बारिश में सबसे पहले सड़ती हैं ये 7 सब्जियां, खरीदते वक्त रहें सावधान

बारिश में सबसे पहले सड़ती हैं ये 7 सब्जियां, खरीदते वक्त रहें सावधान


भिंडी खरीदने से पहले उसका सिरा हल्का सा तोड़कर देखें. अगर वह आसानी से टूट जाए, तो समझिए भिंडी ताजी है. ताजी भिंडी का रंग हरा होता है और वह कुरकुरी भी होती है. अगर सिरा आसानी से नहीं टूटता और सिर्फ मुड़ जाता है, तो ऐसी भिंडी बासी हो सकती है और उसे खरीदने से बचना चाहिए.

भिंडी खरीदने से पहले उसका सिरा हल्का सा तोड़कर देखें. अगर वह आसानी से टूट जाए, तो समझिए भिंडी ताजी है. ताजी भिंडी का रंग हरा होता है और वह कुरकुरी भी होती है. अगर सिरा आसानी से नहीं टूटता और सिर्फ मुड़ जाता है, तो ऐसी भिंडी बासी हो सकती है और उसे खरीदने से बचना चाहिए.

बारिश के मौसम में बैंगन के अंदर कीड़े लगने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए खरीदते समय अच्छी तरह देखें कि बैंगन पर कहीं छेद या दरार तो नहीं है. अगर ऐसा दिखाई दे, तो उस बैंगन को न खरीदें. उसके अंदर कीड़े ज्यादा हो सकते हैं.

बारिश के मौसम में बैंगन के अंदर कीड़े लगने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए खरीदते समय अच्छी तरह देखें कि बैंगन पर कहीं छेद या दरार तो नहीं है. अगर ऐसा दिखाई दे, तो उस बैंगन को न खरीदें. उसके अंदर कीड़े ज्यादा हो सकते हैं.

लौकी खरीदते समय उसके वजन पर ध्यान दें. बहुत भारी लौकी के बीज अक्सर पक चुके होते हैं, जिससे उसका टेस्टी कम हो जाता है. हल्की लौकी ताजी मानी जाती है. इसके बीज भी नरम होते हैं और खाने में टेस्ट बेहतर रहता है.

लौकी खरीदते समय उसके वजन पर ध्यान दें. बहुत भारी लौकी के बीज अक्सर पक चुके होते हैं, जिससे उसका टेस्टी कम हो जाता है. हल्की लौकी ताजी मानी जाती है. इसके बीज भी नरम होते हैं और खाने में टेस्ट बेहतर रहता है.

अगर प्याज का डंठल दबाने पर आसानी से अंदर चला जाए या नरम महसूस हो, तो ऐसी प्याज अंदर से खराब हो सकती है और उसमें सड़न शुरू हो चुकी होती है. क्योंकि प्याज अक्सर ज्यादा मात्रा में खरीदी जाती है, इसलिए खरीदते समय इसकी जांच जरूर करें.

अगर प्याज का डंठल दबाने पर आसानी से अंदर चला जाए या नरम महसूस हो, तो ऐसी प्याज अंदर से खराब हो सकती है और उसमें सड़न शुरू हो चुकी होती है. क्योंकि प्याज अक्सर ज्यादा मात्रा में खरीदी जाती है, इसलिए खरीदते समय इसकी जांच जरूर करें.

बारिश के मौसम में पालक, मेथी और केल जैसी पत्तेदार सब्जियों में नमी ज्यादा रहती है. इसी वजह से इनमें बैक्टीरिया और कीटाणु तेजी से पनप सकते हैं. इन्हें साफ करना भी आसान नहीं होता है. अगर इन्हें खाना हो, तो अच्छी तरह धोकर और कुछ देर गर्म पानी में उबालने के बाद ही इस्तेमाल करें.

बारिश के मौसम में पालक, मेथी और केल जैसी पत्तेदार सब्जियों में नमी ज्यादा रहती है. इसी वजह से इनमें बैक्टीरिया और कीटाणु तेजी से पनप सकते हैं. इन्हें साफ करना भी आसान नहीं होता है. अगर इन्हें खाना हो, तो अच्छी तरह धोकर और कुछ देर गर्म पानी में उबालने के बाद ही इस्तेमाल करें.

मशरूम नमी वाले वातावरण में उगते हैं. मानसून के दौरान इनमें फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. कुछ प्रकार के मशरूम जहरीले भी हो सकते हैं, इसलिए इस मौसम में मशरूम खरीदते और खाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.

मशरूम नमी वाले वातावरण में उगते हैं. मानसून के दौरान इनमें फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. कुछ प्रकार के मशरूम जहरीले भी हो सकते हैं, इसलिए इस मौसम में मशरूम खरीदते और खाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.

बारिश के मौसम में बढ़ी हुई नमी की वजह से सब्जियों में फंगस, बैक्टीरिया और कीड़े जल्दी लग सकते हैं. अगर खराब या संक्रमित सब्जियों का सेवन किया जाए, तो पाचन संबंधी समस्याएं और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए मानसून में हमेशा ताजी सब्जियां चुनें और इस्तेमाल से पहले उन्हें अच्छी तरह साफ करके ही पकाएं.

बारिश के मौसम में बढ़ी हुई नमी की वजह से सब्जियों में फंगस, बैक्टीरिया और कीड़े जल्दी लग सकते हैं. अगर खराब या संक्रमित सब्जियों का सेवन किया जाए, तो पाचन संबंधी समस्याएं और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए मानसून में हमेशा ताजी सब्जियां चुनें और इस्तेमाल से पहले उन्हें अच्छी तरह साफ करके ही पकाएं.

Published at : 03 Jul 2026 08:39 AM (IST)

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