Petrol Diesel News: पिछले महीने यानी मई 2026 में करीब चार बार पेट्रोल- डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ. जिससे आम जनता काफी परेशान और तनाव में आ गई थी. लोग दुआ कर रहे थे कि जल्द से जल्द ईरान और यूएस के बीच चल रहा युद्ध शांत हो, जिससे महंगाई ना बढ़े. वहीं अब जब खबरें ऐसी सामने आई हैं कि ईरान और यूएस के बीच शांति वार्ता हो गई है, तब लोगों ने राहत की सांस ली है. इसी बीच तेल कंपनियों के लिए भी अच्छी खबर है.
सरकार ने जारी किए आंकड़े
दरअसल हाल ही में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने खुलासा किया है कि तेल कंपनियों का घाटा अब काफी कम हो गया है. पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने हाल ही में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर होने वाला घाटा काफी कम हुआ है. उन्होंने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि पेट्रोल पर प्रति लीटर घाटा 24 रुपये से घटकर 3 रुपये रह गया है, यानी इसमें 83% की कमी आई है. वहीं डीजल पर घाटा 105 रुपये प्रति लीटर से घटकर 27 रुपये रह गया है, जो 75% की कमी दर्शाता है.
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कैसे हुआ तेल कंपनियों का घाटा कम?
वहीं हाल ही में सरकार ने भी तेल कंपनियों की मदद करने के लिए फंड दिया. वित्त विभाग के मुताबिक उन्होंने तेल विपणन कंपनियों को 1.23 लाख करोड़ रुपये की मदद की है. वो ऐसे कि केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ ना डालने के लिए पेट्रोल- डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती कर तेल कंपनियों को राहत दी. ये भी एक बड़ी वजह है कि तेल कंपनियों का घाटा कम हुआ है.
बता दें कि ईरान और यूएस के बीच चल रहे युद्ध की वजह से क्रूड ऑइल की कीमतों में इजाफा हुआ था. जिसक चलते मई के महीने में केंद्र सरकार ने ईंधन की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की थी. इसके बाद भी तेल कंपनियों का कुल घाटा घटकर करीब 600 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गया था. इससे पहले 18 मई 2026 को ये आंकड़ा करीब 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन था.
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