CJI के बयान के बाद वजूद में आई कॉकरोच जनता पार्टी, अब तक 40000 से ज्यादा युवाओं ने की जॉइन

CJI के बयान के बाद वजूद में आई कॉकरोच जनता पार्टी, अब तक 40000 से ज्यादा युवाओं ने की जॉइन


भारत की राजनीति में इन दिनों एक ऐसा नाम तेजी से वायरल हो रहा है जिसे सुनकर लोग पहले हंस रहे हैं, फिर सोचने पर मजबूर हो जा रहे हैं. नाम है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP. सोशल मीडिया पर शुरू हुई ये पहल अब युवाओं के गुस्से, बेरोजगारी, सिस्टम से नाराजगी और मीम कल्चर का बड़ा प्रतीक बनती जा रही है. मजेदार बात ये है कि पार्टी खुद को “युवाओं की पार्टी, युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए” बताती है और इसका नारा है “Secular, Socialist, Democratic, Lazy”. इंटरनेट पर हजारों लोग इससे जुड़ चुके हैं और कई लोग इसे सिर्फ मजाक नहीं बल्कि नई तरह की डिजिटल राजनीति मान रहे हैं.

‘कॉकरोच’ नाम के पीछे क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, इस पार्टी का नाम उस विवादित बयान के बाद चर्चा में आया जिसमें कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं, पत्रकारिता, RTI एक्टिविज्म और कानून जैसे पेशों में आने वाले लोगों की तुलना “कॉकरोच” और “पैरासाइट” से किए जाने की बात वायरल हुई थी. हालांकि बाद में सफाई भी आई कि बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर बवाल मच चुका था. इसी शब्द को युवाओं ने व्यंग्य के हथियार की तरह इस्तेमाल किया और “Cockroach Janta Party” नाम सामने आ गया. देखते ही देखते ये इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगा.

सोशल मीडिया पर क्या दिख रहा है और क्यों हो रही इतनी चर्चा?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर CJP के पोस्ट, मीम्स और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. पार्टी खुद को पूरी तरह डिजिटल मूवमेंट बता रही है और दावा कर रही है कि हजारों युवा इससे जुड़ चुके हैं. पार्टी के पोस्ट में मजेदार अंदाज में लिखा जा रहा है कि सदस्य बनने के लिए “बेरोजगार”, “क्रोनिकली ऑनलाइन”, “प्रोफेशनल रैंटर” और “आलसी” होना जरूरी है. लेकिन इसी मजाक के बीच युवाओं की नौकरी, एग्जाम विवाद, सिस्टम में पारदर्शिता और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे गंभीर मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं. पार्टी ने Gen Z वर्चुअल कन्वेंशन कराने की भी बात कही है जिसमें युवा पॉलिसी और गवर्नेंस पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा CJP के मेनिफेस्टो में चीफ जस्टिस के लिए पोस्ट-रिटायरमेंट राजनीतिक पदों पर रोक, महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, मीडिया की स्वतंत्रता और दल बदलने वाले नेताओं पर 20 साल का बैन जैसी बातें भी शामिल हैं.

सीजेआई ने साफ किया था अपना रुख

हालांकि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने अपने विवादित ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ (पैरासाइट) वाले बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि उनके बयान को मीडिया के एक वर्ग द्वारा गलत तरीके से पेश (Misquote) किया गया है और उनका निशाना देश के युवा या बेरोजगार नहीं, बल्कि फर्जी डिग्री धारक थे. सीजेआई ने स्पष्ट किया कि उन्होंने देश के युवाओं की कोई आलोचना नहीं की है और उन्हें भारत की युवा शक्ति पर पूरा गर्व है.

यह भी पढ़ें: Viral Video: ‘गजब हैं पाकिस्तानी’ तरबूज बेचने के लिए नंगे होकर डांस कर रहे पड़ोसी, वीडियो देख नहीं रुकेगी हंसी

सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा दिखाई दे रहा है. कुछ लोग इसे सिर्फ मीम पॉलिटिक्स बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स का कहना है कि पहली बार कोई प्लेटफॉर्म युवाओं की भाषा में उनकी बात कर रहा है. एक यूजर ने लिखा, “देश की पहली ऐसी पार्टी जो कम से कम युवाओं का दर्द तो समझ रही है.” वहीं दूसरे यूजर ने मजाक में कहा, “अब राजनीति भी Reddit और Instagram Reel वाली हो गई है.” कई लोगों ने इसे भारत की “Gen Z राजनीति” का नया चेहरा बताया. फिलहाल ये साफ नहीं है कि CJP आगे चलकर आधिकारिक राजनीतिक पार्टी बनेगी या सिर्फ इंटरनेट मूवमेंट रहेगी, लेकिन इतना तय है कि इसने सोशल मीडिया पर तहलका जरूर मचा दिया है.

यह भी पढ़ें: Viral Video: रेलवे ट्रैक पर फंसे बच्चों के बचाने के लिए मां ने मौत को भी दी मात, वीडियो देख निकल जाएगी चीख