Tikamgarh Lokayukta Motion Information: जतारा जनपद कार्यालय में जैसे ही पहुंची लोकायुक्त टीम, खाली हो गया दफ्तर, ट्रेप नहीं हो सके आरोपित

Tikamgarh Lokayukta Motion Information: जतारा जनपद कार्यालय में जैसे ही एपीओ व कंप्‍यूटर ऑपरेटर को पकडने लोकायुक्‍त टीम पहुंची। वैसे ही कर्मचारी भाग गए। इससे आरोपित ट्रेप नहीं हो पाए।

By anil tomar

Publish Date: Thu, 21 Mar 2024 01:44 PM (IST)

Up to date Date: Thu, 21 Mar 2024 01:44 PM (IST)

Tikamgarh Lokayukta Action News: जतारा जनपद कार्यालय में जैसे ही पहुंची लोकायुक्त टीम, खाली हो गया दफ्तर, ट्रेप नहीं हो सके आरोपित

HighLights

  1. जिन अफसरों व कर्मचारियों को रिश्वत लेनी थी उन्होंने गोटेट गांव के सरपंच पुत्र को दिला दिए पैसे
  2. सरपंच पुत्र हुआ ट्रेप, लोकायुक्त ने एपीओ और कम्प्यूटर आपरेटर के खिलाफ किया गया मामला दर्ज
  3. सरपंच पुत्र हुआ ट्रेप, लोकायुक्त ने एपीओ और कम्प्यूटर आपरेटर के खिलाफ किया गया मामला दर्ज

Tikamgarh Lokayukta Motion Information: टीकमगढ़.नईदुनिया प्रतिनिधि। जतारा जनपद पंचायत में सागर लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को दबिश दी। दोपहर में लोकायुक्त के पहुंचने से पहले ही गोपनीयता भंग हो गई और लोकायुक्त के आने की भनक स्टाफ में लगने पर जपं सीइओ, एपीओ सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी वहां से भाग गए। इस दौरान 10 हजार रूपये की रिश्वत प्राप्त करने वालों ने गोटेट गांव के सरपंच पुत्र को राशि दिला दी, जिसमें सरपंच पुत्र को ट्रेप किया गया। जबकि मुख्य मामला एपीओ और कम्प्यूटर आपरेटर पर दर्ज किया गया। वहीं जपं सीइओ की मामले में संलिप्तता होने के चलते विवेचना की जा रही है।

लोकायुक्त डीएसपी मंजू सिंह ने बताया कि जतारा जनपद पंचायत की रानीगंज ग्राम पंचायत में जिला पंचायत द्वारा एक सुदूर सड़क स्वीकृत की गई थी। 15 लाख रूपये की लागत से स्वीकृत सुदूर सड़क की तकनीकी स्वीकृति होने के उपरांत प्रशासनिक स्वीकृति होनी थी। इसके एवज में सीइओ सिद्धगोपाल वर्मा द्वारा कम्पयूटर आपरेटर मुर्तजा अली के माध्यम से भुगतान राशि के दो प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत मांगी जा रही थी। वहीं एपीओ राजेश मिश्रा द्वारा 10 हजार रूपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। रिश्वत मांगने पर आडियो रिकार्डिंग कराई गई। लोकायुक्त टीम से एक सदस्य रिकार्डिंग की पुष्टि करने आया और बाद में कार्रवाई की बात तय हुई।

बुधवार को 10 हजार रूपये जैसे ही सरपंच लेकर पहुंचे, तो कम्पयूटर आपरेटर के कहने पर वह राशि गोटेट सरपंच पुत्र यादवेंद्र यादव को थमा दी। राशि यादवेंद्र यादव द्वारा जैसे ही यह राशि प्राप्त की गई, तो एपीओ, सीइओ और कम्पयूटर आपरेटर को भनक लग गई। लोकायुक्त के आने की भनक लगते ही वह दफ्तर से गायब हो गए और फिर कार्रवाई को पूरी तरह से अंजाम नहीं दिया जा सका। डीएसपी के अनुसार उन्होंने मुख्य रूप से एपीओ व कम्प्यूटर आपरेटर पर भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है और सरपंच पुत्र से पूछताछ की जा रही है। जबकि सीइओ को लेकर संदिग्ध स्थिति होने पर विवेचना की जा रही है।

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    2000 से पत्रकारिता में हूं। दैनिक जागरण झांसी, नवभारत में रिपोर्टर के रूप में काम किया है। दैनिक भास्कर भीलवाड़ा, अजमेर में रिपोर्टर रहा। 2007 से 2013 तक दैनिक भास्कर के मुरैना कार्यालय में ब्यूरो चीफ के रूप मे