Google Maps Fuel Saving Setting : आज के समय में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है. खासकर दिल्ली-NCR समेत बड़े शहरों में रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले लोगों के लिए गाड़ी चलाना पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है. ऐसे में हर कोई यही सोचता है कि आखिर फ्यूल की बचत कैसे की जाए. बहुत कम लोग जानते हैं कि हमारे स्मार्टफोन में मौजूद एक नॉर्मल सी ऐप गूगल मैप्स हर महीने सैकड़ों रुपये तक बचाने में मदद कर सकती है. ज्यादातर लोग इसे सिर्फ रास्ता देखने के लिए यूज करते हैं, लेकिन इसके अंदर एक ऐसा फीचर भी मौजूद है जो कम फ्यूल खर्च करने वाले रास्ते दिखाता है.
अगर इस सेटिंग को ऑन कर दिया जाए तो गूगल मैप्स ऐसे रूट्स सजेस्ट करता है जहां ट्रैफिक कम हो, दूरी छोटी हो और गाड़ी का फ्यूल कम खर्च हो. इससे 10 से 20 प्रतिशत तक पेट्रोल, डीजल या सीएनजी बचाने में मदद मिल सकती है. तो आइए जानते हैं कि गूगल मैप की किस सेटिंग को ऑन करें, जिससे आज ही फ्यूल की बंपर बचत होने लगेगी.
गूगल मैप की किस सेटिंग को ऑन करें?
गूगल मैप्स में एक खास फीचर दिया गया है जिसे Fuel Efficient Routes कहा जाता है. इसका मतलब है कि ऐप आपको ऐसे रास्ते दिखाएगा जहां गाड़ी कम फ्यूल खर्च करेगी. आमतौर पर लोग सबसे तेज या सबसे छोटा रास्ता चुनते हैं, लेकिन कई बार वहां ज्यादा ट्रैफिक होता है. ट्रैफिक में बार-बार ब्रेक और एक्सीलेटर लगाने से फ्यूल ज्यादा खर्च होता है. ऐसे में यह फीचर ऐसे रास्ते ढूंढता है जहां ट्रैफिक कम हो और गाड़ी स्मूद तरीके से चल सके.
कैसे काम करता है यह फीचर?
यह फीचर आपकी गाड़ी के इंजन और फ्यूल टाइप के हिसाब से रूट तय करता है. जैसे पेट्रोल, डीजल और सीएनजी गाड़ियों का फ्यूल खर्च अलग-अलग होता है. जब आप गूगल मैप्स में अपनी कार की जानकारी डालते हैं, तब ऐप उसी हिसाब से बेहतर और फ्यूल बचाने वाला रास्ता दिखाता है.
Google Maps में Fuel Saving Setting कैसे ऑन करें?
1. अगर आप भी फ्यूल बचाना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने फोन में गूगल मैप्स ऐप खोलें.
2. इसके बाद ऊपर दाईं तरफ दिखाई देने वाली अपनी प्रोफाइल फोटो या जीमेल आइकन पर टैप करें.
3. अब Settings वाले ऑप्शन को चुनें.
4. वहीं नीचे स्क्रॉल करें और Navigation ऑप्शन पर क्लिक करें.
5. अब आपको Prefer Fuel-Efficient Routes या Fuel Efficient Routes का ऑप्शन दिखाई देगा. इसे ऑन कर दें.
कार की जानकारी देना क्यों जरूरी है?
इस फीचर को सही तरीके से काम करने के लिए गूगल मैप्स आपकी गाड़ी से जुड़ी कुछ जानकारी मांगता है. इसमें आपको बताना होता है कि आपकी कार पेट्रोल से चलती है या डीजल से, गाड़ी CNG है या Hybrid, इंजन किस प्रकार का है. इन जानकारियों की मदद से ऐप बेहतर रूट तैयार करता है.
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हरे रंग का पत्ता क्या बताता है?
जब आप किसी लोकेशन के लिए रूट सर्च करेंगे, तब कुछ रास्तों के पास हरे रंग का छोटा पत्ता दिखाई देगा. यह Green Leaf इस बात का संकेत होता है कि उस रास्ते पर जाने से फ्यूल की बचत होगी. अगर आप उस रूट को चुनते हैं तो आपकी गाड़ी कम पेट्रोल या डीजल खर्च करेगी.
कितना फ्यूल बच सकता है?
गूगल के अनुसार, यह फीचर ड्राइविंग और ट्रैफिक के आधार पर लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक फ्यूल बचाने में मदद कर सकता है. अगर कोई व्यक्ति रोजाना लंबी दूरी तय करता है तो महीने भर में अच्छी बचत हो सकती है. आज के समय में गूगल मैप्स की मदद से आप ट्रैफिक की जानकारी देख सकते हैं. टोल रोड का पता लगा सकते हैं. पेट्रोल पंप ढूंढ सकते हैं. इसके अलावा रेस्टोरेंट और होटल ढूंढ सकते हैं. दूरी और टाइम का अंदाजा लगा सकते हैं. साथ ही ट्रैफिक फ्री रास्ता चुन सकते हैं. इसी वजह से शहरों में लाखों लोग रोज इसका इस्तेमाल करते हैं.
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