रात की गर्मी से बढ़ा बीमारियों का खतरा, दिल्ली में बढ़ रहे हार्ट के मरीज

रात की गर्मी से बढ़ा बीमारियों का खतरा, दिल्ली में बढ़ रहे हार्ट के मरीज


How Rising Night Temperatures Increase Disease Risk: दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी इस बार सिर्फ दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है. पहले जहां रात का समय शरीर को दिनभर की गर्मी से राहत देता था, वहीं अब बढ़ता तापमान रात में भी शरीर को आराम नहीं लेने दे रहा. डॉक्टरों और रिसर्चर्स का मानना है कि लगातार गर्म रातें अब दिल की बीमारियों, डिहाइड्रेशन और स्ट्रोक जैसे गंभीर खतरे बढ़ाने लगी हैं. 

दिल्ली में पारा 45 पार

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं. लेकिन चिंता की बात सिर्फ दिन की तेज धूप नहीं है. एक्सपर्ट का कहना है कि रात में तापमान कम न होना शरीर के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है. सामान्य तौर पर रात में शरीर खुद को ठंडा करता है और दिनभर के तनाव से रिकवर करता है. लेकिन जब रात में भी गर्मी बनी रहती है, तो शरीर लगातार दबाव में रहता है. 

रात की गर्मी से क्या होता है नुकसान?

रिसर्च में सामने आया है कि गर्म रातें दिल और स्ट्रोक से जुड़ी मौतों का खतरा बढ़ा सकती हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ से जुड़े स्टडी में पाया गया कि जब बेहद गर्म दिन के बाद रात भी असामान्य रूप से गर्म रहती है, तो शरीर को राहत नहीं मिल पाती और स्वास्थ्य जोखिम कई गुना बढ़ जाते हैं. खासकर स्ट्रोक और हार्ट डिजीज का खतरा अधिक देखा गया. 

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दिल्ली जैसे शहरों के लिए क्यों दिक्कत?

दिल्ली जैसे बड़े शहरों में अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव इस समस्या को और गंभीर बना रहा है. कंक्रीट की इमारतें, कम हरियाली और खराब वेंटिलेशन रातभर गर्मी को फंसा कर रखते हैं. इसका असर सबसे ज्यादा उन लोगों पर पड़ता है जो छोटे घरों या बिना एयर कंडीशनर वाले कमरों में रहते हैं. कई घरों में रात के समय भी तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहता है, जिससे नींद प्रभावित होती है और शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता. 

दिल्ली में क्यों बढ़ रही है दिक्कत?

दिल्ली के अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. डॉ. अरविंद कुमार अग्रवाल के मुताबिक, इमरजेंसी वार्ड में डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है. वहीं डॉ अतुल का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और दिल, फेफड़ों या किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है. अब डॉक्टर सिर्फ दिन में धूप से बचने की नहीं, बल्कि रात में शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखने की भी सलाह दे रहे हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने भी गर्मी को दुनिया के सबसे बड़े पर्यावरणीय स्वास्थ्य खतरों में शामिल किया है.

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