- अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल 6% तक महंगा हुआ.
- कच्चे तेल में उछाल से भारत में ईंधन सस्ता होने की उम्मीद घटी.
- क्रूड $80 पार रहने पर भारत में ईंधन के दाम बढ़ सकते हैं.
Petrol-Diesel Rate Today on July 9: अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई के चलते बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 6% का उछाल आया. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4.58 डॉलर या 6.09% बढ़कर 78.66 डॉलर प्रति बैरल हो गए, जबकि U.S. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 4.22 डॉलर या 6% की तेजी के साथ 74.65 डॉलर प्रति बैरल हो गया. ये दोनों ही बेंचमार्क 23 जून के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं. ऐसे में भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम होने की उम्मीदें भी कम हो गई हैं, जो हाल में कच्चे तेल में आई गिरावट के बाद जगी थी.
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 25 मई के बाद से स्थिर बनी हुई है. आखिरी बार सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर 102.12 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.21 रुपये | 97.83 रुपये |
| कोलकाता | 113.51 रुपये | 99.82 रुपये |
| अहमदाबाद | 101.70 रुपये | 97.84 रुपये |
| चेन्नई | 107.77 रुपये | 99.55 रुपये |
| पटना | 113.35 रुपये | 99.36 रुपये |
| लेह | 109.81 रुपये | 97.92 रुपये |
| तिरुवनंतपुरम | 115.49 रुपये | 104.40 रुपये |
| पुणे | 111.52 रुपये | 98.15 रुपये |
तेल की कीमतें क्यों बढ़ीं?
अमेरिकी रष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तुर्की के अंकारा में चल रहे नाटो (NATO) समिट के दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए ईरान के साथ सीजफायर खत्म होने की बात कही. उन्होंने कहा, ”मेरे हिसाब से यह सीजफायर अब खत्म हो चुका है.” उन्होंने जून में अमेरिका-ईरान के बीच हस्ताक्षरित शांति समझौते को लेकर कहा कि ईरान से बात करना पूरी तरह से समय की बर्बादी है. ट्रंप के इस बयान के बाद एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने और होर्मुज (Strait of Hormuz) के जरिए तेल की सप्लाई रुकने का डर फिर से सताने लगा है. यही वजह है कि कल एकाएक तेल की कीमतें बढ़ गईं.
भारत पर क्या होगा असर?
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है. ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की तेल कंपनियों पर पड़ता है क्योंकि इनके लिए आयात महंगा हो जाता है. वैश्विक बाजार में अगर इसी रफ्तार से क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ती रहीं और लंबे समय तक 80 डॉलर के पार बनी रही, तो आने वाले दिनों में भारत में भी घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम बढ़ सकते हैं.
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