रमुख मुहम्मद वाफिद के मुताबिक, विस्फोट हाल के हफ्तों में गैस के जमाव के कारण हुआ था, जब ये गैसें अत्यधिक दबाव के साथ बाहर निकलती हैं तो वे न सिर्फ राख और लावा निकालती हैं, बल्कि हवा में जलवाष्प और विद्युत आवेश के साथ बिजली चमकने की प्रक्रिया (Volcanic Lightning) को भी जन्म देती हैं. यह विस्फोट यह भी बताता है कि ज्वालामुखी शांत होते हुए भी भीतर से सक्रिय रह सकते हैं और जब वे फटते हैं तो प्राकृतिक आपदा का रूप ले लेते हैं.
लाहर बाढ़ और अन्य संभावित खतरे
इस विस्फोट के तुरंत बाद लाहर बाढ़ की चेतावनी दी गई है. लाहर बाढ़ एक प्रकार की ज्वालामुखीय मिट्टी और पानी के मिश्रण से बनी बाढ़ होती है, जो भारी वर्षा के साथ नदियों और घाटियों में तेजी से बहती है और अपनी राह में आने वाली हर चीज को तबाह कर देती है. ज्वालामुखी विज्ञान एजेंसी ने स्थानीय समुदायों को विशेष रूप से नदी किनारों से दूर रहने की सलाह दी है और क्रेटर के छह किलोमीटर के दायरे से बाहर रहने का निर्देश दिया गया है.इसी के साथ, फ्लोरेस द्वीप के पास बसे गांवों और पर्यटक स्थानों को सतर्क किया गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके.
उड़ानों पर प्रभाव और रिंग ऑफ फायर का खतरा
अभी तक इस विस्फोट के बाद किसी भी उड़ान के रद्द होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि इससे पहले के एक बड़े विस्फोट ने बाली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 24 उड़ानों को रद्द करवा दिया था. इंडोनेशिया रिंग ऑफ फायर में स्थित है कि यह एक भूगर्भीय क्षेत्र है, जो अत्यधिक ज्वालामुखीय और भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है. यहां 130 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी हैं, जिससे यह देश प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज़ से बहुत संवेदनशील बन जाता है.
माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी और परेम्पुआन की जुड़ी हुई कहानी
ज्वालामुखी का नाम लेवोटोबी लाकी-लाकी इंडोनेशियाई भाषा में पुरुष का प्रतीक है और यह अपने जुड़वां ज्वालामुखी परेम्पुआन महिला के साथ जुड़ा हुआ है. यह नामकरण न सिर्फ रोचक है, बल्कि स्थानीय संस्कृति और मान्यताओं को भी दर्शाता है. लाकी-लाकी 1,584 मीटर ऊंचा है, जबकि इसका जुड़वां परेम्पुआन 1,703 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. ये दोनों मिलकर एक ज्वालामुखीय युग्म बनाते हैं, जो वैज्ञानिकों के लिए भी रिसर्च का विषय हैं.
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