MP Excessive Court docket : एनएचएआइ अधिकारियों को रिश्वत का मामला ठेका कंपनी के निदेशकों की अर्जी।
By Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 19 Mar 2024 11:51 AM (IST)
Up to date Date: Tue, 19 Mar 2024 12:20 PM (IST)
HighLights
- कंपनी के दो निदेशकों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।
- दोनों निदेशकों ने हाई कोर्ट में जमानत अर्जी दायर कर दी।
- कुल बरामदगी बढ़कर दो करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
MP Excessive Court docket : जबलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने भोपाल स्थित एक निर्माण कंपनी के निदेशकों द्वारा दायर जमानत अर्जी पर सुनवाई 21 मार्च तक के लिए बढ़ा दी है। मामला भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अधिकारियों को 20 लाख रुपये की रिश्वत देने के आरोप से जुड़ा है। दरअसल, सड़क निर्माण का ठेका पाने के लिए एनएचएआइ अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोप में सीबीआइ ने कंपनी के दो निदेशकों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। कंपनी और एनएचएआइ के कुछ अन्य कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया था। भोपाल की सीबीआइ विशेष अदालत ने 12 मार्च को कंपनी के निदेशकों की जमानत अर्जी इस टिप्पणी के साथ निरस्त कर दी थी कि उनके विरुद्ध आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। लिहाजा, दोनों निदेशकों ने हाई कोर्ट में जमानत अर्जी दायर कर दी।
कंपनी के दो निदेशकों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था
सोमवार को उनके आवेदन पर सुनवाई के दौरान, सीबीआइ के अधिवक्ता ने निवेदन किया कि उन्हें सोमवार को केस डायरी मिल गई है, और उन्हें अपना मामला तैयार करने के लिए समय चाहिए। हाई कोर्ट ने निवेदन को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई 21 मार्च तक बढ़ा दी। सीबीआइ ने रिश्वतखोरी रैकेट के भंडाफोड़ से संबंधित मामले में मध्य प्रदेश में कार्यरत एक उप महाप्रबंधक समेत एनएचएआइ के दो और अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या बढ़कर आठ हो गई थी।
काले ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये की रिश्वत ली थी
भोपाल में परियोजना निदेशक का प्रभार संभाल रहे उप महाप्रबंधक राजेंद्र कुमार गुप्ता और विदिशा में परियोजना निदेशक के रूप में कार्यरत हेमंत कुमार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अधिकारियों और भोपाल स्थित बंसल कंस्ट्रक्शन वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े रिश्वतखोरी रैकेट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था सीबीआइ ने रिश्वतखोरी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए नागपुर में तैनात एनएचएआई के महाप्रबंधक और परियोजना निदेशक अरविंद काले और मध्य प्रदेश के हरदा में तैनात उप महाप्रबंधक ब्रिजेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया था। काले ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये की रिश्वत ली थी।
कुल बरामदगी बढ़कर दो करोड़ रुपये से अधिक हो गई है
अधिकारियों ने कहा था कि विदिशा और डिंडोरी में छापेमारी के बाद कुल बरामदगी बढ़कर दो करोड़ रुपये से अधिक हो गई है और इसमें अभियान के दौरान जब्त किए गए आभूषण और नकदी भी शामिल है। आरोपितों को भोपाल की एक विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। ठेका कंपनी के दो निदेशकोंअनिल बंसल और कुणाल बंसल और चार कर्मचारियों को भी अभियान के दौरान हिरासत में लिया गया था।






