बर्लिन प्राइड इवेंट में आतंकी हमला, LGBTQ इवेंट में भीड़ में वैन घुसने से 1 की मौत, 16 घायल


जर्मनी के बर्लिन में शनिवार को प्राइड सेलिब्रेशन के लिए जमा भीड़ में एक वैन घुस गई, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और कम से कम 16 लोग घायल हुए हैं. इस घटना के बाद पुलिस को कार्यक्रम बंद कराना पड़ा. एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि वैन शहर के टियरगार्टन पार्क में घुस गई. यह जगह वही थी, जहां से कुछ समय पहले ‘प्राइड मार्च’ गुजरा था और कई लोगों को टक्कर मारने के बाद वैन पेड़ से टकरा गई. पुलिस ने बताया कि कुछ लोग गंभीर घायल हुए हैं. 

बर्लिन पुलिस के अधिकारी फ्लोरियन नाथ ने बताया कि संभावित संदिग्धों की तलाश की जा रही है. बाद में पुलिस प्रवक्ता अलेक्जेंडर क्लूट ने AP को बताया कि अधिकारियों को अभी तक घटना के संभावित मकसद के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. रॉयटर्स के अनुसार, घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद के लिए आपातकालीन कर्मियों ने राइशस्टैग के पास एक हेलीकॉप्टर लैंडिंग पैड बनाया. पुलिस ने बताया कि कुछ लोगों को जानलेवा चोटें आई हैं. एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच रही थीं, इसलिए पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से तुरंत जगह खाली करने को कहा है. 

रॉयटर्स के मुताबिक, बर्लिन पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि संदिग्ध हमलावर की पहचान शहर के इस्लामिस्ट ग्रुप से जुड़े व्यक्ति के तौर पर की गई है, हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी. हमने संदिग्ध अपराधी की पहचान कर ली है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है.

जर्मन चांसलर ने क्या बताया
जर्मन चांसलर फ़्रेडरिक मर्ज़ ने कहा कि वह और गृह मंत्री यह सुनिश्चित करने के लिए ज़ोर देंगे कि हमले की पूरी जांच हो और ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा मिले. बर्लिन के मेयर काई वेग्नर ने इसे शहर के आज़ाद और खुले समाज पर हमला बताया. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ‘प्राइड मार्च’ के बाद हुई रैली पर बेरहमी से हमला किया गया.

बर्लिन में हज़ारों लोग परेड में शामिल होने के लिए जमा हुए थे. जर्मनी में इसे ‘क्रिस्टोफर स्ट्रीट डे’ के नाम से जाना जाता है और यह यूरोप के सबसे बड़े LGBTQ+ आयोजनों में से एक है. हमले की वजह से कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा, लेकिन उससे पहले 80 से ज़्यादा झांकियां इसमें शामिल हो चुकी थीं.

क्वीर लोगों के प्रति बढ़ रही नफरत
आयोजकों के मुताबिक, इस साल की परेड की थीम “टेकिंग अ स्टैंड इज़ हॉट” (अपनी बात पर डटे रहना शानदार) थी. यह थीम जर्मनी में क्वीर लोगों के प्रति बढ़ती नफरत के जवाब में रखी गई थी. इससे पहले दिन में इस कार्यक्रम के विरोध में दक्षिणपंथी गुट के एक काउंटर-प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस का विरोध करने पर एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया था.

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