Raigarh Information: लाखों की लागत से बन रहे रायगढ़ स्टेडियम के पवेलियन का शेड पिल्हर सहित उखड़ा
एक माह पूर्व ढाई करोड़ की लागत से करीब आधा दर्जन ठेकेदारों ने रायगढ़ स्टेडियम का जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य कराया था,
By Yogeshwar Sharma
Publish Date: Thu, 21 Mar 2024 12:55 AM (IST)
Up to date Date: Thu, 21 Mar 2024 12:55 AM (IST)

HighLights
- रायगढ़ स्टेडियम जीर्णोद्धार और उन्नयन कार्य वर्षा से प्रभावित
- आंधी तूफान से 2 माह के अंदर ही खुली पोल
- जिंदल कर्मियों की टीम स्थल मुआयना करते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी है।
रायगढ़( नईदुनिया प्रतिनिधि)। रायगढ़ स्टेडियम जिले का सर्व सुविधा युक्त एकमात्र स्टेडियम है जिसमें सभी प्रकार की खेल गतिविधियां संचालित होती हैं। सीएसआर मद से इसके मरम्मत और जिर्णोद्धार का कार्य जेएसपी फाउंडेशन द्वारा कराया जाता है। करीब एक माह पूर्व ढाई करोड़ की लागत से हुए मरम्मत कार्य जिसका शिलान्यास खुद नवीन जिंदल ने किया था उसकी सच्चाई सामने आने लगी है। बीते दो दिनों से मौसम में आए बदलाव के चलते घटिया निर्माण युक्त सभी शेड खंभा सहित उखड़ कर हवा में लटकने लगे। जिसके चलते लाल फीता लगाकर उक्त स्थल को प्रतिबंधित किया गया है।
जानकारी के अनुसार बीते एक माह पूर्व ढाई करोड़ की लागत से करीब आधा दर्जन ठेकेदारों ने रायगढ़ स्टेडियम का जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य कराया था, यह कार्य जेएसपीएल में कार्यरत ठेकेदारों ने किया था। जिसका पैसा जेएसपी फाउंडेशन द्वारा उनके ठेकेदारों को दिया गया। निर्माण कार्य पूर्ण होने पर रायगढ़ स्टेडियम का उद्घाटन करने जिंदल स्टील एंड पावर जेएसपी फाउंडेशन के चेयरमैन नवीन जिंदल खुद रायगढ़ पहुंचे थे। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि जिस तरह से आम लोगों को सुविधा मुहैया कराने, खिलाड़ियों को अभ्यास करने के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म देने के लिए रायगढ़ स्टेडियम का निर्माण किया गया है। उसमें भ्रष्ट ठेकेदारों की संलिप्तता से खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए जान का खतरा बना हुआ है। हवा के हल्के झोंका से जहां छप्पर नहीं उड़े वहीं विशाल शेड के सभी खंभा उखड़ कर हवा में लटकने लगे। जबकि यह सीमेंट की ढलाई से जाम किया गया। इसके लिए जिला प्रशासन को दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। स्टेडियम प्रबंधक द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से लाल झंडा लगाकर लोगों को पवेलियन के सीढ़ी पर चढ़ने से रोंक लगाया गया है।
फिलहाल जिंदल कर्मियों की टीम उक्त स्थल में आकर मौका मुआयना करते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी है।
घटिया निर्माण से बाल बाल बचे रहवासी और खिलाड़ी
देखा जाए तो द्रोणिका के चलते बीते 4 दिन से मौसम का जिले में बिगड़ा हुआ है।अंधड़ तूफान ओलावृष्टि हो रही है। वही अब तक जिले में किसी भी निर्माण तथा कोई नुकसान की बात सामने नही आई है। वही स्टेडियम के जिस सीढ़ी के उपर लगे शेड का खंभा उखड़ा है उस सीढ़ी के नीचे कमरे में स्टेडियम के कर्मचारी अपने परिवार के साथ रहते हैं। घटना रात को होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई यदि यही घटना दिन में हुई होती तो बड़ी घटना हो सकती थी।
पिल्हर को कम गहराई में जाम करना पड़ा भारी
हादसे के बाद पवेलियन दर्शक दीर्घा में बनाये गए शेड को लोहे के पोल से पिल्हर बनाकर खड़ा किया गया है। यह पिल्हर को जिस जगह खड़ी किया गया था वाहा पोल को कम से कम 1 फिट अंदर तक लेना था और साथ ही क्रास कर सीमेंट से जाम करना था, चूंकि फ़ौरी तौर 6 इंच अंदर सीमेंट से जाम किया गया और क्रास भी नही लगाया गया। यही वजह प्रथम दृष्टि में भारी पड़ना कर्मचारियों द्वारा बताया जा रहा है।

