- OpenAI अपने चैटबॉट ChatGPT के उपयोग को सस्ता करेगा।
- डेवलपर्स और बिजनेस के लिए टोकन कीमतें घटाई जाएंगी।
- कीमतों में कटौती से ग्राहकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
- OpenAI एआई को किफायती और अधिक सुलभ बनाना चाहता है।
AI Cost: एआई हर बीतते दिन के साथ एडवांस होती जा रही है, लेकिन इसकी लागत में भी इजाफा देखा जा रहा है. इसी बीच खबर आई है कि OpenAI अपने चैटबॉट ChatGPT के यूज को सस्ता बनाने पर विचार कर रही है. बताया जा रहा है कि डेवलपर्स और बिजनेसेस के लिए कंपनी इसे किफायती बनाएगी. इसके लिए टोकन प्राइस को कम किया जाएगा. जानकारी के लिए बता दें कि टोकन वह यूनिट होती है, जिसके जरिए एआई के यूजर को मापा जाता है और इसी आधार पर कंपनियां पैसे वसूल करती हैं. अगर OpenAI टोकन प्राइस कम करती है तो दूसरी कंपनियों के लिए मुकाबला कड़ा हो जाएगा.
अब प्राइसिंग को लेकर बढ़ रहा है मुकाबला
पिछले दो-तीन सालों से एआई कंपनियों के बीच मॉडल को लेकर मुकाबला था. कंपनियां एक-दूसरे से बेहतर इनोवेशन के जरिए मार्केट में आगे बने रहने की कोशिश करती आई है. यह रेस अभी भी जारी है, लेकिन अब प्राइसिंग को लेकर भी मुकाबला बढ़ रहा है. OpenAI से पहले गूगल भी अपने एआई प्लस प्लान को सस्ता करने का ऐलान कर चुकी है. प्राइस कम करने के साथ-साथ गूगल ने लिमिट और स्टोरेज कैपेसिटी को भी दोगुना करने की बात कही है. OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन भी कह चुके हैं कि एआई पर होने वाला खर्च कई यूजर्स के लिए चिंताजनक स्तर पर बना हुआ है. कंपनियों के एआई बिल आसमान छू रहे हैं.
ज्यादा ग्राहकों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश
टोकन प्राइस को कम करने से OpenAI को अपने पाले में नए ग्राहक जोड़ने का मौका मिल जाएगा. ऐसे समय में जब एंथ्रोपिक से उसका मुकाबला बढ़ रहा है, इस तरह का कदम उसे फिर से नई जान दे सकता है. बता दें कि एआई रेस में एंथ्रोपिक और OpenAI के बीच जबरदस्त कंपीटिशन चल रहा है और दोनों कंपनियां IPO लाने की तैयारी कर रही हैं.
OpenAI ने कहा- एआई को एक्सेसिबल बनाने की जरूरत
हाल में ऑल्टमैन ने कहा था कि OpenAI अब अपनी तीसरी स्टेज में पहुंच रही है, जहां उसका फोकस एआई को किफायती और एक्सेसिबल बनाना होगा. अब न सिर्फ स्मार्टर एआई सिस्टम तैयार होंगे, बल्कि ऐसे सिस्टम बनाए जाएंगे, जिन्हें लोग अपनी डेली लाइफ में यूज कर सकें. उन्होंने कहा कि जैसे बिजली हर जगह उपलब्ध है और इसने लोगों के जीवन को बदल दिया है, वैसे ही OpenAI का मानना है कि एआई भी किफायती, सेफ, पर्याप्त और हर आदमी और कंपनी के लिए एक्सेसिबल होनी चाहिए ताकि हर कोई इसका फायदा उठा सके.
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