क्या है SEEKHO ऐप, जिसे 150 मिलियन लोगों ने किया डाउनलोड, इसमें लोगों के साथ कैसे हुई ऑनलाइन ठगी?

क्या है SEEKHO ऐप, जिसे 150 मिलियन लोगों ने किया डाउनलोड, इसमें लोगों के साथ कैसे हुई ऑनलाइन ठगी?


जिस ऐप को लोग सीखने का जरिया समझ रहे थे, उसी को लेकर अब कई तरह की शिकायतें सामने आने लगी हैं. वो कहते है न एक सिक्के के दो पहलू, उसी तरह कई यूजर्स का कहना है कि उन्हें “सिर्फ 1 रुपये में ट्रायल” का लालच दिया गया, लेकिन बाद में उनके अकाउंट से ऑटोमैटिक पैसे कटने लगे. यानी उनके साथ फ्रॉड होगया, साथ ही कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्हें पता ही नहीं चला कि उनका सब्सक्रिप्शन चालू हो गया है. कई यूजर्स ने सोशल मीडिया और गूगल प्ले स्टोर पर शिकायत लिखी कि ऐप ने बिना सही जानकारी दिए ऑटो-पे चालू कर दिया, जिससे हर महीने पैसे कटते रहे.

जिस ऐप को लोग सीखने का जरिया समझ रहे थे, उसी को लेकर अब कई तरह की शिकायतें सामने आने लगी हैं. वो कहते है न एक सिक्के के दो पहलू, उसी तरह कई यूजर्स का कहना है कि उन्हें “सिर्फ 1 रुपये में ट्रायल” का लालच दिया गया, लेकिन बाद में उनके अकाउंट से ऑटोमैटिक पैसे कटने लगे. यानी उनके साथ फ्रॉड होगया, साथ ही कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्हें पता ही नहीं चला कि उनका सब्सक्रिप्शन चालू हो गया है. कई यूजर्स ने सोशल मीडिया और गूगल प्ले स्टोर पर शिकायत लिखी कि ऐप ने बिना सही जानकारी दिए ऑटो-पे चालू कर दिया, जिससे हर महीने पैसे कटते रहे.

सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई जो टेक्नोलॉजी को ज्यादा नहीं समझते हैं. साथ ही गांव-कस्बों या छोटे शहरों के कई लोगों ने विज्ञापन देखकर सोचा कि शायद यह ऐप उनकी जिंदगी बदल देगा. जिसमे किसी ने ऑनलाइन बिजनेस सीखने के लिए पैसे दिए, तो किसी ने यूट्यूब या इंस्टाग्राम से कमाई सीखने के नाम पर सब्सक्रिप्शन ले लिया. बाद में कई यूजर्स को लगा कि ऐप पर मौजूद कंटेंट वैसा नहीं था जैसा विज्ञापनों में दिखाया गया था. इसके अलावा कुछ लोगों ने ये तक दावा कर दिया कि उन्हें यूट्यूब पर फ्री में मिलने वाली जानकारी भी पैसे देकर दिखाई गई.

सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई जो टेक्नोलॉजी को ज्यादा नहीं समझते हैं. साथ ही गांव-कस्बों या छोटे शहरों के कई लोगों ने विज्ञापन देखकर सोचा कि शायद यह ऐप उनकी जिंदगी बदल देगा. जिसमे किसी ने ऑनलाइन बिजनेस सीखने के लिए पैसे दिए, तो किसी ने यूट्यूब या इंस्टाग्राम से कमाई सीखने के नाम पर सब्सक्रिप्शन ले लिया. बाद में कई यूजर्स को लगा कि ऐप पर मौजूद कंटेंट वैसा नहीं था जैसा विज्ञापनों में दिखाया गया था. इसके अलावा कुछ लोगों ने ये तक दावा कर दिया कि उन्हें यूट्यूब पर फ्री में मिलने वाली जानकारी भी पैसे देकर दिखाई गई.

Published at : 14 May 2026 01:37 PM (IST)

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