जागरण न्यूज मीडिया की फैक्ट चेकिंग विंग विश्वास न्यूज ने इंदौर में ‘सच के साथी-सीनियर्स’ अभियान के तहत फिर से कार्यशाला का आयोजन किया। इस आयोजन वरिष्ठ नागरिकों को इंटरनेट पर मिलने वाली फर्जी व भ्रामक खबरों से बचने की जानकारी दी गई।
By Anurag Mishra
Publish Date: Fri, 15 Mar 2024 06:56 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 15 Mar 2024 06:56 PM (IST)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जागरण न्यूज मीडिया की फैक्ट चेकिंग विंग विश्वास न्यूज ने इंदौर में ‘सच के साथी-सीनियर्स’ अभियान के तहत फिर से कार्यशाला का आयोजन किया। इस आयोजन वरिष्ठ नागरिकों को इंटरनेट पर मिलने वाली फर्जी व भ्रामक खबरों से बचने की जानकारी दी गई। उनको बताया गया कि फिशिंग लिंक्स वाले संदेशों से वित्तीय नुकसान के साथ छवि खराब होने का भी खतरा होता है।
15 मार्च को इंदौर के श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति में कार्यशाला का आयोजन हुआ। वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोजित कार्यक्रम में जागरण न्यू मीडिया के एडिटर-इन-चीफ एवं सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राजेश उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि आपके मोबाइल पर कई संदिग्ध जानकारियां आती हैं। इन जानकारियों की सच्चाई का पता लगाए बिना, इनको फोरवर्ड न करें। आपको सबसे पहले सोर्स की जानकारी होनी चाहिए। यह आपके लिए टोर्च का काम करेगी, जो आपको सच तक लेकर जाएगी।

उन्होंने कहा कि गलत खानपान होने से शरीर को नुकसान होता है। उसी तरह सूचनाओं का भ्रामक होना व्यक्ति, समाज व देश के लिए नुकसानदायक होता है।
विश्वास न्यूज के एसोसिएट एडिटर एवं फैक्ट चेकर अभिषेक पराशर ने बताया कि आज के दौर में डीपफेक वीडियो व तस्वीरों से बहुत नुकसान हो रहा है। उन्होंने वहां मौजूद वरिष्ठ नागरिकों को सचिन तेंदुलकर के डीपफेक वीडियो से समझाया कि इसको लिप सिंक देखकर या शरीर के हावभाव देखकर पहचाना जा सकता है।
अभियान के बारे में
‘सच के साथी सीनियर्स’ भारत में तेजी से बढ़ रही फेक और भ्रामक सूचनाओं के मुद्दे को उठाने वाला मीडिया साक्षरता अभियान है। कार्यक्रम का उद्देश्य 15 राज्यों के 50 शहरों में सेमिनार और वेबिनार की श्रृंखला के माध्यम से स्रोतों का विश्लेषण करने, विश्वसनीय और अविश्वसनीय जानकारी के बीच अंतर करते हुए वरिष्ठ नागरिकों को तार्किक निर्णय लेने में मदद करना है। इसमें रजिस्ट्रेशन करने के लिए www.vishvasnews.com/sach-ke-sathi-seniors/ पर क्लिक करें।






