Rewa Lok Sabha Seat: महाराज मार्तंड सिंह ने विरोधी प्रत्याशी यमुना प्रसाद को दी आर्थिक मदद, चुनाव में मिली हार
Rewa Lok Sabha Seat: मार्तंड सिंह को पता चली कि आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति के कारण यमुना प्रसाद शास्त्री चुनावी प्रचार में वाहन का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे।
By Bhaskar Dubey
Publish Date: Fri, 22 Mar 2024 03:45 AM (IST)
Up to date Date: Fri, 22 Mar 2024 03:45 AM (IST)

HighLights
- दृष्टिहीन पं. यमुना प्रसाद शास्त्री भारतीय लोकदल पार्टी से प्रत्याशी बनकर चुनाव में उतरे थे।
- मार्तंड सिंह के साथ समर्थकों और गाड़ियों का काफिला साथ में चलता था।
- यमुना प्रसाद रिक्शे से प्रचार अभियान में जुटे थे, यह बात जानकार मार्तड सिंह ने उनकी मदद की।
Rewa Lok Sabha Seat: भास्कर दुबे, जबलपुर। राजनीति में विपक्ष के नेता भी आपका सम्मान करें, ऐसे उदाहरण बहुत कम देखने को मिलते हैं। एक ऐसा ही किस्सा है जब रीवा लोकसभा सीट से वहां के पूर्व महाराज मार्तंड सिंह ने लोकसभा चुनाव के दौरान उनके विरुद्ध चुनाव लड़ रहे यमुना प्रसाद शास्त्री की दिल खोलकर मदद की। इससे यमुना प्रसाद को संसाधन मिले, प्रचार में तेजी आई और परिणाम भी उनके पक्ष में आ गया। बात वर्ष 1977 के लोकसभा चुनाव की है।
मार्तंड सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे थे। उन्हें इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन भी प्राप्त था। इधर आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में बिताने वाले दृष्टिहीन पं. यमुना प्रसाद शास्त्री भारतीय लोकदल पार्टी से प्रत्याशी बनकर चुनाव में उतरे थे। रीवा राजवंश की लोकप्रियता आम जनता के बीच थी लेकिन यमुना प्रसाद भी दलित, किसान और मजदूर जैसे मुद्दे लेकर आम जनता के बीच पहुंच रहे थे।
मार्तंड सिंह जब भी चुनाव प्रचार में जाते तो उनके साथ समर्थकों और गाड़ियों का काफिला साथ में चलता था। उधर, यमुना प्रसाद रिक्शे से प्रचार अभियान में जुटे थे। रीवा के इतिहासकार असद खान के अनुसार यह बात मार्तंड सिंह को पता चली कि आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति के कारण यमुना प्रसाद शास्त्री चुनावी प्रचार में वाहन का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे। बस फिर क्या था, मार्तंड सिंह ने दरियादिली दिखाते हुए एक जीप और एक लाख रुपये नकद यमुना प्रसाद शास्त्री के पास पहुंचा दिए।
इसके बाद यमुना प्रसाद ने भी जीप और पैसों का चुनाव में इस्तेमाल किया। वे जीप में बैठकर अब लोकसभा क्षेत्र के दुर्गम स्थलों में भी चुनाव प्रचार के लिए जाने लगे थे। आखिरकार मतदान हुआ और परिणाम आया।
यमुना प्रसाद शास्त्री अपने निकटतम प्रत्याशी मार्तंड सिंह से 6695 मतों से जीत गए। उनकी जीत के बाद खुद पूर्व महाराज मार्तंड सिंह उन्हें बधाई देने पहुंचे। इस पर यमुना प्रसाद ने बड़ी ही विनम्रता से उन्हें कहा ‘अन्नदाता हम नहीं जीतएन, अपनै हमका जितवाए हैएन’ यानी मैं नहीं जीता हूं आपने मुझे चुनाव जितवाया है।


