जॉब इंटरव्यू में रिजेक्ट होने की क्या होती है सबसे बड़ी वजह, क्या कहते हैं HR प्रोफेशनल्स?

जॉब इंटरव्यू में रिजेक्ट होने की क्या होती है सबसे बड़ी वजह, क्या कहते हैं HR प्रोफेशनल्स?


सबसे पहली और सबसे बड़ी वजह है कंपनी के बारे में सही जानकारी न होना. एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 47 प्रतिशत इंटरव्यू इसी वजह से फेल हो जाते हैं कि उम्मीदवार को कंपनी के काम, उसके प्रोडक्ट या उसकी जरूरतों के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती. HR मानते हैं कि यह सबसे आसानी से सुधारी जा सकने वाली गलती है, क्योंकि इंटरव्यू से पहले कंपनी की वेबसाइट और उसकी खबरें पढ़ लेना ज्यादा मुश्किल काम नहीं होता है.

सबसे पहली और सबसे बड़ी वजह है कंपनी के बारे में सही जानकारी न होना. एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 47 प्रतिशत इंटरव्यू इसी वजह से फेल हो जाते हैं कि उम्मीदवार को कंपनी के काम, उसके प्रोडक्ट या उसकी जरूरतों के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती. HR मानते हैं कि यह सबसे आसानी से सुधारी जा सकने वाली गलती है, क्योंकि इंटरव्यू से पहले कंपनी की वेबसाइट और उसकी खबरें पढ़ लेना ज्यादा मुश्किल काम नहीं होता है.

दूसरी बड़ी वजह है सही तरीके से बात न कर पाना और अपने विचार साफ ढंग से न रख पाना.  बहुत से उम्मीदवार सवालों के जवाब घुमा-फिरा कर देते हैं, जिससे इंटरव्यू लेने वाले को लगता है कि उम्मीदवार को नौकरी में सच में रुचि नहीं है.  शोध बताते हैं कि करीब एक तिहाई कंपनियों को कमजोर बातचीत की वजह से नुकसान झेलना पड़ता है, इसलिए HR टीमें इस बात को बहुत गंभीरता से देखती हैं. इसके साथ ही बॉडी लैंग्वेज का भी बड़ा असर पड़ता है. कई इंटरव्यू लेने वालों का मानना है कि आंखों में आंखें डालकर बात न करना भी उम्मीदवार को रिजेक्ट करने की एक बड़ी वजह बन जाता है.

दूसरी बड़ी वजह है सही तरीके से बात न कर पाना और अपने विचार साफ ढंग से न रख पाना. बहुत से उम्मीदवार सवालों के जवाब घुमा-फिरा कर देते हैं, जिससे इंटरव्यू लेने वाले को लगता है कि उम्मीदवार को नौकरी में सच में रुचि नहीं है. शोध बताते हैं कि करीब एक तिहाई कंपनियों को कमजोर बातचीत की वजह से नुकसान झेलना पड़ता है, इसलिए HR टीमें इस बात को बहुत गंभीरता से देखती हैं. इसके साथ ही बॉडी लैंग्वेज का भी बड़ा असर पड़ता है. कई इंटरव्यू लेने वालों का मानना है कि आंखों में आंखें डालकर बात न करना भी उम्मीदवार को रिजेक्ट करने की एक बड़ी वजह बन जाता है.

तीसरी वजह है कंपनी के माहौल से मेल न खाना, जिसे HR भाषा में कल्चरल फिट कहा जाता है. कई बार उम्मीदवार तकनीकी रूप से बहुत काबिल होता है, लेकिन उसका स्वभाव या काम करने का तरीका कंपनी के माहौल से मेल नहीं खाता. ऐसे मामलों में कंपनियां अक्सर कम अनुभवी लेकिन माहौल में फिट बैठने वाले उम्मीदवार को चुनना पसंद करती हैं. इसके अलावा जरूरत से ज्यादा सैलरी की उम्मीद रखना भी रिजेक्शन की एक आम वजह है, खासकर तब जब उम्मीदवार का अनुभव उस सैलरी के हिसाब से मेल नहीं खाता हो.

तीसरी वजह है कंपनी के माहौल से मेल न खाना, जिसे HR भाषा में कल्चरल फिट कहा जाता है. कई बार उम्मीदवार तकनीकी रूप से बहुत काबिल होता है, लेकिन उसका स्वभाव या काम करने का तरीका कंपनी के माहौल से मेल नहीं खाता. ऐसे मामलों में कंपनियां अक्सर कम अनुभवी लेकिन माहौल में फिट बैठने वाले उम्मीदवार को चुनना पसंद करती हैं. इसके अलावा जरूरत से ज्यादा सैलरी की उम्मीद रखना भी रिजेक्शन की एक आम वजह है, खासकर तब जब उम्मीदवार का अनुभव उस सैलरी के हिसाब से मेल नहीं खाता हो.

चौथी वजह है रिज्यूमे और इंटरव्यू में कही गई बातों में फर्क होना. अगर उम्मीदवार रिज्यूमे में लिखी गई बातों को इंटरव्यू में सही तरीके से समझा नहीं पाता या उसका जवाब उसके अनुभव से मेल नहीं खाता, तो इंटरव्यू लेने वाले को शक होने लगता है.  HR प्रोफेशनल्स बताते हैं कि छोटी-मोटी गलतियां जैसे रिज्यूमे में स्पेलिंग की गलती या गलत जानकारी भी गंभीरता से देखी जाती है, क्योंकि इससे उम्मीदवार की सावधानी पर सवाल उठता है.

चौथी वजह है रिज्यूमे और इंटरव्यू में कही गई बातों में फर्क होना. अगर उम्मीदवार रिज्यूमे में लिखी गई बातों को इंटरव्यू में सही तरीके से समझा नहीं पाता या उसका जवाब उसके अनुभव से मेल नहीं खाता, तो इंटरव्यू लेने वाले को शक होने लगता है. HR प्रोफेशनल्स बताते हैं कि छोटी-मोटी गलतियां जैसे रिज्यूमे में स्पेलिंग की गलती या गलत जानकारी भी गंभीरता से देखी जाती है, क्योंकि इससे उम्मीदवार की सावधानी पर सवाल उठता है.

पांचवीं वजह है तैयारी की कमी. बहुत से उम्मीदवार इंटरव्यू में बिना तैयारी के चले जाते हैं और सामान्य सवालों के जवाब में भी अटक जाते हैं.  जो उम्मीदवार पहले से सामान्य सवालों का अभ्यास करके जाते हैं, वे ज्यादा आत्मविश्वास के साथ जवाब देते हैं, और यही आत्मविश्वास इंटरव्यू लेने वाले पर अच्छा असर डालता है.

पांचवीं वजह है तैयारी की कमी. बहुत से उम्मीदवार इंटरव्यू में बिना तैयारी के चले जाते हैं और सामान्य सवालों के जवाब में भी अटक जाते हैं. जो उम्मीदवार पहले से सामान्य सवालों का अभ्यास करके जाते हैं, वे ज्यादा आत्मविश्वास के साथ जवाब देते हैं, और यही आत्मविश्वास इंटरव्यू लेने वाले पर अच्छा असर डालता है.

कुल मिलाकर, HR प्रोफेशनल्स का यही मानना है कि इंटरव्यू में रिजेक्शन का मतलब यह नहीं कि उम्मीदवार काबिल नहीं है. कई बार सही तैयारी, अच्छी बातचीत और कंपनी के बारे में जानकारी की कमी ही असली वजह होती है.

कुल मिलाकर, HR प्रोफेशनल्स का यही मानना है कि इंटरव्यू में रिजेक्शन का मतलब यह नहीं कि उम्मीदवार काबिल नहीं है. कई बार सही तैयारी, अच्छी बातचीत और कंपनी के बारे में जानकारी की कमी ही असली वजह होती है.

Published at : 07 Jul 2026 01:05 AM (IST)

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