जब NEET LEAK पर हो रहे थे प्रदर्शन, तब इस लड़के ने कर दिखाया कमाल

जब NEET LEAK पर हो रहे थे प्रदर्शन, तब इस लड़के ने कर दिखाया कमाल


NEET UG 2026: देशभर में नीट यूजी 2026 पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. हजारों छात्र सड़कों पर उतरकर परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. इस बीच नीट यूजी 2026 री एग्जाम में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल करने वाले हरियाणा के पंशुल बंसल का बयान चर्चा में है. पंशुल का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन में जाने के बजाय अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया और उसी का रिजल्ट उन्हें बेहतर स्कोर के रूप में मिला. 

परीक्षा रद्द होने पर पहले हुई निराशा, फिर बदला नजरिया

पंशुल बंसल ने बताया कि 3 मई को हुई मूल नीट यूजी परीक्षा रद्द होने की खबर सुनकर उन्हें भी शुरुआत में निराशा और दुख हुआ था. उन्हें लगा कि उनका पेपर अच्छा गया और सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिलने लायक अंक आ सकते हैं, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को अलग नजरिया से देखा और इसे खुद को बेहतर करने का मौका मान लिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने तय किया था कि नकारात्मक सोच में समय बिताने के बजाय दोबारा परीक्षा की तैयारी पर पूरे फोकस करेंगे. 

प्रोटेस्ट में क्यों जाऊं, घर पर पढ़ाई करना बेहतर है 

एक मीडिया हाउस से बातचीत में पंशुल बंसल ने कहा कि जब परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में प्रदर्शन हो रहे थे, तब उन्होंने अलग रास्ता चुना. उन्होंने कहा मैंने सोचा कि मुझे विरोध प्रदर्शन में क्यों जाना चाहिए, इसके बजाय मैं घर पर रहकर पढ़ाई कर सकता हूं. अपनी क्षमताओं को बेहतर बना सकता हूं और अपना स्कोर बढ़ा सकता हूं. उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी तरह की नकारात्मकता से दूरी बनाकर केवल अपने टारगेट पर ध्यान दिया. पंशुल का मानना था कि परीक्षा खत्म होने के बाद तनाव और चिंता भी खत्म हो जाएगी, इसलिए उन्होंने अपना पूरा समय तैयारी में लगाया. 

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मूल परीक्षा के 706 अंक से पहुंचे 715 अंक तक 

पंशुल ने बताया कि पहली परीक्षा में उनके लगभग 706 अंक आने की उम्मीद थी. वहीं री एग्जाम में उन्होंने 715 अंक हासिल किए और 99.9999 परसेंटाइल के साथ ऑल इंडिया रैंक-2 प्राप्त की. उन्होंने कहा कि इस अतिरिक्त समय में उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल में कोई बदलाव नहीं किया, बल्कि पहले की तरह नियमित पढ़ाई जारी रखी है. उनके अनुसार पिछले डेढ़ महीने में उन्होंने पूरी मेहनत की और बाकी भगवान पर छोड़ दिया. पंशुल का कहना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए नियमित पढ़ाई, अनुशासन और लगातार प्रेक्टिस सबसे जरूरी है. पंशुल ने छात्रों को सलाह दी कि वह दूसरों से तुलना करने की बजाय अपनी तैयारी पर ध्यान दे और हर दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करें.

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