दिल्ली में नेशनल स्कूल सेफ्टी टूलकिट लॉन्च , साइबर सुरक्षा से लेकर डिजास्टर तैयारी पर होगा फोकस

दिल्ली में नेशनल स्कूल सेफ्टी टूलकिट लॉन्च , साइबर सुरक्षा से लेकर डिजास्टर तैयारी पर होगा फोकस


Delhi School: दिल्ली में स्कूलों को ज्यादा सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने गुरुवार को नेशनल मॉडल स्कूल सेफ्टी टूलकिट लॉन्च की. उन्होंने कहा कि आज के दौर में स्कूल सुरक्षा का दायरा पहले की तुलना में काफी व्यापक हो गया है. अब यह केवल स्कूल भवन, आग से सुरक्षा या इमरजेंसी एग्जिट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें साइबर सुरक्षा छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा परिवहन और आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारी शामिल है.

नई दिल्ली के पीएचडी हाउस में आयोजित नेशनल सबमिट ऑन सेफ स्कूल्स लीडरशिप 2026 को संबोधित करते हुए लोग ने कहा कि यह टूल किट स्कूलों में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल है. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य स्कूलों को केवल सुरक्षित बनाना नहीं, बल्कि उन्हें हर तरह की समस्या से निपटने के लिए तैयार करना भी है. 

स्कूल सुरक्षा की बदली परिभाषा 

एलजी संधू ने कहा है कि समय के साथ स्कूल सुरक्षा की अवधारणा में बड़ा बदलाव आया है. पहले जहां ध्यान मुख्य रूप से भवनाें की सुरक्षा, फायर फाइटिंग व्यवस्था और इमरजेंसी रिस्पाॅन्स पर रहता था, वहीं अब डिजिटल दुनिया से जुड़े खतरों को भी गंभीरता से लेना जरूरी हो गया. उन्होंने कहा कि छात्रों की साइबर सुरक्षा, मेंटल हेल्थ, सुरक्षित परिवहन और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी आधुनिक स्कूल सुरक्षा का अहम हिस्सा है. 

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दिल्ली की जिम्मेदारी ज्यादा क्यों? 

कार्यक्रम में इस टूलकिट को लेकर एलजी ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी होने के कारण दिल्ली की जिम्मेदारी दूसरे राज्यों की तुलना में ज्यादा है. घनी आबादी और विविध सामाजिक परिवेश वाले शहरों में स्कूलों को ऐसा सुरक्षित, समावेशी और मजबूत एनवायरमेंट विकसित करना चाहिए, जो देश के अन्य हिस्सों के लिए भी उदाहरण बन सके. उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित शिक्षण वातावरण तैयार करना केवल प्रशासन ही कि नहीं, बल्कि सभी शिक्षण संस्थानों की भी जिम्मेदारी है. तरणजीत संधू ने स्कूल प्रमुखों और प्रबंधन से सुरक्षा को लेकर नियमों का पालन तक सीमित न रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इसे संस्थागत नेतृत्व का हिस्सा बनाया जाना चाहिए. उन्होंने सभी स्कूलों में नियमित सेफ्टी ऑडिट, आपातकालीन तैयारी की स्पष्ट योजना, समय-समय मॉक ड्रिल, प्रशिक्षित स्टाफ और सरकारी एजेंसियों तथा स्थानीय समुदाय के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया है. 

चाइल्ड सेफ्टी मंथ के बीच लॉन्च हुई टूलकिट 

उपराज्यपाल कार्यालय से जारी एक नोट के अनुसार एलजी ने इस बात पर जोर दिया है कि जुलाई महीने में दिल्ली में चाइल्ड सेफ्टी मंथ मनाया जा रहा है. इसलिए ऐसे समय में नेशनल मॉडल स्कूल सेफ्टी टूल किट का लॉन्च बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम पहल है. उन्होंने कहा कि यह टूलकिट स्कूलों में रोकथाम, तैयारी और जोखिम प्रबंधन की संस्कृति विकसित करने में मदद करेगी, ताकि किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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