अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मावलावी अताउल्लाह ओमारी मंगलवार (7 जुलाई 2026) को भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे. उनके इस दौरे को भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. भारत पहुंचने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उनका स्वागत किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि भारत अफगानिस्तान के साथ आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करने के लिए उत्सुक है.
रणधीर जायसवाल ने अपने मैसेज में कहा कि अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मावलावी अताउल्लाह ओमारी का नई दिल्ली पहुंचने पर स्वागत है और दोनों देशों के साझा हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा का इंतजार है. भारत में अफगानिस्तान दूतावास के अनुसार, ओमारी अपने साथ अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी लेकर आए हैं. इस दौरान वह अपने भारतीय समकक्षों और भारतीय व्यापार समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे. बैठकों में कृषि, सिंचाई, निवेश और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के विषय पर चर्चा की जाएगी.
A very warm welcome to the Minister of Agriculture, Irrigation and Livestock of Afghanistan, Mawlawi Ataullah Omari, as he arrives in New Delhi.
Looking forward to engaging discussions on issues of mutual interest. pic.twitter.com/trNhOtNBST
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 7, 2026
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अफगानिस्तान को मदद करता है भारत
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत लगातार अफगानिस्तान को मानवीय सहायता प्रदान कर रहा है. हाल ही में 17 जून को भारत ने अफगानिस्तान को पांच टन आवश्यक दवाइयों की खेप भेजी थी. विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यह सहायता अफगान लोगों के कल्याण और मानवीय सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. इसके अलावा 11 जून को भारत ने अफगानिस्तान के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण भी उपलब्ध कराए थे. इनमें नवजात और बच्चों की देखभाल से जुड़े उपकरण, कार्डियोग्राफ मशीनें, वेंटिलेटर, मरीजों की निगरानी करने वाले उपकरण, सर्जरी से जुड़े विशेष उपकरण और अन्य चिकित्सा किट शामिल थीं.
अफगानिस्तान को लेकर भारत का रूख
भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह अफगानिस्तान में शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. भारत लगातार मानवीय सहायता, विकास परियोजनाओं और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से अफगानिस्तान का समर्थन करता रहा है. हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान पर आयोजित बैठक में भी भारत ने अपना रुख दोहराया था. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा था कि भारत और अफगानिस्तान के संबंध सदियों पुराने हैं और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है.
रणधीर जायसवाल ने क्या कहा ?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा कि भारत का रुख नहीं बदला है और उसका मुख्य उद्देश्य अफगान जनता की मदद करना है. उन्होंने कहा कि भारत खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों की सप्लाई, एजुकेशन, स्कॉलरशिप और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के जरिए अफगानिस्तान का मदद करता रहेगा. भारत का मानना है कि अफगानिस्तान में स्थिरता और विकास पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है. इसी मकसद से नई दिल्ली लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और अफगान जनता के कल्याण के लिए काम कर रही है.
मावलावी अताउल्लाह ओमारी का दौरा क्यों है जरूरी?
मावलावी अताउल्लाह ओमारी का यह दौरा कृषि, सिंचाई, निवेश और विकास से जुड़े क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है. आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों से कई महत्वपूर्ण समझौतों और साझेदारी की संभावनाएं भी जुड़ी हुई हैं.
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