संविधान पीठ का आदेश नहीं मानने पर कोर्ट ने एसबीआई को नोटिस जारी कर 18 मार्च तक जवाब मांगा है।
By Arvind Dubey
Publish Date: Fri, 15 Mar 2024 11:33 AM (IST)
Up to date Date: Fri, 15 Mar 2024 11:53 AM (IST)
एजेंसी, नई दिल्ली। चुनावी बांड मामले में शुक्रवार को भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सर्वोच्च अदालत ने एक बार फिर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को फटकार लगाई।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान पीठ के फैसले में स्पष्ट किया गया था कि चुनावी बांड के सभी विवरण मतलब खरीद की तारीख, खरीदार का नाम और मूल्यवर्ग सहित उपलब्ध कराए जाएंगे, लेकिन एसबीआई ने ऐसा नहीं किया। कोर्ट ने एसबीआई को नोटिस जारी कर 18 मार्च तक जवाब मांगा है।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने वेबसाइट पर अपलोड किए जाने वाले डेटा को वापस करने के ईसीआई के अनुरोध को अनुमति दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एपेक्स अदालत के रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल यह सुनिश्चित करें कि दस्तावेजों को स्कैन और डिजिटल किया जाए और एक बार प्रक्रिया पूरी होने के बाद मूल दस्तावेजों को ईसीआई को वापस दे दिया जाएगा और वह इसे 17 मार्च को या उससे पहले वेबसाइट पर अपलोड कर देगा।
चुनावी बांड मुद्दे पर राजनीति तेज
वहीं, इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। बिहार में राजद सांसद मनोज झा ने कहा, लोग इसे आज देख रहे हैं, हर किसी को इसके बारे में पहले से ही पता था…ईडी छापेमारी करती है और कुछ ही घंटों के बाद चुनावी बांड खरीदे जाते हैं। ये सह – संबंध लोकतंत्र की हत्या कर रहा है।
#WATCH पटना (बिहार): चुनावी बांड पर राजद सांसद मनोज झा ने कहा, “लोग इसे आज देख रहे हैं, हर किसी को इसके बारे में पहले से ही पता था…ईडी छापेमारी करती है और कुछ ही घंटों के बाद चुनावी बांड खरीदे जाते हैं। ये सह – संबंध लोकतंत्र की हत्या कर रहा है।” pic.twitter.com/i1DVXn0zOQ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 15, 2024




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