- USB 3.0 डेटा ट्रांसफर और पावर सप्लाई में बेहतर।
- USB 3.0 का पोर्ट आमतौर पर नीला होता है।
- USB 3.0 पुराने 2.0 पोर्ट पर भी काम करता।
- बड़ी फाइलों हेतु USB 3.0 सर्वश्रेष्ठ विकल्प है।
USB 2.0 VS 3.0: डिजिटल दुनिया में अब डेटा काफी जरूरी हो चुका है. लोग अपने डेटा को स्टोर करने के लिए तरह-तरह के डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं. बता दें कि आज के समय में पेन ड्राइव, एक्सटर्नल हार्ड डिस्क, कीबोर्ड, माउस, प्रिंटर जैसे कई डिवाइस USB के जरिए ही कंप्यूटर या लैपटॉप से कनेक्ट होते हैं. लेकिन अक्सर लोग नई USB ड्राइव खरीदते समय कुछ चीजों का ध्यान नहीं रखते हैं. दरअसल, लोगों में USB 2.0 और USB 3.0 को लेकर काफी कंफ्यूजन रहता है. इसीलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर दोनों में क्या होता है अंतर और किसे खरीदने में आपका फायदा है.
क्या होता है USB
जानकारी के मुताबिक, USB यानी Universal Serial Bus एक ऐसा स्टैंडर्ड है जिसकी मदद से कंप्यूटर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आपस में कनेक्ट होते हैं. इसके जरिए डेटा ट्रांसफर करने के साथ-साथ कई डिवाइस को पावर सप्लाई भी दी जाती है. समय के साथ USB टेक्नोलॉजी में भी कई बदलाव हुए हैं और अब मार्केट में इसके कई जनरेशन मौजूद हैं.

USB 2.0 और USB 3.0 में क्या है अंतर
आपको बता दें कि इन दोनों यूएसबी के बीच का सबसे बड़ा अंतर इन दोनों की डेटा ट्रांसफर की स्पीड का है. USB 2.0 की मैक्सिमम थ्योरीटिकल स्पीड 480 Mbps (लगभग 60 MB/s) तक होती है. वहीं USB 3.0 की मैक्सिमम स्पीड 5 Gbps (लगभग 625 MB/s) तक पहुंच जाती है.
इसका मतलब है कि USB 3.0, USB 2.0 के मुकाबले में कई गुना तेज डेटा ट्रांसफर करने में सक्षम है. ऐसे में अगर आपको बड़ी वीडियो फाइलें, हाई-रिजॉल्यूशन फोटो या गेम्स ट्रांसफर करने होते हैं तो USB 3.0 आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन बन सकता है.
पावर सप्लाई में भी है अंतर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि USB 3.0 सिर्फ स्पीड में ही नहीं बल्कि पावर डिलीवरी के मामले में भी बेहतर माना जाता है. USB 2.0 लगभग 500mA तक पावर देता है जबकि USB 3.0 लगभग 900mA तक बिजली सप्लाई देने में सक्षम है. इससे कई डिवाइस काफी तेजी से चार्ज हो सकती हैं और एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव जैसी एक्सेसरी बेहतर तरीके से काम करती हैं.
कैसे करें दोनों में पहचान
बता दें कि USB 2.0 और USB 3.0 को पहचानना भी आसान है. USB 3.0 पोर्ट या कनेक्टर के अंदर का प्लास्टिक हिस्सा अक्सर नीले रंग का होता है. वहीं, USB 2.0 पोर्ट के अंदर आमतौर पर काला या सफेद रंग दिखाई देता है. कई कंपनियां USB 3.0 पर SuperSpeed का निशान भी देती हैं. हालांकि हर कंपनी एक जैसा रंग इस्तेमाल नहीं करती, इसलिए खरीदते समय पैकेजिंग पर दी गई जानकारी को जरूर पढ़ें.
क्या पुराने पोर्ट में काम करेगा USB 3.0
जी हां, दरअसल, USB 3.0 की सबसे खास बात ये है कि ये Backward Compatible है. इसका मतलब है कि USB 3.0 पेन ड्राइव को USB 2.0 पोर्ट में लगाया जा सकता है और USB 2.0 डिवाइस को USB 3.0 पोर्ट में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, अगर USB 3.0 डिवाइस को USB 2.0 पोर्ट में लगाने पर आपको स्पीड 2.0 के जितनी ही मिलेगी.
किसे खरीदने में है फायदा

ये पूरी तरह से आपकी जरूरत पर निर्भर करता है कि आपको कौन सा यूएसबी पोर्ट खरीदना चाहिए. बता दें कि अगर आपका काम सिर्फ डॉक्यूमेंट, PDF या छोटी फाइलों को ट्रांसफर करना है तो आपको USB 2.0 खरीदना चाहिए. लेकिन अगर आप अक्सर बड़ी फाइलें कॉपी करते हैं, वीडियो एडिटिंग करते हैं, गेमिंग करते हैं या हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर चाहते हैं तो USB 3.0 आपके लिए बेस्ट ऑप्शन साबित होगा.
इन बातों का रखें ध्यान
बताते चलें कि यूएसबी पोर्ट खरीदने से पहले आपको कुछ जरूरी चीजों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए.
- अच्छी और भरोसेमंद कंपनी का USB ड्राइव या केबल खरीदें.
- सिर्फ कम कीमत देखकर कोई भी यूएसबी पोर्ट न खरीदें.
- अगर भविष्य में भी इस्तेमाल करना है तो USB 3.0 या उससे नया वर्जन चुनना आपके लिए बेहतर रहेगा.
- बड़ी फाइलों के लिए हाई-स्पीड USB सबसे ज्यादा काम आती हैं.
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